Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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June 24, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

भेदभाव की राजनीति – युवा बनाम प्रौढ लेखक

 

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता

भेदभाव की राजनीति – युवा बनाम प्रौढ लेखक

भेदभाव बहुत है समाज में … जी नही, ना तो मैं किसी जाति न किसी गोरे, काले और ना ही अमीर, गरीब का भेदभाव  कर रही हूं ये भेदभाव है युवा और प्रौढ लेखको के बीच… बात बहुत पुरानी है जब बचपन में लिखा करती थी तो यही कहा जाता था अभी बच्चे हो, बडे हो जाओ फिर लिखना … समय बीता और लो जी हम बडे यानि युवा भी हो गए … फिर सम्पादक महोदय के चक्कर काटे… अपने लेख छपवाने के सिलसिले मे… बेशक, बहुत सराहना मिली पर यह भी कहा गया कि हम अपनी पत्रिका में जरा अनुभवी लेखको को लेते हैं जरा आप आठ दस साल अनुभवी हो जाईए Mature हो जाईए  फिर देखिए हमारी पत्रिका आपके लेख जरुर लेगी..

इसी बीच एफएम भी शुरु हुआ वहां भी बहुत सराहना मिली, आवाज की तारीफ भी हुई पर यह भी कहा गया कि एफएम पर युवाओ को ही मौका दिया जा रहा है… वहीं जब एक सम्मान और पुरस्कार की बात हुई वहां कहा गया कि भले ही आपकी उपलब्धियां अलग हों पर फिर भी आप थोडे से और परिपक्व हो जाईए…ये सुनते सुनते अब तो बालों से भी सफेदी झांकने लगी थी… और इंतजार था और परिपक्व होने का फिर …. लिख लिख कर अब हम पूरी तरह से बडे,  Mature या दूसरे शब्दों में बूढे हो चुके हैं अब क्या …

आज फिर एक सम्पादक के आफिस जाना है एक घंटा इंतजार करवा कर सम्पादक महोदय मिले और मेरी उपलब्धियों से प्रसन्न हुए और बोले  कि इस बार से हम कुछ बदलाव करने जा रहे हैं और इस बार से एक साल तक हम सिर्फ युवाओ को ही स्थान देंगें… आप फिर भी अपने लेख छोड जाईए मैं खुश हो गई तो क्या अब मेरे लेख प्रकाशित करेंगें इस पर वो बोले जी इसकी तो गारंटी नही पर अगर खुदा न खास्ता आप अचानक ऊपर चली गई तो यानि खुदा को …. तो ह हा हा हम सबसे पहले आपका पूरा परिचय प्रकाशित करेंगें…और एक आधा लेख भी … क्या !!!

मैं गुस्से में उठी और  अचानक मेरी नींद खुल गई… जान मे जान आई …कि ये सब सपना था असल में, आज एक अखबार मे आया हुआ था कि वो  युवा लेखकों को ही  मौका देंगें … मन भी बहुत उधेड बुन चल रही थी शायद यही सोचते सोचते नींद आ गई होगी… वो तो शुक्र है कि आज के समय में ब्लॉग है अपनी बात कहने के लिए … अन्यथा उन्होनें तो मेरे मरने के बाद का ही प्रोग्राम तय कर रखा था… ह हा हा .. मैं खुद पर मुस्कुरा दी.

मैने अपना ब्लॉग़ खोला और युवाओं और प्रौढ  लेखको के भेदभाव पर लिखना शुरु कर दिया …..और निशाने पर लिए देश को चलाने वाले नेता … जब पचास पचास साल के अधेड नेता युवा हो सकते हैं तो लेखक युवा क्यो नही हो सकता …

वैसे आपके इस बारे में क्या विचार हैं जरुर बताईएगा …

बाल कहानी- भईया भी जरुर पढे 🙂

May 3, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा

कुछ देर पहले सडक पर एक पिता शायद अपने छोटे से बच्चे को स्कूल छोडने जा रहे थे.बच्चा स्कूल नही जाना चाह रहा रहा था इसलिए रो रहा था और उसके पिता भी उसे गुस्से मे बोल रहे थे कि स्कूल नही जाएगा तो जमादार बन जाएगा सडक पर झाडूं लगाएगा कहते कहते और जोरदार चांटे जड दिए. अब सोचने की बात यह है कि बच्चा रो किसलिए रहा है यह वजह पता लगाने की कोशिश करके हल निकालना चाहिए. ये मारपीट कोई हल नही है.

 

आज अचानक एक खबर ने चौक दिया जिसमें एक लडकी ने छ्त से कूद कर आत्महत्या इसलिए कर ली कि IIT-JEE pass करने के बाद भी वो इंजीनियर नही बनना चाह्ती थी. उसने अपने सोसाईड नोट मे लिखा कि उसकी मम्मी ने उसे साईंस दिलवा दी थी .. जबकि उसका कोई interest नही था उसमे… !!

17 year old Girl commit suicide after cracking JEE, didn’t want to be an engineer – Navbharat Times

17 year old Girl commit suicide after cracking JEE, didn’t want to be an engineer – Navbharat Times

 

कोटा जहां ज्यादातर बच्चे शिक्षा के लिए जाते हैं एक खबर के अनुसार वहां ये पाचंवी खुदकुशी है…

कई पेरेंटस तो कालिज मे आने के बाद वो विषय दिलवाते हैं जिसकी बच्चे मे कोई रुचि नही होती. फिर वजह बनती है बच्चो मे टेंशन की और बच्चा पढाई मे पिछडता चला जाता है या फिर कोई गलत रास्ता( नशा या खुदकुशी आदि) रास्ता चुन लेता है.

 

इसी बीच एक अन्य खबर राहत लेकर आई जिसमे कोटा के डीसी ने माता पिता को चिठ्ठी लिख कर मार्मिक अपील की है कि वो बच्चे पर अपनी इच्छाओं का बोझ न डालें .डीसी कोटा श्री रवि कुमार ने पांच पेज का पत्र लिखा है

Kota DC writes To Parents, Do not burden your children – Navbharat Times

कुमार ने लिखा है, ‘कोटा शहर के DC होने के नाते मैं यहां पढ़ने आए आपके बच्चों का स्वागत करता हूं। यह मेरा सौभाग्य है कि मैं देश के युवा हुजूम का स्वागत करता हूं। यहां पढ़ने आए बच्चे भविष्य में सफल होकर आधुनिक भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हैं।’ सुरपुर ने पत्र में अभिभावकों से परिपक्व व्यवहार करने की अपील की। पत्र में सुरपुर ने युवा छात्रों की खुदकुशी की घटनाओं का हवाला देते हुए लिखा कि खुदकुशी करने वाले बच्चों के माता पिता की उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। अपेक्षाओं के बोझ तले बनावटी दुविधा में जीने के बजाय उन्होंने मौत को गले लगाना आसान समझा। यह बहुत तकलीफदेह है। उन्होंने लिखा, ‘बच्चों को बेहतर प्रदर्शन के लिए डराने धमकाने या फिर अपेक्षाओं का बोझ लादने की जगह आपके सांत्वना के बोल जरूरी हैं। नतीजों को भूलकर बेहतर करने के लिए प्रेरित करना, मासूम कीमती जानें बचा सकता है।’ DC ने पूछा, ‘क्या माता पिता को बच्चों की तरह अपरिपक्वता दिखानी चाहिए? Kota DC writes To Parents, Do not burden your children – Navbharat Times

 

कुल मिलाकर आज के बच्चो के मन को देखते हुए माता पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. उन्हें बच्चो को बहुत प्यार से हैंडल करने की जरुरत है अन्यथा .

करियर विकल्प , बच्चे और अपेक्षा के बोझ तले युवा के बारे में आपकी क्या राय और सोच है जरुर बताईएगा …

 

 

youth reading photo

Photo by Enokson

April 22, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

एक कडवा सच- रंगीन दुनिया का बदरंग चेहरा

एक कडवा सच- रंगीन दुनिया का बदरंग चेहरा

एक कडवा सच- रंगीन दुनिया का बदरंग चेहरा

खुद पर लक्ष्मण रेखा जरुरी है..

कुछ समय पहले  आनन्दी बनाम प्रत्यूषा की आत्महत्या ने सकते में डाल दिया पर जैसे जैसे इस बारे में और खबरें आती गई हैरानी बढती चली गई…!! मन अनेक सवालों से घिरता चला गया…!!

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(तस्वीर गूगल से साभार)

चाहे फिल्मी दुनिया हो या धारावाहिक की दुनिया बेहद आकर्षित करती है पर अगर हम अपने दायरे में नही रहे तो यही दुनिया हमें ऐसे अंधेरें में ला पटकती है जिसका कही कोई उजाला नही होता.

अब अगर आनंदी यानि प्रत्यूषा की बात करें तो लिव इन में रहती हुई वो न सिर्फ प्रेग्नेंट थी बल्कि नशा भी करती थी वो अलग बात है कि उसके दोस्त ने उसे नशा करना सीखया.. अब हम  कितनी भी बातें बना लें कितनी दलील दे दें पर खुद पर काबू रखना बहुत जरुरी है … चाहे विदेश में रहें , मुंबई या मैट्रो मे रहें या छोटे से शहर की तंग गली में या गांव में हो नियम सभी पर लागू होते हैं …महिलाओं को खुद के लिए एक लक्षमण रेखा जरुर खीचनी चाहिए और जहां दायरे से बाहर जाते दिखे अपने पावं खीचं लेने चाहिए.

बडे बडे दफ्तरों में काम करने का ये मतलब भी नही कि शराब, सिग्रेट व अन्य नशो के साथ देर रात कही बाहर रहो…

बेशक,आज के समय में लडकी को बेहद आजादी मिली है पर इसका दुरुपयोग भी सही नही है .. एक नियत दायरे में रहना बहुत जरुरी है पढने की, नौकरी करने की, पैसा कमाने की  आजादी का दुरुपयोग नही करना चाहिए.

बेशक, आज समय बदल गया है मार्डन भी रहना चाहिए… सब कुछ करना चाहिए  पर एक दायरे में रह कर….!!  ताकि बाद में गर्भपात या आत्महत्या जैसा गम्भीर कदम न उठाना पडे..

 

Pratyusha Banerjee and Rahul Raj Singh Mutually Decided to Abort the Baby – bollywood.bhaskar.com

प्रत्यूषा बनर्जी सुसाइड केस को लेकर ब्वॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह ने नए खुलासे किए हैं। राहुल ने माना है कि प्रत्यूषा उसके बच्चे की मां बनने वाली थी। हालांकि, उसने कहा कि अबॉर्शन का फैसला दोनों ने मिलकर लिया था। राहुल ने पुलिस को बताया कि 1 अप्रैल को जब ‘बालिका वधू’ फेम एक्ट्रेस ने सुसाइड किया, उस दिन क्या हुआ था। प्रत्यूषा के प्रेग्नेंट होने को लेकर राहुल ने क्या बताया… read more at bollywood.bhaskar.com

 

Doctors confirm that Pratyusha Banerjee was Pregnant- , – Patrika News

जेजे अस्पताल में प्रत्यूषा के यूट्रस के टिश्यूज का हिस्टोपैथालॉजिकल एग्जामिनेशन किया गया था। उसी के बाद ये खुलासा हुआ है। एक अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यूषा कुछ दिन पहले या महीने भर पहले प्रेग्नेंट हुई थी। यूट्रस में सेकंड्री इन्फेक्शन और इन्जरी मिली है जो कि मिसकैरिज या प्रेग्नेंसी हटाते वक्त होता है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी इन्जरी तभी होती है जब गर्भपात कराया गया हो। गौरतलब है कि फोरेंसिक सर्जन्स को प्रत्यूषा के यूट्रस में सफेद रंग का थिक फ्लूड मिला था। ये प्रेग्नेंसी के शुरुआती स्टेज की ओर इशारा करता है। read more at patrika.com

 

माता पिता बहुत विश्वास से अपने बच्चों को बाहर नौकरी करने  अपने से दूर बहुत दूर बाहर भेजते हैं ताकि वो अपने सपने पूरे कर सके.. इसलिए उनका विश्वास बनाए रखना हमारा कर्तव्य होना चाहिए…

एक कडवा सच- रंगीन दुनिया का बदरंग चेहरा … और अगर लक्ष्मण रेखा लांध गए तो …. ????

 

 

 

April 21, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

सूखा, हैलीपैड , छिडकाव और पानी पर राजनीति

सूखे पर कार्टून

सूखे पर कार्टून सूखा, हैलीपैड , छिडकाव और पानी पर राजनीति

जल एक गम्भीर सकंट

जहां एक ओर पानी के लिए  ट्रैन  पानी की दुर्दशा देखते हुए महाराष्ट्र रवाना हो रही हैं ताकि पानी की किल्लत न रहे वही दूसरी ओर जब नेता हैलीकाप्टर से जाते है तो छिडकाव करके हैलीपैड को सुरक्षित बनाया जाता है ताकि धूल न उडे … बहुत नाईंसाफी है ये !!!

Maharashtra minister accused of wasting 10K ltrs of water to build helipad in parched Latur – Navbharat Times

Maharashtra minister accused of wasting 10K ltrs of water to build helipad in parched Latur – Navbharat Times

 

WATER WASTAGE FOR NEW HELIPAD MAE FOR UNION MINISTER RADHAMOHAN SINGH-v18370

केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह के लिए हेलीपैड बनाने में हुई पानी की बर्बादी, पानी की बर्बादी को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता की प्रतिक्रिया read more at jagran.com

वैसे आपका इस बारे में क्या विचार है कि छिडकाव करके पानी बहाया जाना कितना सार्थक  है  … आपके विचारों का स्वागत है

April 5, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

सोशल मीडिया, वायरल होती पोस्ट और लाईक, कमेंटस का बाजार

like cartoon by monica gupta

ट्रैफिक, लाईक, कमेंटस का ट्रैफिक और वायरल होता सोशल मीडिया का बाजार

E Media और मन की बात

सोशल मीडिया,वायरल होती पोस्ट और लाईक, कमेंटस का बाजार

Like  के लिए कुछ भी करेंगें.. हर रोज खबरे पढने या सुनने को मिलती रहती हैं कि सैल्फी छ्त से लेते हुए या समुंद्र के किनारे लेते या  बस की छत पर लेते हुए दुर्धटना धटी … ये किसलिए होता है अरे भई एक कमेंट एक लाईक के लिए ही ना… तो है ना E Media सोशल मीडिया का बाजार

 

 

like cartoon by monica gupta

सोशल मीडिया,वायरल होती पोस्ट और लाईक, कमेंटस का बाजार

मन की बात

Social Media की दुनिया में हमेशा वायरल होने का इंतजार रहता है मन करता है कि खूब ट्रैफिक हो … चाहे दिन हो या रात हो …  और बस लाईक और कमेंटस मिलते ही रहें मिलते ही रहें … !!  क्योकि खुदा न खस्ता अगर ये नही है  तो व्यक्ति डिपरेशन में चला जाता है और  उसका ठीक होना बहुत मुश्किल हो जाता है..

अब देखिए इस बात की खबर सभी को है तभी तो भिखारी बाबा भी

चंद पैसे के बदले ढेरों कमेंटस का, लाईक का और वायरल होने का आशीर्वाद दे रहे हैं … !!  

आज बदल गया है आशीर्वाद देने का अंदाज !!

 

February 22, 2016 By Monica Gupta Leave a Comment

राष्ट्रभक्ति और प्रमाण पत्र

india cartoon by monica gupta

राष्ट्रभक्ति और प्रमाण पत्र

हम भारत देश में रहते हैं और हमें अपने देश से प्यार है. हमारे पास यहां रहने के लिए सारे सबूत हैं. जन्म प्रमाण पत्र, शिक्षा का, निवास का ,आधार कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड, पैन कार्ड आदि पर देशभक्ति का प्रमाण पत्र नही है.. पर आजकल जिस तरह से हालात बन रहे हैं लगता है कि अब इन प्रमाण पत्रों के साथ साथ  देशभक्ति का प्रमाण पत्र भी दिखाना होगा अब बडा प्रश्न ये है कि ये प्रमाण पत्र क्या सरकार देगी … और अगर हां तो कौन सा विभाग देगा … india cartoon by monica gupta

वैसे राष्ट्रभक्ति और प्रमाण पत्र के बारे में आपके क्या विचार है ..

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