Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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October 20, 2015 By Monica Gupta

हे न्यूज चैनल्स

कार्टून ( मोनिका गुप्ता )

कार्टून ( मोनिका गुप्ता )

  हे न्यूज चैनल्स

 

बचपन में हम एक खेल खेलते थे. गाय उड, चिडिया उड, फल उड, आज शायद यही खेल न्यूज चैनल खेल रहा है. एक खबर बनती है और दूसरी फुर्र करके उड जाती है… किसान आत्महत्या की खबर उड. इंद्राणी उड, रेप उड, विवादित बयान उड, अकादमी सम्मान उड…

कल मणि से बात होते होते बहस में तबदील हो गई. असल में, बात हो रही थी न्यूज चैनल की. जिस तरह से खबरें परोसी जा रही हैं… अंतहीन बहस हो रही है उस का क्या प्रभाव हो रहा है समाज पर. मेरी राय यह थी कि  न्यूज चैनल आतंक फैला रहे है जहां उनकी भूमिका निष्पक्ष होनी चाहिए पर उससे उलट वो टीआरपी बढाने के चक्कर मे कुछ भी परोसे जा रहे हैं जबकि उनके उपर बहुत बडा दायित्व है समाज के प्रति. उसके क्या पूछ्ने पर मैने बताया चाहे हिंदू मुस्लमान के झगडे हो या बडबोले नेताओ के विवादित बयान… अरे !!! जो जरुरी ही नही है वो किसलिए दिखाए जाएं… ना दिखाने की बात तो दूर वो तो तोड मरोड के पेश किए जा रहे हैं फिर उस पर लोगो के टवीट दिखाते हैं और एक घंटा बहस करवाते हैं और नतीजा … गई भैंस पानी में …यानि शून्य…

इस पर उसका कहना था कि कई खबरे जरुरी होती है दिखाना चाहिए कि समाज में क्या क्या हो रहा है  !!! और हिंदू मुस्लमान के झगडे ??? मैने बीच मे ही बात काटी… ये क्या है इससे क्या भला होगा समाज में बल्कि बार बार दिखा कर आपसी नकारात्मकता और हिंसा को ही बढावा मिलेगा… बिल्कुल गलत ट्रैक पर चले गए हैं न्यूज चैनल..बस अपने 24 घंटे पूरे करने हैं जिसमें मार काट, दंगे, विवादित बयान और विज्ञापन ही मकसद रह गया है. एक तरफ कैंसर की बात करेंगें दूसरी तरफ पान मसाला उस  कार्यक्रम को प्रायोजित करता है !!  बहुत उलझा हुआ मसला है ये !!

ऐसा नही था हमारा देश.. !! अचानक मैं इमोशनल हो गई. हिंदू ,मुस्लमान को हमने कभी नही अलग समझा. बचपन मे भी यही पढा था कि भारत में भिन्नता होते हुए भी एकता का देश है और वाकई था … पर जिस तरह से घर वापिसी और बीफ, मार काट के मुद्दे उठे मानों खबरों का पूरा संसार ही बदल गया. बीफ गौ वध सुन सुन कर कान ही पक गए. मेरे एक मित्र बता रहे थे कि आजकल न्यूज चैनल लगाने मे एक डर सा लगने लगा है..पता नही क्या झेलना पड जाए. और तो और साहित्य अकादमी को लेकर सम्मान लौटाने के मुद्दे को भी इन्होने बेवजह बहुत तूल दे दिया और भिडा दिया साहित्यकारों को …!!! राजनीति डाल दी उनके लेखन में !!! बेशक, जिस तरह से साहित्यकारों में अपवाद हैं ठीक वैसे ही न्यूज चैनल्स में भी अपवाद हैं …

पर फिर भी समझ नही आता कि बेसिर पैर की खबरे दिखा कर क्या मकसद पूरा करना चाह्ते हैं.

अरे भई !!!दिखाओ पर दोनो पहलू तो दिखाओ … सकारात्मक दिखाते नही बस नकारात्मकता के पीछे ही पडे हुए हैं. मैं खुद भी दस साल ज़ी न्यूज से जुडी रही हूं पर यकीनन तब इतना बुरा हाल नही था खबरों का…!!! शायद इसलिए कि तब टवीटर और सोशल मीडिया इतना तेज नही था..

आज इंसानियत उड, संवेदनशीलता उड…. गम्भीरता उडन छू हो चली है और बिना किसी निष्कर्ष के हमारी भी बह्स गर्म चाय पर समाप्त हो गई.

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानों ये न्यूज चैनल रावणी हंसी हंस रहे हों और हम दर्शक सीता के समान हाय राम हाय राम चिल्ला रहे हो … कि आओ हमे इससे बचाओ …!!!( राम लीला का मौसम  है न इसलिए ये डायलाग लिखना जरुरी है)

हे न्यूज चैनल्स जरा रहम करो !!! ईश्वर आपको सदबुधि प्रदान करे!!!

 

 

 

 

October 19, 2015 By Monica Gupta

साहित्य सम्मान

साहित्य सम्मान ( मोनिका गुप्ता)

साहित्य सम्मान ( मोनिका गुप्ता)

      साहित्य सम्मान

साहित्य अकादमी अवार्ड लौटाने का जिम्मा जिस तरह से न्यूज चैनल वालो ने लिया हुआ है वो कमाल है …

हद तो तब हो गई जब वो घर घर घुस कर साहित्य अकादमी सम्मान आन लाईन लाईव लौटाने की बात कर रहे हैं … भई हम तो नही लौटाने वाले ये बात तो पक्का है .

 

BBC

उर्दू के जाने माने शायर मुनव्वर राना ने एक लाइव टीवी कार्यक्रम के दौरान अपना साहित्य अकादमी अवॉर्ड लौटाने का ऐलान किया है.

राना से पहले चालीस से ज़्यादा साहित्यकार अपने साहित्य अकादमी अवॉर्ड लौटा चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से बात करते हुए मुनव्वर राना ने कहा कि वे ये अवॉर्ड मौजूदा हालात के विरोध में लौटा रहे हैं.

कुछ दिन पहले ही मुनव्वर राना ने फ़ेसबुक पर पोस्ट किया था कि अवॉर्ड लौटाने से हालात नहीं बदलेंगे, साहित्यकारों को अपनी क़लम उठानी होगी.

लेकिन अब अपने अवॉर्ड लौटाने के फ़ैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, “लोग ये समझते हैं कि या तो मुनव्वर राना डर गए हैं या बिक गए हैं, अगर मुझे बिकना होता तो मैं चालीस बरस पहले बिक गया होता, अब कौन मेरी क्या क़ीमत देगा. मेरे लिए ये अवॉर्ड बोझ बन गया था. बस वो बोझ उतारा है.” Read more…

वैसे न्यूज चैनल जिस तरह से इन दिनों अपनी भूमिका निभा रहे हैं अत्यंत दुखद है

साहित्य सम्मान

October 18, 2015 By Monica Gupta

रावण का इतिहास – रावण की सैलरी

रावण का इतिहास

रावण का इतिहास बेहद दमदार और शानदार रहा तभी तो रामलीला के राजा राम भी कह रहे हैं कि अगली बार राम लीला में उन्हें ही रावण बनाना क्योकि उसकी सैलरी भी अच्छे है और गहने भी

कार्टून रावण ( मोनिका गुप्ता)

कार्टून रावण ( मोनिका गुप्ता)

 

रावण की सैलरी

रावण का इतिहास मुझे नही पता… मुझे भी रावण बनना है राम नही … क्योकि रावण की सैलरी भी अच्छी है और ज्वैलरी भी इस लिए मुझे भी रावण बनना है !!

ravan got much salary than ram in ramleela – Navbharat Times

रामलीला में राम-लक्ष्मण का रोल हो या हनुमान का, ऐक्टिंग कर रहे कलाकारों को अच्छा मेहनताना तो रावण का रोल करने में ही मिल रहा है। गौरतलब है कि अभिनय कर रहे मर्यादा पुरुषोत्तम राम और रावण की सैलरी में दोगुने तक का अंतर है। इतना ही नहीं कॉस्ट्यूम के वजन की बात करें तो रावण के कॉस्ट्यूम का वजन रामलीला के अन्य सभी पात्रों की ड्रेस पर कहीं ज्यादा भारी है।
राम की ड्रेस बनाने में 10 लाख रुपये लगे, वहीं रावण का कॉस्टयूम में 15 लाख रुपयों का खर्च आया। इसी तरह से शालीमार बाग की रामलीला के आयोजक दावा कर रहे हैं कि रावण जितनी महंगी ड्रेस किसी भी अन्य पात्र की नहीं है। उनकी पांच किलो की ड्रेस में लाइट लगी हुई है और अकेले मुकुट का वजन 9 किलो है। वहीं तलवार का वजन पांच किलो है और उनका ये पूरा गेटअप राम ही नहीं, रामलीला के हर कलाकार पर भारी है। Read more…

रावण की सैलरी को लेकर आपके क्या विचार हैं जरुर बताईगा !!!

October 18, 2015 By Monica Gupta

Facebook – फेसबुक और हमारी सोच

Facebook - फेसबुक और हमारी सोच

 Facebook – फेसबुक और हमारी सोच – Are You Ready !! फेसबुक  हमारी जिंदगी का अभिन्न अंग बन चुका है सुबह शाम रात और देर रात बस अब यही है  इस से जुडे रहना अच्छा भी लगता है. कल नव भारत टाइम्स में एक लेख पढा कि किन लोगो को फेसबुक पर करें नमस्कार … यकीनन उत्सुकता हुई और उसे पढने बैठ गई.

Facebook – फेसबुक और हमारी सोच

उसमे कुछ इस प्रकार  लिखा था कि जो बेसिर पैर के स्टेटस अपडेट करे और नकारात्मक टाईप स्टेट्स लिखे उसे दूर से ही नमस्कार करें.

कुछ लोग बात बात पर पैसे की शेखी दिखाते हैं और कुछ लोग जो हर छोटी से छोटी बात भी फेसबुक पर डालते हैं इतना ही नही बे फिजूल बातों लिख कर ढेर सारे लोगों को टैग भी करतें हैं ऐसे महानुभावों को भी नमस्कार करें एक और बहुत सही बात लिखी थी और वो ये कि कुछ लोग फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और लिखते हैं कि स्कूल टाईम या कालिज में आपकी/ आपका जूनियर थी/ था.जिसे पढ कर हम सोच मे पड जाते है और मित्रता स्वीकार कर लेते हैं.

facebook photo

Photo by stoneysteiner

 इस बात ने इसलिए प्रभावित किया कि बहुत दिनों से एक लडकी का मैसेज आ रहा है कि वो मेरी कालिज टाईम में जूनियर थी. मैने पूछा कब तो जो उसने बताया वो मैं नही थी. मेरे मना करने के बाद भी  वो बार बार मुझे मैसेज कर रही है.जानबूझ कर कभी हैलो, कभी हाय तो कभी अपनी फोटो भेजती है. मैं, अब समझी कि इस तरह की हरकतें होती रहती हैं इसलिए मैनें उस लडकी को पूरी तरह से इग्नोर कर रखा है.

फेसबुक पर इन 7 तरह के दोस्तों को कहें ‘नमस्ते’ – टेकराडार से लिए गए निम्न विचार- Navbharattimes Photogallery

फेसबुक पर इन 7 तरह के दोस्तों को कहें ‘नमस्ते’ – टेकराडार से लिए गए निम्न विचार- Navbharattimes Photogallery

 

बताईए कैसे कैसे लोग है फेसबुक पर. वैसे फेसबुक पर एक ही गलती हुई अभी तक … एक लडकी से दोस्ती हुई. कुछ समय बाद पता चला कि वो लडकी नही लडका था. मैने तुरंत उसे गुस्सा करके अनफ्रैंड और ब्लाक कर दिया पर उसके बाद बहुत सोच समझ कर मित्रता की. चाहे लडका हो या लडकी सभी को बहुत सोच समझ कर मित्रता करनी चाहिए अन्यथा फेसबुक को दूर से ही नमस्कार करने मे भलाई है !!!

फेसबुक कही फेकबुक न बन जाए. वैसे आपके क्या विचार है या अनुभव है जरुर बताईएगा !!

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October 18, 2015 By Monica Gupta

विवादित बयान और नेता जी

laloo ji by monica gupta

 विवादित बयान और नेता जी

    आश्चर्यजनक किंतु सत्य… इस बात मे कोई दो राय नही कि रिश्वत खाने वाले व्यक्ति को हम जरा भी पसंद नही करते और धोटाले अगर और भी संगीन हो तो नफरत या आक्रोश और बढ जाता है पर पता नही लालू जी के संदर्भ में ये बात कहना सही नही..

यह जानते हुए कि लालू जी बेहद भ्रष्ट रहे, जेल भी गए और ढेरों बच्चो की वजह से सुर्खियों में भी रहे पर लालू जी कभी नेता लगे ही नही. उनका बात करने का अंदाज , बात बात पर घुडकी देना, बहुत ही भाता है. मेरे विचार से शेखर सुमन ने जिस अंदाज में उन्हें प्रस्तुत किया था वही एंटेनटेनर की छाप दिमाग मे तरोताजा है. बेशक, चुनाव नही लड रहे हैं लालू जी,पर रैली में अगर लालू जी हैं तो देखना और उन्हें सुनना जरुरी हो जाता है.

बेशक, हाल ही में चुनाव के चलते चुनाव आयोग ने  लालू प्रसाद को उनकी कथित जातिगत टिप्पणी को लेकर आगाह किया और इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उनसे भविष्य में चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय ‘अधिक सतर्क’ रहने को कहा। वही उनका पिशाच बोलना और ये कहना कि पीली सरसों और मिर्च का धुंआ करके उनको भगा देंगें… या पैट्रोल पीए या दाल …!!! सभी  सुर्खियों में रहा..

हाल ही मे एक मंच पर जब माईक की आवाज सही नही आ रही थी तो उन्होने साऊंड सिस्टम वाले को खूब लताडा जिसे दर्शकों ने बहुत एंजाय किया. वही जब उनके ऊपर फैन गिरा यानि पंखा तो अचानक लगा ओह !! ये क्या हुआ !! पर बचाव हो गया और लालू जी माता रानी की कृपा बताते हुए अपना भाषण दिया.. है ना आश्चर्यजनक किंतु सत्य !!

विवादित बयान और नेता जी

October 17, 2015 By Monica Gupta

रावण की कहानी – दुष्कर्म का बढता ग्राफ

रावण की कहानी

रावण की कहानी  पढें या भले ही हम रावण के इतिहास में झाकें और आज दशहरे पर उन्हें खत्म कर दें पर असलियत यही है कि दिन प्रति दिन दुष्कर्म की खबरे मिल जाती हैं जिससे रावण भी हैरान हैं

कार्ट्न रावण ( मोनिका गुप्ता)

रावण की कहानी

रावण की कहानी – दुष्कर्म का बढता ग्राफ

रावण की कहानी जो भी हो पर दुष्कर्म का बढता ग्राफ यकीनन चिंता का विषय है. रामलीला मैदान से बच्ची का अपहरण करके उसके साथ रेप की घटना ने चौका दिया और साथ ही साथ शर्मसार भी कर दिया.

रावण खुद भी हैरान हैं कि उसकी तो अभी तक ऎट्री नही हुई तो अपहरण कैसे हो गया ??? रावण को क्या पता कि यहां कलयुग की रामाय़ण चल रही है … बहुत रावण भरे पडे हैं यहां !!!

दिल्ली मे रहने वाली दो मासूम बच्चियों के साथ अपहरण और फिर गैंगरेप और बलात्कार ने एक बार फिर होश उडा दिए. बेशक अब राजनीति शुरु हो गई है और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरु हो गए हैं पर अगर इन सब से ये दुर्धटनाए थमती हैं तो आरोप हम भी लगाने को तैयार हैं  पर अफसोस !! दोनो  बच्चियां बेहद गम्भीर अवस्था में अस्पताल लाई गई. कब रुकेंगी ऐसी घटनाएं !!!

https://monicagupta.info/cartoons/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A3-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82/

 

रावण की कहानी – दुष्कर्म का बढता ग्राफ के बारें में आपके क्या विचार हैं .. ??

 

October 16, 2015 By Monica Gupta

बीफ मुद्दा

beef cartoon by monica gupta

beef cartoon by monica gupta

 

बीफ मुद्दा

आपरेशन बीफ

यही सही रहेगा… नेता जी की जुबान से बीफ शब्द ही डिलीट कर देता हूं … न नेता बोलेगें न मीडिया भैस ओह क्षमा न मीडिया इस मुद्दे पर बहस करेगी!!! लगता है समाज मे इसके अतिरिक्त और कोई मुद्दा ही नही रह गया !!! बहुत अफसोस होता है ये सब देख सुन कर !!

बीफ मुद्दा

October 16, 2015 By Monica Gupta

Ways to Encourage

Ways to Encourage

 

अच्छी,  प्रेरित करने वाली बातें हमेशा हमारा हौंसला बढाती हैं. गूगल सर्च के दौरान एक प्रेरक प्रसंग पढा और उसने बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया.

प्रसंग पढा कि एक स्कूल मे सांस्कृतिक कार्यक्रम होना था.सभी बच्चे उसमे हिस्सा लेना चाह्ते थे. एक बच्चे का तो बहुत ही ज्यादा मन था कि वो भी उसमे हिस्सा ले. टीचर ने बच्चो को ओडिशन के लिए बुलाया. बच्चे ज्यादा थे और कार्यक्रम कम थे.

खैर, सभी बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे. एक बंद हॉल में टीचर बच्चों का आडिशन ले रहे थे. बाहर बैठे माता पिता परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे थे. थोडी देर बाद कुछ बच्चे चहकते हुए और बाक़ी चेहरा लटकाए हुए, बाहर आए. वो बच्चा जिसका बहुत ही ज्यादा मन था हिस्सा लेने का वो दौड़ता खुश होता हुआ अपनी मां के पास आया. मां बच्चे को देख कर खुश हुई और सोचा कि बच्चा खुश होकर बाहर आया है जरुर वो भी किसी मे हिस्सा ले रहा होगा. तभी बच्चा बोला ‘जानती हो मां, क्या हुआ?’ मां ने चेहरे पर अनजानेपन के भाव बनाए और उसी मासूमियत से बोली, ‘नही , पता नही बताओ क्या हुआ???
बच्चा उत्साह से बोला, ‘टीचर ने सभी से अभिनय कराया. वो जो रोल चाहता था, वह तो किसी और बच्चे को मिल गया. लेकिन जानती हो, उसकी भूमिका तो नाटक के किरदारों से भी बड़ी मजेदार है।’ मां को बड़ा आश्चर्य हआ कि ऐसा क्या रोल मिला है । बच्चा बेहद उत्साहित होकर बोला, ‘अब मैं ताली बजा कर प्रोत्साहित करुंगा …
पढ कर बहुत अच्छा लगा. वाकई, अगर हम जिंदगी के रंगमंच की बात करना करें तो हम सभी किसी न किसी किरदार मे दिखना चाह्ते हैं पर किसी को शाबाशी देना या प्रोत्साहित करना हमे नही सिखाया जाता जबकि जिंदगी में आगे बढने के लिए दूसरों को प्रोत्साहित करना भी बेहद जरुरी है.

अगर हम दूसरों की प्रशंसा करते हैं तो बहुत अच्छी बात है और अगर नही करते तो करनी चाहिए !!!

Ways to Encourage

encourage photo

Photo by ePublicist

October 15, 2015 By Monica Gupta

दाल के भाव

दाल कार्टून ( मोनिका गुप्ता)

दाल कार्टून ( मोनिका गुप्ता)

दाल के भाव

सुना है दाल बहुत भाव खा रही है…दाल मखनी, दाल  तडका या दाल फ्राई … हम सभी को किस्म किस्म के स्वाद वाली दाले बहुत पसंद है पर यहां दूसरी किस्म की दाल की बाते हो रही हैं… है वो दाल ही पर दाल नही है…

आज  दाल की ही चर्चा है कोई कह रहा है दाल नही गल रही, तो कोई कह रहा है ये मुंह और मसूर की दाल, कोई कह रहा है दाल ही काली है तो किसी को घर की मुर्गी दाल बराबर लग रही है, कोई दाल भात मे मूसलचंद है तो कोई दाल जूतियों में बांट रहा है.. तू दाल दाल तो मैं पात पात … मैं भी देखू ऐसी कैसी दाल है जो आसमान छू रही है.. इसलिए जा रही हूं …

दाल के भाव

October 15, 2015 By Monica Gupta

चुनाव ए बिहार

चुनाव ए बिहार

चुनाव में खराब उम्मीदवारों को वो अच्छे नागरिक चुनते हैं जो वोट नही देते … !!

हर बार की तरह बिहार में चुनाव है और हर बार की तरह ये भी निबट जाएंगें. .. कोई बदलाव नही ,कोई नई बात नही … फिर वही लोगो को खुश करना ,वही लोगो को उम्मीदें … !!!

राजनीति होना राजनीति करना ही मुद्दा रहेगा…. फिर एक ही आदमी बहुत वोट देगा…. फिर बूथ कैपचर कर लिया जाएगा…..  फिर छुट पुट झगडे सुर्खियों में रहेंगें … फिर बहुत से लोग वोट इसलिए नही दे पाएगें क्योकि उनका नाम लिस्ट मे है ही नही…फिर  बहुत लोग वोट इसलिए नही देंगें क्योकि जितनी उम्मीद उन्हें उम्मीदवार से थी वो खरी नही उतरी… फिर कुछ लोग इसलिए ट्राली मे भर भर कर आएगें और आखें मूंद कर वोट देंगें क्योकि उन्हे उम्मीद से ज्यादा मिल गया है…!!! फिर  ….

कुल मिला कर चुनाव में खराब उम्मीदवारों को वो अच्छे नागरिक चुनते हैं जो वोट नही देते …… !!!!!

कार्टून ( मोनिका गुप्ता)

कार्टून ( मोनिका गुप्ता)

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