Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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December 3, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Manage Your Work at Home – घर के काम सही तरीके से कैसे करें महिलाएं

How to Manage Your Work at Home

How to Manage Your Work at Home – घर के काम सही तरीके से कैसे करें महिलाएं – Housekeeping tips for mom कृपया महिलाएं ध्यान दें… जिंदगी का एक कडवा सच ये भी है कि महिलाएं बहुत impatient उतावली, आतुर होती हैं और इस चक्कर में बहुत बार गडबड भी हो जाती है…

How to Manage Your Work at Home – घर के काम सही तरीके से कैसे करें महिलाएं

देखिए घर चलाने मे हम महिलाओं की भूमिका जबरदस्त होती है… पर फिर भी कभी कुछ तो कभी कुछ गडबड झाला हो ही जाता है…

 

चलिए पहले बात करते हैं कि कुछ फेवरेट गडबडों की फिर मैं आती हूं असली मुद्दे पर..

गैस पर सब्जी रखी हुई है…

और अचानक फोन आ गया फोन पर बात कर ही रहे थे कि डोर बेल हुई और सामने थी पडोसन.. बात करते करते समय का पता ही नही चला और खाने की बात सुनते हुए अचानक ख्याल आता है कि अरे बाप रे सब्जी रखी थी गैस पर… और जब तक भाग कर अंदर गए .. सब्जी अपना रंग बदल चुकी थी और जले जले की महक बिखर रही थी…

एक दूसरा उदाहरण…

मान लीजिए चार पांच दिन के लिए हम कहीं छुट्टियों में बाहर घूमने जा रहें हैं.. फुल्ल मस्ती के मूड में… और रास्ते में जाते हुए अचानक ख्याल आता है कि शायद अलमारी को लॉक करना रह गया था… जाते जाते कुछ याद आया था तो अलमारी खोली थी और … पांच छ दिन जितनी मस्ती का सोचा था उससे ज्यादा टेंशन दिखाई देती है डर लगता है कहीं चोरी हो गई तो… कह भी नही सकते…

अगर पति को बता दिया तो डांट पडेगी जबरदस्त वाली…

तो इन उदाहरणों को देखते हुए हमें क्या करना चाहिए… अगर हम कुछ बातों का ख्याल रखेंगें तो शायद सब्जी जलने से भी बच जाए और अलमारी भी लॉक की थी इस बात का भी ख्याल रह सकता है…

सबसे पहले तो स्माईल दीजिए.. जो आप मुझे इतने तनाव में देख रही हैं कि क्या है जल्दी बताओ… गैस पर दूध रखा है या सब्जी रखी है या बच्चों को stop से लेने जाना है .. यही !! सबसे पहले impatient हबडा तबडी छोड दीजिए… ये जो है न कि ये काम नही हुआ वो नही हुआ … ये रह गया वो रह गया… शांति शांति शांति ..

रिलेक्स होकर बैठिए और लम्बा सांस लीजिए… आराम से बैठिए और एक प्लानर बनाईए.. सुबह से लेकर रात तक का.. जैसे बच्चों का टाईम टेबल बनाते हैं कि किस समय से किस समय तक क्या करना है… दिन भर का जो जरुरी काम है है priorities प्राथमिकता के हिसाब से प्लान कीजिए… प्लान करने से हबडा तबडी नही होगी…

मल्टी टास्किंग

मल्टी टास्किंग से बचेगें… एक समय में एक ही काम करेंगें तो गडबड भी नही होगी… कि एक ही समय में दूध उबालना हैं, वाशिंग हो रही है, बच्चे ने पॉटी कर दी, किसी मेहमान ने आना है… कोई एक काम थोडे ही न होता है बहुत सारे होते हैं तो अगर पता होगा कि कपडे हर तीसरे दिन धोने हैं और इतने बजे धोने हैं खाना इतने बजे बनाना है तो फिर सब्जी नही जलेगी क्योकि अगर सब्जी बन भी रही है और आप के पास फोन आ गया तो आप वही खडे होकर बात कर सकती है…

इसमे एक बात और ध्यान रखनी है कि

अपने लिए समय जरुर निकलिएगा… हम क्या करते हैं कि अपने लिए समय नही निकालते.. चलो कोई भी समय झपकी ले लेंगें… कई बार झपकी ज्यादा बडी हो जाती है… पर अगर अपने लिए समय निकालेंगें तो आपको सोचने का समय भी मिलेगा कि अभी तक क्या हुआ क्या नही हुआ… अगर थोडा कमर सीधा नही करेंगें तो फ्रेश नही रहेंगें… जरुरी है कि अपने लिए समय निकालना फिर उसमें मैगजीन पढे, टीवी देखें या कुछ रिलेक्स करने वाला काम करें..

इस बात का भी ख्याल रखना है कि

टालमटोल नही करनी… जो प्लान बना लिया उस पर डटे भी रहें कई बार हम सोचते हैं कि चलो दस दिन बाद से शुरु कर देंगें या अगले महीने से… नही आज और अभी से शुरु करना है… टाल मटोल नही ये जो गडबड शुरु होती है इसका मुख्य कारण ही टालमटोल होता है…

हैल्प

घर के काम के लिए अगर बाई है तो वो भी सही है और नही है तो कोई दिक्कत ही नही… सारा काम आपको करना है और आपको पता है कि कब क्या काम करना है… अगर घर का कोई सदस्य आपकी मदद करता है छोटे मोटे काम में तो बहुत अच्छा और मिलती मदद तो भी कोई बात नही… बी पाजीटिव

और फिर सकारात्मक सोच रखिए.. आराम से खुश होकर सारा काम कीजिए

जब सारा काम व्यवस्थित ढंग  से टाईम मैनेज करके  होगा तो मजाल है कि कोई गडबड हो जाए… तो अपना कर देखिए… ये होता तभी है जब हम मैनेज नही होते…

जो महिलाएं धैर्य रखती है वो जल्दी बूढी नही दिखती और जो धैर्य नही रखती उनकी कोशिकाओं पर एजिंग का असर जल्दी दिखता है  एक अध्ययन से इस बात की पुष्टि हुई कि धैर्य ना रखने पर हम जल्दी तनाव में आ जाते हैं जिससे कोशिकाएं सिकुड़ जाती हैं। बार-बार धैर्य खोने से कोशिकाएं स्ट्रेस के कारण सिकुड़ जाती हैं जिससे झुर्रियां जल्दी दिखने लगती हैं।

How to Manage Your Work at Home – घर के काम सही तरीके से कैसे करें महिलाएं

December 2, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How not to Talk to Your Child – बच्चों से बातचीत का तरीका क्या हो

How not to Talk to Your Child

How not to Talk to Your Child – बच्चों से बातचीत का तरीका क्या हो – बच्चों से कैसे Communicate करते हैं आप ?? अगर अच्छी तरह कर रहे हैं तो positive नही तो negative effect डालेगी.. बच्चों की परवरिश कैसे करें – How to Raise a Child…

How not to Talk to Your Child – बच्चों से बातचीत का तरीका क्या हो

बच्चों से कैसे बात करते हैं आप ?? कल्पना कीजिए एक बीमार बच्चा हो गया doctor के पास गए  और वो अपने पापा के साथ अस्पताल से बाहर आया तो पापा ने जोर से गुस्सा किया.. कहना नही मानते कितनी बार समझाते हैं तुम हो कि समझते ही नही.. अब हो गए न बीमार पडे रहना अब घर पर.. आज से तुम्हारा बाहर खेलना बंद.. आपको कैसा लगा..

 

यकीनन आप सोच रहे होंगें कि जब बच्चा नही ख्याल रखेगा तो पापा को तो गुस्सा आएगा ही… सही बात है पर अगर हम इस बात का ख्याल रखें कि बच्चे की तबियत ठीक नही है.. पर अगर यही बात आराम से कही जाए तो उसका असर भी जरुर पडेगा… जैसाकि बेटा आपने अपना ख्याल नही रखा ना अब देखो… छुट्टी भी लेनी पडेगी कितना नुकसान भी होगा पढाई का..  अपनी बात भी कनवे कर दी.. और कुछ बदमगजी भी नही हुई… ऐसी रोजमर्रा की छोटी छोटी बातों का ख्याल रखेंगे आराम से कहेंगें तो बच्चे पर लम्बे समय तक असर डालेगा..

कुछ उदाहरण बताती हूं …

  1. हे भगवान ऐसे नालायक बच्चे से तो मुझे बेऔलाद ही रखता… पता नही कौन से पाप किए थे जो तुझ जैसा बेटा मिला…

बेशक हमें किसी बात पर गुस्सा आया पर इस तरह से गुस्सा निकालना कहां तक सार्थक है..

  1. 100 बार बताना पडता है एक बात को समझ नही आता तुम्हें… पागल है क्या तू
  2. मुझे maths जरा भी अच्छा नही लगता इसका नाम लेते ही टेंशन शुरु हो जाती है.. बच्चा नम्बर कम लाया तो अपने पापा पर गया है
  3. खबरदार जो रोए तो चुप हो जाओ एकदम चुप…

5. कजिन को देखा है वो कितनी प्यारी है

  1. बाद मे बात करेगें… देख नही रहे मैं काम कर रही हूं
  2. तू मुझे सीखाएगा.. तू मुझसे जुबान लगाएगा.. मां हूं मैं तेरी चटाक चटाक…

8. Be a man आदमी बनो.. क्या डर रहे हो डरपोक कही का…

9.  अपनी मम्मी को मत बताना ये बात..

पेरेंटस के लिए बच्चे सबसे खूबसूरत उपहार हैं… इसलिए उन्हें प्यार से सहेज करना उन्हें अच्छे संस्कार देना पेरेंटस का ही काम है… जैसा देंगें वैसा ही मिलेगा…  बच्चे हम पेरेंटस से ही सीखते हैं … इसलिए अच्छी बात बोलना , रिस्पेक्ट करना…..

How not to Talk to Your Child –

December 1, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Stay Calm in a Fight- लड़ाई झगड़ों से कैसे बचें – शांत कैसे रहें

How to Stay Calm in a Fight

How to Stay Calm in a Fight- लड़ाई झगड़ों से कैसे बचें – शांत कैसे रहें – लड़ाई झगड़े से कैसे बचें… लड़ाई झगड़े .. लड़ाई का झगड़े का अनुभव हम सभी के साथ होता है चाहे बच्चों के साथ हो, बड़ों के साथ हो, दोस्त के साथ हो या किसी अंजान से… खुश कैसे रहें – खुश रहने के लिए क्या करें..

How to Stay Calm in a Fight- लड़ाई झगड़ों से कैसे बचें – शांत कैसे रहें

आप ही बताईए किसी से हमारी लड़ाई हो जाए या argument बहुत बढ जाए तो कैसा लगता है… यकीनन अच्छा तो नही लगता होगा… बेशक उस समय तो हम गुस्से में बहुत कुछ बोल देते हैं पर कुछ देर बाद upset हो जाते हैं … दुख भी होता है कई बार शर्म भी आती है… पछताते भी हैं तो क्यो लड़ाई झगड़ा करते हैं किसलिए चिल्ला कर बात करते हैं …

आपको पता है जब हम किसी से गुस्से से बात करते हैं तो हमारे दिलों की दूरियां बढ जाती हैं… मैंनें पढा था कि जब हम चिल्लाते हैं तो हमारे दिल दूर हो जाते हैं.. जितनी दूरी ज्यादा होगी उतनी जोर से हम चिल्लाएगें…

आप देखिए जब कोई एक दूसरे से प्यार करता है तो क्या वो चिल्लाता है नही … कितनी आराम से बात करते हैं… कई बार तो आखों आखों मे ही बात हो जाती है… समझ आ जाता है कि क्या कहा जा रहा है यानि दिल इतने करीब होते हैं और वही जब दिल की दूरी बढ जाती है तो … चिल्लाते हैं … ।

दिलों की दूरियों को न बढ़ने दें… शांत चित्त और धीमी आवाज में बात करें। ध्यान रखें कि कहीं दूरियां इतनी न बढ़े जाएं कि वापस आना ही मुमकिन न हो।

तो क्या करना चाहिए जब किसी से लड़ाई झगड़ा हो जाए तो किस तरह से रिएक्ट करना चाहिए चाहे परिवार मे किसी के साथ हो पति पत्नी का दोस्त के साथ हो … लड़ाई झगड़ा होने पर क्या करना चाहिए..

जब लगे कि सिचयूएशन आऊंट ऑफ कंट्रोल हो रही है तो… मैं अपना ही उदाहरण देती हूं मान लीजिए मेरी किसी से लडाई हो गई है…और बात बहुत ज्यादा बढ गई है

तो मेरे लिए बेस्ट यही है कि मैं चुप हो जाऊ… एक चुप सौ सुख… दूसरा कोई अकेला कितनी देर तक बोलेगा… तो बेस्ट यही है कि मैं चुप हो जाऊ … उससे क्या फायदा होगा…

व्यर्थ की बहस से बच जाएगे…

अपशब्द बोलने से बच जाएगें …

थोडा सोचने का समय मिल जाएगा कई बार हम बहुत जल्दी रिएक्ट कर जाते हैं… गलती हमारी भी होती है पर हम ब्लेम दूसरों को करते हैं

3.परिणाम सोचिए.. लडते समय परिणाम सोचिए..ये सोचिए कि अगर एक्ट्रीम हो गया तो कोई बात ज्यादा बढ गई तो नुक्सान हो सकता है चोट लग सकती है… हमेशा के लिए रिश्ता खराब हो सकता है… जान से भी हाथ धोना पड सकता है

  1. लड़ाई हल नही… कई बार हम गुस्से मे बहुत कुछ बोल जाते हैं पर अगर हम ये सोच लें कि लडाई कोई हल नही… इससे नुकसान ही होगा … हल नही निकलेगा तो इससे बचा जा सकता है… प्रोब्लम में फस सकते हैं ..

5. कई बार जब दो लोग लड़ रहे हो और तीसरा impartial बचाव के लिए आ जाए दोनो पक्षों को अलग अलग कर दें तो भी बचाव हो सकता है… मान लीजिए दो दोस्तों के बीच में लड़ाई हो गई तो तीसरा आकर भी समझौता करवा दे तो ठीक रहता है… दोनों की ईगो बहुत हो जाती है कोई झुकने को तैयार नही तब तीसरे की बात को रखते हुए कि चलो तू कह रहा है तो मान जाता हूं वरन ऐसे छोडना नही था… बात शांत की जा सकती है… impartial

6. हम पीछे हट कर एक मिसाल भी बन सकते हैं…

कई बार लड़ाई झगड़ा से पीछे हटना हमारा दर या कमजोरी नही बल्कि भी बडप्पन होता है समझदारी की निशानी होता है इसलिए कई बार अपना कदम पीछे हटा लेना अच्छा ही होता है..

7. माहौल हलका बना लेना चाहिए… ओके ओके गुरु जी माफ कीजिए… मुझसे गलती हो गई… झगडे से माहौल बहुत भारी हो जाता है.. इसलिए कुछ ऐसा करना चाहिए कि माहौल कूल हो जाए… एक दम से बात खत्म हो जाएगी… सॉरी बोलना , माफी मांगना हमें छोटा नही बल्कि हमारा बडप्पन हमारा बडा दिल दिखाता है…

कुल मिलाकर यही बात सामने आती है कि इसका फायदा नही… इसलिए अगर किसी से झगडा करने की सोच रहे हैं तो कैंसिल कर दीजिए… मिल बैठ कर ही बात हो जाए तो बहुत अच्छा होगा…

How to Stay Calm in a Fight – लड़ाई झगड़ों से कैसे बचें – शांत कैसे रहें 

November 29, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Overcome Fear of Darkness in Kids – क्या करें जब बच्चे अंधेरे से डरें – बच्चों का डर कैसे दूर करें – Parenting Tips in Hindi

Overcome Fear of Darkness in Kids

Overcome Fear of Darkness in Kids – क्या करें जब बच्चे अंधेरे से डरें – बच्चों का डर कैसे दूर करें – Parenting Tips in Hindi – क्या करें जब बच्चा अंधेरे से डरे… जल्दी सुलाने के चक्कर में कुछ parents ये डर बैठा देते हैं कि सो जाओ नही तो हाऊ bhoot आ जाएगा… या जो बच्चे देर से सोते हैं उन्हें रात को हाऊ ले जाता है… ऐसा करके हम जाने अंजाने बच्चे के मन मे भय भर रहे हैं… इसलिए ऐसा तो कभी भी नही कहना चाहिए..

Overcome Fear of Darkness in Kids – क्या करें जब बच्चे अंधेरे से डरें – बच्चों का डर कैसे दूर करें – Parenting Tips in Hindi

कई बार कुछ parents ऐसा कहते तो नही पर फिर भी रात को बच्चे को डर लगता है.. वो अकेला कमेरे मे जाना नही चाहता.. लाईट बंद नही करना चाहता… तो ऐसे में क्या करना चाहिए…

 

सबसे पहली बात ये है कि ignore नही करें डर को डर को नजरांदाज न करें Do not ignore your child’s fear. सबसे पहले तो बच्चे की बात ध्यान से सुननी चाहिए कि वजह क्या है… वैसे अगर हम अपना बचपन भी याद करें तो डर तो किसी न किसी बात का लगता ही होगा.. तो जरुरत है वजह खोजने की…

क्या वो डरावनी सीरियल या कार्टून तो नही देखता या…

दोस्त तो ऐसी बात नही करते..

या कमरे में रात को परदे की कोई परछाई तो नही बन जाती … वजह जानने की कोशिश करनी चाहिए…

जबरदस्ती न करे..

कई बार हम बच्चे की भावना को समझते नही और जबरदस्ती करते हैं कि जाओ स्टोर में जाओ या उस कमरे में जाकर आओ… ऐसा न करके बल्कि बातो बातों में कहिए अरे मेरा पर्स कमरे में रह गया जरा ले आना प्लीज… क्योकि बोल कर भेजेगे तो सहमा हुआ जाएगा… और किसी काम मे व्यस्त है तो शायद उसे ख्याल भी नही रहेगा कि वो डरता है… और अगर वो डरता है तो उसके साथ जाईए और उसका डर दूर करवाईए..

तुलना नही करनी चाहिए अरे आपका दोस्त तो नही डरता या आपका भाई तो नही डरता ऐसा भी नही कहना चाहिए.. उसकी मासूम भावनाओ का आदर करना चाहिए..

मजाक नही बनाना चाहिए बच्चे के सामने उसके दोस्त को या उसके दोस्त के मम्मी पापा को हसते हुए बताना कि ये तो डरता है … ऐसा नही करना चाहिए…बच्चे की फीलिंग हर्ट होती है..  या बच्चे को जताना कि आप तो दब्बू हो डरपोक हो…ऐसे कोई डरता है क्या आप बच्चे नही हो अब बडे हो गए हो… कोई सुनेगा तो क्या कहेगा…

बच्चे से बात करें

एक दम शांत भाव से बच्चे की सारी बात सुनकर उसका डर दूर करने का प्रयास करना है… उसे समझाना है…

क्या होता है कब होता है … और सारी बात जानने समझने की कोशिश करें और आराम से सारी बात समझे और फिर कदम उठाएं..

अगर अंधेरे से डर लगता है तो बिल्कुल अंधेरा न रखे हल्की सी लाईट रह्ने दे कमरे में… \

दोस्त तो ऐसी बात नही करते.. तो उन्हें समझाईए

कई बार बच्चे परदे पर आ रही किसी परछाई को भूत समझ लेते हैं तो उन्हें साथ ले जाकर बताईए कि ये परछाई किस चीज की है…और परछाई से क्या क्या मजेदार बन सकता है वो भी कुछ करके दिखाईए.. यानि उसी बहाने डर दूर करने की कोशिश कीजिए…

Overcome Fear of Darkness in Kids

टीवी पर हॉरर सीरिल बंद कर दीजिए… जिसे देख कर मन में अजीब ख्याल आए वो न देखें और न ही देखने दें

बहादुर बनाईए सोने से पहले अच्छी और बहादुरी की कहानियां सुनाना अच्छा रहता है ताकि बच्चा बहादुर बनें.. या फिर डिटेक्टिव बन कर गोगल्स लगा कर और जैसे बहुत गहनता से बात हो वैसे करिए और जैसे 007 केस सुलझा लेते है वैसे ही सुलझाईए डर से दो दो हाथ करना सीखाईए डिशूम डिशूम करना सीखाईए जैसा फिल्म में हीरो करता है..

बच्चे के नजरिए से देखने की कोशिश करिए… और समझिए !!

उसे विश्वास दिलाईए कि जब तक आप सो नही जाओगे हम यही बैठे हैं…

बच्चे के मन मे डर है तो उसे दिखाईए कि सारा घर बंद है यहां कोई भी नही आ सकता…

कमरे में भगवान की फोटो भी रख सकते हैं.. उनहें बताईए कि भगवान जहां होते हैं वहां गंदे लोग नही आ सकते…

उन्हे समझाईए कि आप बहुत प्यार करते हैं और हमेशा उनके साथ है… बच्चों के साथ खाकर रात को समय बिताईए

Fear is a normal part of life इसलिए इसे न नजर अंदाज करें न हौव्वा बनाए … भावनाओं को समझ कर इस पर काम  करें और अगर फिर भी कोई हल नही तो जरुर डाक्तर से कनसर्न करें

Overcome Fear of Darkness in Kids – क्या करें जब बच्चे अंधेरे से डरें – बच्चों का डर कैसे दूर करें – Parenting Tips in Hindi

November 28, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Reduce Indoor Air Pollution – घर में pollution से कैसे बचें – Healthy Lifestyle Tips in Hindi

How to Reduce Indoor Air Pollution

How to Reduce Indoor Air Pollution – घर में pollution से कैसे बचें – Healthy Lifestyle Tips in Hindi – Motivational Videos in Hindi – Top tips to improve indoor air quality and reduce pollution –  क्या आपने indoor air pollution के बारे में सुना है ?? सच पूछिए तो out door air pollution के बारे में ह्म सभी ने बहुत पढा सुना है पर इसके बारें में बहुत कम लोग जानकारी रखते हैं

How to Reduce Indoor Air Pollution – घर में pollution से कैसे बचें – Healthy Lifestyle Tips in Hindi

बेशक, बाहर बहुत air pollution होता है पर क्या आप जानते हैं कि indoor  में, बाहर की तुलना में अंदर 2 से 5 गुणा हवा ज्यादा प्रदूषित और जहरीली होती है..

https://youtu.be/mzxN6jDdJck

असल में भीतर, कई बार इतने छोटे छोटे particles होते हैं अंधेरे का फायदा उठा कर कोनों में जगह बना लेते हैं और हमारे  lungs में चले जाते हैं और खराश, बैचेनी, धबराहट पैदा करते हैं… और बीमारी तो कई बार गम्भीर बीमारी का कारण भी बन जाते हैं…

देखिए हम 90% समय इनडोर अंदर ही बिताते हैं चाहे वो घर हो आफिस हो, स्कूल हो और अगर हवा ही साफ नही होगी तो हैल्थ रिस्क का खतरा और ज्यादा बढ सकता है..

पर खतरा तब तक ही है जब तक हम इस बारे में अवेयर नही हैं… जब हम अवेयर हो गए इस बारे में जागरुक हो गए तो खतरे वाली बात नही क्योकि हम इसका हल निकाल सकते हैं.. क्या कदम उठा सकते हैं क्योंकि घर पर बच्चे भी होते हैं बडे बुजुर्ग भी होते हैं…

easy steps to clean up indoor air pollution…

सबसे पहले बात आती है सफाई की…

जब हम बाहर से घर आते हैं तो दरवाजे पर doormats पायदान जरुर रखें और आदत बना लें कि जो भी आएं वो अपने जूते बाहर ही उतार कर आएं या फिर अपने जूते पर जो भी डस्ट लगी है उसे साफ करके ही अंदर आए… वैसे बहुत लोग घर पर आने से पहले बाहर ही जूते चप्पल उतार देते हैं जोकि बहुत अच्छा आईडिया है

इससे घर पर मिट्टी आदि नही जाती क्योकि आमतौर पर हम रखते हैं कार्पेट और वो सब उसमे जमा होती जाती है हम हर रोज ऊपर से तो सफाई कर लेते हैं पर क्योकि कारपेट भारी होते हैं उसे हर रोज हिलाना सम्भव नही इसलिए उसपर मिट्टी की लेयर चढती जाती है…

और ज्यादातर लोग जब वहां बैठते हैं बच्चे वही खेलते हैं महिलाएं वही बैठ कर टीवी देखती हुई सब्जी काटती हैं तो कीटाणु लगातार फैलते ही जाते हैं…

  1. जब हम झाड पोंछ करते हैं तो कपडा मार कर जोर जोर से न करें बल्कि उसे damp cloth गीला कपडे से पोंछ दें.. नही तो एक बार तो वो धूल मिट्टी उड जाएगी पर फिर बैठ जाएगी…
  2. ऐसे ही पलंग के गद्दे को भी महीने में एक बार धूप दे देनी चाहिए ताकि अगर कोई कीटाणु हो तो वो नष्ट हो जाएं..
  3. घर में अगर कोई स्मोक करते हैं तो उसका धुंआ भी बहुत हानि कारक होता है.. जो स्मोक कर रहा है उसके लिए तो होता ही है पर घर के अन्य सदस्य जो उस धुंए को अपने अंदर ले रहे हैं उनके लिए भी बहुत नुकसान देह होता है.. वैसे स्मोकिंग है ही खतरनाक चाहे घर के अंदर लें या बाहर…
  4. घर में ज्यादा से ज्यादा रोशनदान या खिडकी होनी चाहिए ताकि हवा निकलती रहे… क्रास वेंटीलेशन होता रहे… खासकर रसोई में exhaust fan. की बहुत जरुरत होती है.. खासतौर पर चिमनी का इस्तेमाल तो जरुर करना चाहिए और उसे समय समय पर साफ भी करते रहना चाहिए… क्योकि एक समय ऐसा आता है जब रसोई का धुंआ निकलता नही और वो नुकसान करता है…
  1. कई बार घर पर मच्छरों से तंग आकर उन्हें भगाने के लिए धुआं कर देते हैं coile जला देते हैं और खिडकी दरवाजे अच्छी तरह बंद कर देते हैं ताकि वो मर जाए… बेशक वो मर जाते हैं या छिप जाते हैं पर हमारे शरीर को भी नुकसान दे जाते हैं.

7.कई लोग सर्दी से बचाव के लिए घर में अपने कमरे में अलाव यानि bonfire कर लेते हैं और उसका धुंआ कई बार दम भी धोट देता है इसलिए इससे तो बचना  ही चाहिए नही या तो वो ऐसी जगह पर हो जहां से धुंआ निकलता रहे… तो सांस और धुटन की प्रोब्लम बहुत जल्द हो जाती है.. गैस गीजर का प्रयोग भी बहुत सावधानी से करना चाहिए..

8. घर पर अगर कोई पानी की पाईप आदि लीक हो रही हो तो तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए क्योकि अगर ठीक नही करवाया तो सीलन आ जाती है और उस जगह पर भी बहुत कीटाणु आ जाते हैं… जोकि बहुत नुकसान देह हो सकते हैं… सफोकेशन हो जाती है…

9.घर पर ईडोर प्लांट लगाने बहुत फायदेमंद रहते हैं पौधे लगाने से न सिर्फ खूबसूरत लगता है बल्कि ताजगी भी मिलती है बेशक ये नही होता कि सारा प्रदूषण इससे साफ हो जाता है पर राहत जरुर मिलती है… इसलिए लगाने के बाद इसके leaves भी नियमित साफ करते रहने जरुरी होते हैं… और पानी भी कम ही देना चाहिए…

How to Reduce Indoor Air Pollution

November 27, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Healthy Lifestyle Tips for Students – कैसे रखें बच्चों का Lifestyle Healthy – स्वस्थ जीवनशैली

Healthy Lifestyle Tips for Students

Healthy Lifestyle Tips for Students – कैसे रखें बच्चों का Lifestyle Healthy – स्वस्थ जीवनशैली – सभी parents चाहते है कि उनके बच्चे हैल्दी रहें और इसके लिए वो बहुत कोशिश भी करते हैं… पर हमेशा ऐसा हो नही पाता.. वजह है कभी बच्चों पर बहुत प्रैशर पढाई का तो कभी  उनका बिजी शैडयूल, 100 टेंशन होती हैं ऐसे में क्या करें? ऐसे में इसका एक तरीका… Healthy Lifestyle Tips  बच्चों का लाईफ स्टाईल हैल्दी रखा जा सकता है…

 

Healthy Lifestyle Tips for Students – कैसे रखें बच्चों का Lifestyle Healthy – स्वस्थ जीवनशैली

  1. सबसे पहले जरुर है बच्चों Routine सेट करने की…  भागमभाग से बचने के लिए रुटीन सेट करना बहुत जरुरी है… रुटीन सेट करके एक discipline लाईफ शुरु हो जाएगी और बच्चे को ये पता हो होगा कि क्या क्या और किस किस समय करना है तो एक बैलेंस बन जाएगा.. कब सोना कब जाना है कब पढना है सबसे पहला है अपने Routine सेट करना…

2. Physical Activity

student लाईफ जब होती है तो पेरेंटस का पूरा ध्यान होता है सिर्फ पढाई सुबह 5 बजे वहां ट्यूशन है 6 बजे दूसरे सर के जाना है 9 बजे एग्जाम है… यानि फिजिकल Activity के लिए कोई समय नही..

ऐसे मे बच्चों की फूड हैबिट भी खराब हो जाती है क्योकि खाना पीना तो जा रहा है पर कसरत हो नही रही… जबकि अगर बच्चे कसरत के लिए अगर कुछ समय निकालेगें तो वजन हो कम होगा ही जो काम करने का लर्न करने का स्टेमिना बढ जाएगा..

इसलिए शारीरिक कसरत बहुत जरुरी है… जिम जाकर या स्पोर्टस क्ल्ब ज्वाईन करके या खुद ही …जैसा ठीक लगे पर बहुत जरुरी है… अपनी रुटीन मे भी शामिल कर स्कते हैं जैसा लिफ्ट की बजाय सीढी से जाना या कार की बजाय साईकिल से जाना किसी की लिफ्ट लेने की बजाय खुद जाना इससे हमारा शरीर और हमारा मन दोनो ही खुश रहते हैं

3. हैल्दी खाना

हम बच्चों की बहुत केयर करते हैं पढाई के चक्कर में उनसे काम भी नही करवाते और हैवी खाना खिलाते भी खूब हैं……

जबकि ये सही नही है कोशिश यही करनी चाहिए कि खुद भी हैल्दी खाने की महत्ता समझे और बच्चों को भी समझाएं… हैल्दी खाने का मतलब कुछ मदर्स समझती हैं कि उबला हुआ खाना .. उनका कहना होता है कि हमारा बच्चा बीमार थोडे ही ना है…

बच्चों को इसकी महत्ता समझाएं कि हैल्दी खाने से न सिर्फ वो सारा दिन एक्टिव रहेंगें दिमाग भी तेजी से काम करेगा.. वही हैवी खाना कहाकर हम सुस्त, आलसी और चिडचिडे हो जाते हैं… कभी कभार तो कुछ भी खा लेने में कोई दिक्कत नही पर इसे रुटीन बना लेना भी सही नही… बल्कि  खाना बहुत जरुरी है..

4. पानी की महत्ता 

हमारे पूरे शरीर का 70% हिस्सा पानी है। इसलिए पानी बहुत पीना चाहिए इसकी महत्ता बतानी चाहिए… ये नही कि कुछ भी लिक्विड ले लिया बल्कि soda, coffee या tea की बजाय पानी पीना ज्यादा अच्छा है..  इससे concentration भी बढती है और हम ज्यादा खाने से भी बच जाते हैं.. सारा दिन हमारा अच्छा गुजरता है इसलिए पानी की महत्ता बताते हुए बच्चों को पानी की बोतल या थर्मस  हमेशा साथ देनी चाहिए…

5. भरपूर नींद

पढाई ट्यूशन एग्जाम के चक्कर में हम बच्चों की नींद का ख्याल नही रखते.. जबकि बच्चों को समझना चाहिए कि एक अच्छी नींद लेकर अगले दिन की शुरुआत बहुत अच्छी की जा सकती है… नही तो थकावट, चक्कर आना, सिर दर्द जैसे दिक्कतें भी आ सकती हैं… इसलिए उनके हाथ से किताब लेकर उन्हें सोने के लिए प्रेरित करना चाहिए… 8 घंटे की नींद बच्चे के लिए काफी है और अगर दिन में एक Nap ले लें तो वो भी उनके लिए बहुत अच्छा है उससे फ्रेश हो जाते हैं..

6. Avoid Bad habits

student लाईफ में बुरी आदतें जल्दी घेरती हैं…  बुरी आदतों में नही पडना.. यानि नशा .. इससे बिल्कुल दूर रहना चाहिए… कुछ उदाहरण देकर समझना चाहिए..

7. हमेशा Positive सोच..

बहुत तरह का तनाव हो जाता है और अपना बेस्ट देने के चक्कर में या रिजल्ट अच्छा न मिलने पर वो नेगेटिव हो जाता है… तो ये पेरेंटस की ही ड्यूटी है कि बच्चों पर तनाव न बनाए… कि अच्छा करना ही है फर्स्ट आना ही है… पेपर अच्छा नही हुआ तो सोचने लगते हैं कि क्या होगा… बच्चों को समझाईए कि पोजिटिव रहें ईमानदार सोच रखें और मेहनत से काम करते चलें…

Healthy Lifestyle Tips for Students – कैसे रखें बच्चों का Lifestyle Healthy – स्वस्थ जीवनशैली

November 26, 2017 By Monica Gupta 2 Comments

How to Take Care of Toddlers – छोटे बच्चों का कैसे रखें ध्यान – छोटे बच्चों की परवरिश

How to Take Care of Toddlers

How to Take Care of Toddlers – छोटे बच्चों का कैसे रखें ध्यान – छोटे बच्चों की परवरिश – toddler से दूर रखें ये चीजें… safety tips for toddler... एक छोटा बच्चा जब खुद पलटी लेने लगता है पलंग के बीच में लिटाए तो किनारे पर आ जाता है तो थोडी सावधानी बढ जाती हैं वही जब वो घुटनों के बल चलने लगता है या वॉकर से चलने लगता है तो और ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत होती है.. क्योकि उसके लिए सब कुछ बहुत नया और हैरानी वाला   होता है तो ऐसे में क्या सावधानी बरतनी चाहिए… देखिए अगर घर में दूसरा बच्चा है तो मम्मी पापा अनुभवी हो चुके होते हैं पर अगर घर में पहला बच्चा है तो उनके लिए सब नया अनुभव है इन्हें खुद भी समझ नही होती… इसलिए जागरुकता बहुत जरुरी है…

How to Take Care of Toddlers – छोटे बच्चों का कैसे रखें ध्यान – छोटे बच्चों की परवरिश

सबसे पहले तो बेड रुम… क्योंकि वही बच्चे का कमरा होता है.. तो जो ड्रेसिंग टेबल होता है वो सारा खाली करके सारा सामान दराज में या ऐसी जगह जहा बच्चे की पहुंच न हो..

 

फिर हम साईड टेबल आदि पर कोई syrups दवाई आदि रखते हैं तो वो भी कुछ नही सब साफ…

अखबार और जरुरी कागजात बच्चो की पहुंच से दूर रखिए.. उन्हे तो समझ होती नही … जो भी आएगा उन्हें खेल ही लगेगा.. उसे फाडेगें.. खराब करेगें …

बच्चों की बहुत आदत होती है switches बोर्ड छेडने की या तार छेडने की… प्लग में ऊंगली डालने की… तो बेहतर है उसे टेप लगा दें

और प्रैस भी बच्चों की पहुंच से दूर रखें !!

लैपटाप या मोबाइल भी पहुंच से दूर रखें जूते चप्पल भी अलमारी में ही रखे नही तो वो सीधा बच्चे के मुंह में जाते हैं…

किचन...

बच्चा घुटनो के बल चलता किचन में पहुंच जाता है या वॉकर से चला जाता है तो चाकू या कोई भी धारदार चीज बिल्कुल दूर रखे और कांच की चीजे भी बच्चों की पहुंच  से दूर रखनी चाहिए..

घर में चूहें हैं तो पिंजरा भी ऐसी जगह रखें तो पहुंच से दूर हो और चूहे मार गोली तो भूल कर भी न रखें … कई बार हम सोचते हैं पलंग के नीचे डाल दी पर कई बार झाडू आदि से बाहर आ जाती है और सोचिए अगर बच्चे ने खा ली तो…

बैठक यानि हमारा ड्रांईग रुम … शो पीस एक बार कुछ समय के लिए हटा लीजिए क्योंकि वो टूट भी सकते हैं और बच्चों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं… कांच की टेबल है तो उस पर कपडा ढका जा सकता है…

और इंडोर पौधे भी कुछ समय के लिए बाहर रख दीजिए… क्योकि बच्चे या तो मिट्टी से खेलेंगें या मिट्टी खाने भी लगेंगें…

जैसे जैसे समझ आएगी… हम उसे वापिस से अंदर रख सकते हैं पर एक बार उसे घुटने चलने के लिए साफ और खुला स्पेस दीजिए…

घर में अगर मंदिर बनाया हुआ है और उसमे धूप बत्ती ता दीया करते हैं तो वो भी बच्चे की पहुंच से दूर हो…

दरवाजे खोल बंद करने का बच्चों को बहुत शौक होता है इसलिए या तो कुछ अटका दे. चिटकनी का ख्याल रखे कई बार बच्चे खेल खेल में दरवाजा बंद कर देते हैं… बहुत बार होता है

बाथ टाईम बाथरुम में भी बहुत बातों का ख्याल रखना चाहिए .. बच्चे को अकेले तो छोडना ही नही चाहिए.. साबुन हो तेल हो या शेम्पू इन सभी को बच्चों की पहुंच से दूर रखिए..  सबके साथ साथ बच्चों को नहलाते समय गर्म पानी का भी पूरा ख्याल रखिए कि ज्यादा गर्म न हो…

छोटी छोटी चीजे जैसे सिक्के, बटन, जो बहुत छोटे हो या जो बच्चा आसाने से मुंह में डाल ले उससे दूर रखिए…

बच्चों के खिलौने भी ऐसे हों की ज्यादा नुकीले न हो… एक दम सोफ्ट हो ताकि नुकसान न पहुचाएं !!..

आप ये सोच रहे होंगे कि सारी चीजे ही उपर उपर रख दी … कोई बात नही जैसे जैसे बच्चा बडा और समझदार होता जाएगा… सब चीजे वापिस आती जाएगी…

How to Take Care of Toddlers – छोटे बच्चों का कैसे रखें ध्यान – छोटे बच्चों की परवरिश

November 25, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Be Thankful to Everyone – आपका बहुत बहुत धन्यवाद – Why Thanksgiving is Celebrated

Be Thankful to Everyone

Be Thankful to Everyone – आपका बहुत बहुत धन्यवाद – Why Thanksgiving is Celebrated – थैंक्सगिविंग डे – आपका बहुत बहुत धन्यवाद, शुक्रिया, आभार, Thanks !! जिस तरह हम भारतीय ‘दशहरा’ ‘ दिवाली’ जैसे कुछ त्योहार सदियो से मनाते आ रहे हैं ठीक वैसे ही  विदेशो में भी कुछ त्योहार बहुत धूमधाम और हर्ष और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं

इन्हीं त्योहार में से एक त्योहार है Thanksgiving यानि धन्यवाद देना…  थैंक्सगिविंग डे या आभार दिवस

(North ) उत्तरी अमेरिका का एक festival है।

नवम्बर के लास्ट वीक में मनाया जाता है

ये किसलिए मनाते हैं इसके बारे में अलग अलग बातें हैं जैसा कि कुछ कहते हैं कि यह एक तरह से  harvest festival   फसलों का त्यौहार है कहते है कि

इसमें ईश्वर  से फसल रुपी आशीर्वाद मिलने पर उसे धन्यवाद दिया जाता है और आनेवाले वर्ष मे भी ऐसा ही सौभाग्य प्राप्त हो यह प्रार्थना की जाती है.

कुछ का कहना है कि ये उत्सव अमेरिका आने वाले पहले यात्री के सम्मान में मनाया जाता हैं

इस दिन लोग इकट्ठे होते है और पार्टी करते हैं

लोग अपनी समृद्धि के लिए भगवान को धन्यवाद देते हैं

इस दिन की सबसे खास बात यह है कि इस दिन के बाद से अमेरिका में छुट्टियों का सीजन शुरु होता है…

थैंक्सगिविंग डे के अगले दिन को ब्लैक फ्राइडे कहा जाता है

ब्लैक फ्राइडे के मौके पर कस्टमर्स खरीदारी पर भारी रकम खर्च करते हैं। सेल्स बहुत ज्यादा रहने से कई शॉपर्स का कारोबार मुनाफे में जाता है। कारोबारी भाषा में रेड कलर घाटे का और ब्लैक कलर मुनाफे का संकेत होता है

कारण कोई भी हो वजह कोई भी हो हमें हर हालत में Thanks करना ही चाहिए..

बहुत लोग जब सुबह सो कर उठते हैं तो भगवान का धन्यवाद करते हैं..

बहुत लोग खाना खाने से पहले भगवान का धन्यवाद करते है…

बच्चे को हम सीखाते हैं किसी से काम हो या समान ले तो Thanks बोला चाहिए… और आज की टेक्नोलोजी देख लीजिए हम इसके सहारे कितना आगे जा रहे हैं तो हमें इसका भी Thanks करना चाहिए..

कृतज्ञ grateful होना चाहिए

वासुधैव कुटुम्बक कहते हैं ना पूरी पृथ्वी एक परिवार है और हमें सभी का धन्यवाद करना चाहिए…

जो वह कल करवाएगा, उसके लिए धन्यवाद। अपनी हर चिंता भगवान पर छोड़ दो

Be Thankful to Everyone

November 24, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Parenting Tips for Working Women – बच्चों की परवरिश कैसे करें – कामकाजी महिलाएं

Parenting Tips for Working Women

Parenting Tips for Working Women – बच्चों की परवरिश कैसे करें – कामकाजी महिलाएं  – वर्किंग Women बच्चों की देखभाल कैसे करे… वर्किंग लेडीज की दोहरी भूमिका होती है घर का भी ख्याल रखना और आफिस का पूरा बैलेंस बना कर चलना. बहुत महिलाएं जिन्हें पैसे की दिक्कत नही है वो जब बच्चा छोटा हो तो नौकरी नही करती पर बहुत ऐसी भी होती हैं जिन्हें करनी पडती है.. घर खर्चा चलाने के लिए घर से बाहर निकलना ही पडता है… बच्चों की देखभाल कैसे करे

Parenting Tips for Working Women – बच्चों की परवरिश कैसे करें – कामकाजी महिलाएं

सबसे पहले तो आप मन से इस भावना को निकाल दें कि आप बच्चे का ख्याल नही रख पाती… काश आप हाऊसवाईफ होती सारा दिन घर पर रहती और बच्चे का ख्याल रखती… अब आप घर का ख्याल नही रख पा रहीं… आप घर का अपने परिवार का ख्याल रख रही हैं तभी तो आप जॉब कर रही हैं.. तो इस गिल्ट को मन से निकाल दें.. बहुत मदर्स ऐसी भी है जो सारा दिन घर पर रहती है फिर भी बच्चे पर ध्यान नही दे पाती… आप बहुत अच्छी हैं बस जरुरत इस बात की है कि अपना Schedule सही से बना लीजिए…

 

 

प्लानिंग होती है टाईम मैंनेज करने की.. कि टाईम मैंनेज किस तरह से करना है.. आपका आफिस का समय तो फिक्स है ही… अपने लिए समय निकालें क्योकि आपने सारा दिन व्यस्त रहना है तो अपने लिए कुछ समय जरुर निकालना होगा. चाहे मैडीटेशन करके या वॉक करके या योगा करके .. ये आपको सारा दिन तनाव रहित और एक्टिव रखेगा…

अब बात आती है बच्चों की बच्चा अगर छोटा है तो babysitter अरेंज कर सकते हैं hire कर सकती हैं या बच्चे को कही छोड भी सकते हैं आजकल इसका ट्रेंड बहुत चल गया है इसलिए ये ज्यादा प्रोब्लम नही है टेक्नीक का धन्यवाद है कि काम के बीच बीच में वीडियो कॉल से बच्चे को देख भी सकते हैं… घर पर कोई मेड रखीं हैं तो घर पर सीसीटीवी भी लगाए जा सकते हैं ताकि दिन भर की सारी जानकारी मिलती रहे…

यानि Stay Connected During the Day बाहर होते हुए भी आप घर से जुडी रह सकती हैं

अगर बच्चा बडा है स्कूल जाता है तो बच्चों को अपने काम के बारे मे बताईए आज के बच्चे बहुत समझदार हैं इसलिए उन्हें बताईए कि मम्मा का काम करना कितना जरुरी है और अगर वो सहयोग करेगें तो बहुत आसानी हो जाएगी… बच्चों को कॉफिडेंस में लीजिए और उनसे ये प्रोमिस भी कीजिए कि शाम का सारा समय बच्चों के साथ ही रहेगा.. नो टीवी नो मोबाईल नो आफिस वर्क एट होम… यानि घर पर 100% दीजिए..

मल्टीटास्किंग न करें ..

आफिस का काम घर पर नही लाना.. Be 100% at home – घर पर 100% दें .कई बार मदर्स घर पर काम ले आती है और बच्चे पूरी तरह से नेगलेक्ट हो जाते हैं.. कभी कभार हो तो अलग बात है पर अगर ये रोज हो रहा है तो जरुर सोचना चाहिए क्योकि बच्चों को समय देना उनकी सुनना उससे बाते करना भी आपके लिए उतना जरुरी है.. हां अगर कुछ बहुत जरुरी है तो बच्चों के सोने के बाद या जल्दी उठ कर भी निबटाया जा सकता है

बच्चों को Self Reliant आत्मनिर्भर बनाईए..

हमेशा वर्किंग मदर्स के बच्चे ज्यादा एक्टिव होते हैं.. क्योकि बचपन से ही बहुत काम खुद करना सीख जाते हैं और इसमे गलत भी नही है… मदर्स भी घर के छोटा मोटे कामो का जिम्मा responsibilities बच्चों को सौंप सकती हैं..  जैसा कि अपना कमरा साफ रखना, अपने कपडे स्कूल से आने के बाद तह करके रखना… स्कूल से आने के बाद होम वर्क करना..

घर के काम का ज्यादा तनाव न हो इसलिए काम बांट लेना चाहिए… कई बार होता है महिला आफिस से आती है तो फिर जुट जाती है उसे कोई सपोर्ट नही न पति का न बच्चों का… इसलिए आपस मे बैठ कर बात कर लेनी चाहिए और चाहे पति हो या बच्चे हर एक जिम्मे कोई न कोई काम involve हो ताकि एक दम से घर आते ही तनाव न हो जाए… ऑनलाईन शापिंग कई बार होता है

बी पोजिटिव – सबसे ज्यादा जरुरी है पॉजोटिव रहना.. वर्किंग लेडी समझदारी से काम लेगी… और टाईम मैंनेज करके चलेगी तो आराम से वर्किंग होते हुए भी बच्चों की देखभाल कर सकती हैं… बैलेंस बना सकती हैं… और दोनो जगह अपना 100 % दे सकती हैं…

Parenting Tips for Working Women – बच्चों की परवरिश कैसे करें – कामकाजी महिलाएं

November 23, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to be Happy in Married Life – पति पत्नी खुश कैसे रहें – Husband Wife Relationship Tips in Hindi

How to be Happy in Married Life

How to be Happy in Married Life – पति पत्नी खुश कैसे रहें – Husband Wife Relationship Tips in Hindi – कल एक कपल मिला.. उन्होनें हाल ही मे शादी की 50 वीं सालगिरह मनाई. बातो बातों में जब पूछा कि क्या आपकी लड़ाई झगड़ा होता था तो उन्होने बताया कि लड़ाई झगड़ा तो होता था और आज भी होता है होनी चाहिए इससे प्यार बढता है…

How to be Happy in Married Life – पति पत्नी खुश कैसे रहें – Husband Wife Relationship Tips in Hindi

मैंने सोचा कि क्यू न उनके अनुभव से फायदा उठाया जाए.. और बोला कि हैप्पी मैरिड लाईफ की कुछ टिप्स दीजिए..  तो उन्होने 50 साल के अनुभव से कुछ सदाबहार टिप्स बताई. जिसे हम आज भी एपलाई करके खुश और सुखी रह सकते हैं….

 

 

1.  झग़डा पकड कर नही बैठना

आमतौर पर जब झगड़ा होता है तो हम उसे पकड कर बैठ जाते हैं छोटी छोटी बातें पकड कर बैठ जाते हैं और वो बात का बतगंड बन जाती हैं. 1महीने बाद भी याद करते हैं कि हां हमारा इस बात पर झगड़ा हुआ था… या फिर अपने परिवार मे बता देते हैं कि इस बात पर झगड़ा हुआ … इन्होने ये कहा … तो बात बढ़ जाती है इसलिए घर का झगड़ा घर की चारदीवारी में ही रहना चाहिए और बात बढ़ाने की बजाय खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए.. हमारी बात हमेशा आई गई हो जाती है……

2. टाईम मैंनेजमैंट

किसी प्रोग्राम में जाना है कितने बजे जाना है तो समय से तैयार रहना. आमतौर ज्यादातर लेडीज बहुत समय लगाती हैं कुछ परिवार में पति बहुत समय लगाते हैं.. इससे पति लोगो को बहुत गुस्सा आता है अगर पहले से ही समय फिक्स किया हो तो कि इस समय हम बाहर कार में होंगें तो झगडे का कोई सवाल ही नही रह जाता..

3.  एक दूसरे के पेरेंट्स को परिवार को रिस्पेक्ट

आमतौर पर पति बोलेगें तुम्हारी मम्मी ने किया तुम्हारे पापा ने ऐसा किया… शादी को 30 साल भी हो जाएगें फिर भी मेरे तुम्हारे ही रहता है .. जबकि इन रिश्तों को सही मान रिस्पेक्ट देनी बहुत जरुरी है.. इन रिश्तों में अगर अपनापन हो तो मेरा तेरा न हो तो रिश्ता खूबसूरत हो जाता है..

4 . विश्वास

सबसे ज्यादा तनाव का करण बनता है शक.. और अगर ये मन में एक बार आ गया तो… कोशिश यही रहनी चाहिए कि एक दूसरे से कुछ न छिपाएं.. जहां छिपाया वहीं शक पैदा हो जाता है और इसका अंजाम कभी अच्छा नही होता.. इसलिए पहली बात तो हो ही नही और अगर आ गया तो बजाय इधर उधर के आमने सामने बैठ कर क्लीयर कर लेना चाहिए…

5.  बच्चों की देखभाल

बच्चों की देखभाल का जिम्मा सिर्फ मम्मी का नही दोनों का है और मम्मी पापा दोनो को ज्यादा से ज्यादा समय को देना चाहिए.. कही धूमने की बात हो तो अक्सर पति यही कहते हैं तुम ले जाना … जबकि दोनो को बराबर समय देना चाहिए.. और अगर फिर भी बिजी हैं तो इतना तो कर सकते हैं कि आफिस का काम घर पर न लाए बच्चे के साथ आराम से डिनर करें. टीवी देखे या खेलें पर समय जरुर लगाएं.

6.  देखा देखी न करें

हमारे घर ऐसा होता था या मेरी सहेली के घर ऐसा होता है तो हमें भी वैसा ही करना चाहिए ये सही नही है… अपने घर परिवार को अपने हिसाब से हैंडल करना चाहिए.. हमेशा अपने हिसाब से चलना चाहिए !!हमारे परिवार के लिए क्या सही क्या गलत है इस बात का ख्याल रखना चाहिए..

7 . प्यार सबसे पहली प्राथमिकता – पसंद ना पसंद का ख्याल रखना

प्यार करना , केयर करना पसंद ना पसंद का ख्याल रखना सबसे पहली  प्राथमिकता होनी चाहिए, एक दूसरे की फीलिंग का सम्मान करना आना चाहिए take for granted महत्व नहीं समझना, मान कर चलना. घर मे बिन अपूछे मेहमान बुला लिए. देर रात तक ड्रिंक लिए जा रहे हैं अरत को 12 बजे खा भी गर्म ही चाहिए… ऐसा नही होना चाहिए.. या फोन आएगा आज पार्टी में जाना है तैयार रहना,  पत्नी टीवी देख रही हैं और बिना पूछे चैनल बदल देना..

तो ये थी कुछ बातें जो उन्होनें बताई.. आप बताईए कि क्या सोचते हैं?? क्या ये पुरानी बाते आज के समय मे भी मान्य हैं ?? इनका ख्याल रख कर क्या सुखी रहा जा सकता है..

पति पत्नी खुश कैसे रहें –

 

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