Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

  • About Me
  • Blog
  • Contact
  • Home
  • Blog
  • Articles
    • Poems
    • Stories
  • Blogging
    • Blogging Tips
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Kids n Teens
  • Contact
You are here: Home / Blog

November 22, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Importance of Focus for Success – सफल कैसे हों – Use Power of Focus – सफलता का मंत्र

Importance of Focus for Success

Importance of Focus for Success – सफल कैसे हों – Use Power of Focus – सफलता का मंत्र – सफल होने के लिए Focus जरुरी – इतनी शिद्दत से मैंने तुम्हे पाने की कोशिश की हैं, की हर ज़र्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साजिश की हैं. बहुत अच्छा है न ये डायलॉग.. बस बोलने में अच्छा लगता है.. शिद्दत शब्द… अगर हम इसकी गहराई समझ जाएं तो हम भी सफल हो सकते हैं…

Importance of Focus for Success – सफल कैसे हों – Use Power of Focus

जिंदगी में हम सभी सफल तो होना चाह्ते हैं पर सफल होने के लिए गोल पर फोक्स नही रख पाते… तो सफलता कैसे मिलेगी… इसलिए फोकस रखना बहुत जरुरी है शिद्दत से जुटना होगा वैसे एक वो एक डायलॉग है ना कि

 

इतनी शिद्दत से मैंने तुम्हे पाने की कोशिश की हैं, की हर ज़र्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साजिश की हैं. बहुत अच्छा है न ये डायलॉग.. बस बोलने में अच्छा लगता है.. शिद्दत शब्द… अगर हम इसकी गहराई समझ जाएं तो हम भी सफल हो सकते हैं…

चलिए अपनी बात को बताने के लिए एक कहानी सुनाती हूं..

एक बार महान संत सुकरात से उनके एक शिष्य ने कहा कि गुरूजी, मैं जीवन में बहुत सफल होना चाहता हूँ,

मुझे कुछ ऐसी शिक्षा दीजिये जिससे में जिस भी लक्ष्य को चाहूं उसे हासिल कर सकूं। सुकरात ने यह सुनकर शिष्य से कहा “ठीक है, तुम कल सुबह झील के किनारे आ जाना, जहाँ में हर रोज़ नहाने के लिए जाता हूँ, में तुम्हे लक्ष्य हांसिल करने का अचूक मन्त्र बताऊंगा।

सुकरात की यह बात सुनकर शिष्य खुश हो गया, और अगले दिन ठीक समय से पहले ही झील पर सुकरात के आने का इंतज़ार करने लगा।जब सुकरात आये तो उन्होंने शिष्य को थोडा गहरे पानी में चलने को कहा, जब शिष्य और सुकरात दोनों गहरे पानी में पहुँच गए तो उन्होंने शिष्य को झील के पानी में डुबकी लगाने को कहा

शिष्य ने ऐसा ही किया! लेकिन जब उसने पानी के अन्दर डुबकी लगायी तो सुकरात ने उसका सर जोर से पकड़ लिया और उसे पानी से बाहर नहीं निकलने दिया!!! शिष्य बाहर निकलने के लिए छटपटाने लगा!!! क्यों की सुकरात उस समय ताकतवर थे,

शिष्य बहुत जोर लगाने पर भी उनकी पकड़ से नहीं छूट पाया! पानी के अन्दर उसका चेहरा नीला पड़ने लगा, तब उसने आखिरी बार, अपनी पूरी ताक़त लगा दी और पानी से बाहर सर निकालने में कामयाब हो गया दोनों किनारे पर पहुचे! शिष्य बहुत घबरा गया था, जब उसकी हालत कुछ ठीक हुई तो सुकरात ने पूछा कि कुछ समझ आया??

वो बोला कि क्या समझ… मैं तो मरने ही वाला था… जिस समय मैंने तुम्हें डुबाया क्या सोच रहे थे .. तो वो बोला सोचना क्या मैं तो बाहर निकलने की सोच रहा था कि किस तरह से बाहर निकलूं… और क्या चल रहा था.. किसी और के बारे में कुछ सोच रहे थे तो वो बोला मेरा तो ध्यान बस यही था किस तरह से बाहर मुंह निकालूं पानी से… और सास लूं

गुरु जी ने कहा कि बस यही बात समझा रहा हूं कि जिस तरह से तुम पानी से बाहर आने और सांस लेने के लिए छटपटा रहे थे, उस वक़्ततुमने अपनी सारी शक्ति इस लक्ष्य को पाने में लगा दी,

ठीक उसी प्रकार, जीवन में तुम कोई लक्ष्य तब तक नहीं हांसिल कर सकते, जब तक तुम उसे पाने के लिए बहुत बेताब न हो, और अपनी सारी शक्तियां उसे पाने में ना लगा दो…

वजह .. जिंदा रहना था और लक्ष्य था पानी से बाहर निकलना

तेजी,  कठोरता,  सख्ती , बल , तीव्रता…  फोकस  Use Power of Focus

यही जीवन में सफल होने का मंत्र है । फोकस जितना स्ट्रांग हो उतना अच्छा नही तो वजह खोजनी पडेगी…

असंभव कुछ भी नहीं है. तुम जो भी काम कर रहे हो, अपना दिमाग पूरी तरह से बस उसी एक काम में लगा दो.

और फोक्स जितना स्ट्रांग होगा सफलता भी उतनी ही शानदार मिलेगी…..

Importance of Focus for Success – सफल कैसे हों – Use Power of Focus – सफलता का मंत्र

November 21, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Mother deserves highest Love and Respect – माँ होती है सबसे ज्यादा प्यार और सम्मान की हकदार

Mother deserves highest Love and Respect

Mother deserves highest Love and Respect – माँ होती है सबसे ज्यादा प्यार और सम्मान की हकदार – Manushi Chhillar – Miss World 2017 …. और विश्व सुंदरी हैं भारत की मानुषी छिल्लर 2017.. जब ये खबर हैडलाईन बनी तो बहुत गर्व भी और खुशी भी बहुत हुई कि हमारा देश भी किसी से कम नही चाहे खेल का मैदान हो या अंतरिक्ष में जाने की बात हो या सुंदरता का खिताब हो…

Mother deserves highest Love and Respect – माँ होती है सबसे ज्यादा प्यार और सम्मान की हकदार

वैसे मानुषी की एक और बात ने सभी का दिल जीत लिया और वो है प्रतियोगिता के दौरान … कोश्चन रांऊड में उनका एक जवाब…  उनसे जब पूछा गया कि किस प्रोफेशन को सबसे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए और क्यों. उन्होनें कहा मां को…  सबसे ज्यादा इज्जत मिलनी चाहिए और जहां तक सैलरी की बात है तो इसका मतलब रुपयों से नहीं बल्कि सम्मान और प्यार से है…. बहुत केयरिंग होती हैं और उसके बदले वो यही चाहती है कि उसे बस प्यार और आदर मिले और कुछ नही..

मां की खासयियत होती ही यही है कि वो अपने लिए कुछ नही चाहती न अपना ख्याल रखती है… उसके लिए सब कुछ उसका घर परिवार ही होता है…  और हम for granted ले लेते हैं..

 

इसी बारे में एक प्रसंग याद आ रहा है कि बहुत पहले पढा था कि भगवान स्त्री की रचना कर रहे थे तब उन्हें काफी समय लग गया। छठा दिन हो गए और स्त्री की रचना अभी अधूरी थी। इसलिए देवदूत ने पूछा – भगवान, आप इसमें इतना समय क्यों ले रहे हो? भगवान ने जवाब दिया-

क्या तुमने इसके सारे गुण खासियत देखी हैं, जो इसकी रचना के लिए जरूरी हैं। यह हर प्रकार की परिस्थितियों को संभाल सकती है।

यह एकसाथ अपने सभी बच्चों को संभाल सकती है एवं खुश रख सकती है।  अपने प्यार से घुटनों की खरोंच से लेकर टूटे दिल के घाव भी भर सकती है। 18 घंटे काम भी कर सकती है। देवदूत हैरान रह गया अच्छा ?? और आश्चर्य से पूछा

देवदूत ने नजदीक जाकर स्त्री को हाथ लगाया और कहा- भगवान यह तो बहुत नाजुक है। भगवान ने कहा- हां, यह बाहर से बहुत ही नाजुक है, मगर इसे अंदर से बहुत मजबूत बनाया है। इसमें हर परिस्थितियों का संभालने की ताकत है। यह कोमल है पर कमजोर नहीं है। देवदूत ने पूछा- क्या यह सोच भी सकती है? भगवान ने कहा- यह सोच भी सकती है और मजबूत होकर मुकाबला भी कर सकती है।

देवदूत ने नजदीक जाकर स्त्री के गालों को हाथ लगाया और बोला- भगवान ये तो गीले हैं। लगता है इसमें से कुछ बह रहा है। भगवान बोले- यह इसके आंसू हैं। देवदूत- आंसू किसलिए? भगवान बोले- यह भी इसकी ताकत है। आंसू इसको फरियाद करने, प्यार जताने एवं अपना अकेलापन दूर करने का तरीका है।देवदूत- भगवान आपकी रचना अद्भुत है। भगवान बोले- यह स्त्रीरूपी रचना अद्भुत है। यही हर पुरुष की ताकत है, जो उसे प्रोत्साहित करती है। वे सभी को खुश देखकर खुश रहती हैं, हर परिस्थिति में हंसती रहती हैं। उसे जो चाहिए, वह लड़कर भी ले सकती है।

मगर हर परिस्थितियों से समझौता करना भी जानती है।

देवदूत- भगवान आपकी रचना संपूर्ण है। भगवान बोले- ना, अभी इसमें एक त्रुटि है। यह अपनी महत्ता भूल जाती है। घर पर किए काम को कभी पैसे से नही तोलती… उसे चाहिए तो बस प्यार और सम्मान और वो हमे देना चाहिए… हम देते ही नही… हुक्म भी चलाते हैं बत्तमीजी से भी बोल जाते हैं… आप बताईए क्या सोचते हैं..

माँ होती है सबसे ज्यादा प्यार और सम्मान की हकदार

November 20, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

What Type of Parents are You – कैसे parents हैं आप – Smart Parenting Tips in Hindi – मोनिका गुप्ता

What Type of Parents are You -

What Type of Parents are You – कैसे parents हैं आप – Smart Parenting Tips in Hindi – Difference Between Parents and  Extra ordinary means Smart Parents – अक्सर हम सभी पेरेंट्स  खुद को बहुत केयरिंग समझते हैं पर क्या वाकई में होते हैं ??  कहीं ऐसा तो नही बच्चे को फायदा पहुचाने के चक्कर में हम नुकसान कर रहे हो..

What Type of Parents are You – कैसे parents हैं आप

8 बातो से जानते है कि हम  Parents हैै या  Smart Parents यानि साधारण पेरेंट्स है या असाधारण  पेरेंट्स

 

1.   Parents

हमेशा बच्चों के साथ रहते हैं. कभी बच्चे को अकेला नही छोडते

Smart Parents

बजाय हमेशा साथ रहने के बच्चों को थोडी freedom देते हैं ताकि कुछ confidence आए  independently कुछ सीख सकें

2.   Parents

बात बात पर टोकते हैं ये सही नही… इसे ऐसे नही करते. ये गलत है..

Smart Parents

गलती करने देते हैं क्योकि वो जानते है कि बच्चा जब तक गलती नही करेगा वो सीखेगा भी नही

3.   Parents

हमेशा जताते रहते हैं कि हमें तुम्हारा कितना ख्याल रखते हैं ये सब तुम्हारे लिए ही कर रहे हैं…

Smart Parents

बात बात पर जताते नही ख्याल रखते हैं

4. Parents

हमेशा एक टीचर की तरह बर्ताव करते हैं और बच्चो को पढाई करते वक्त खुद ही जवाब लिख देते हैं

Smart Parents

हमेशा बच्चों से दोस्ताना व्यावहार रखते हैं और बच्चों को खुद करने के लिए उत्साहित करते हैं

5.   Parents

बात बात पर बच्चों को दूसरों का उदाहारण देते हैं कि इसने ऐसा किया उसने वैसा किया

Smart Parents

बजाय तुलना करने के बच्चे खुद किसी बात का उदाहरण बनें इस बात के लिए मोटिवेट करते हैं

6. Parents

प्रोब्लम में बच्चे के साथ खडे रहते हैं

Smart Parents

वो प्रोब्लम हुई किसलिए जानने की कोशिश करते हैं

  1.  Parents

अच्छा बनने की कोशिश करते हैं

Smart Parents

नेचूरल बने रहने की कोशिश करते हैं जैसे हैं वैसे ही रहते हैं

8.   Parents

हमेशा ये कहना कि तुम्हें नही आता .. तुमसे नही हो सकता

Smart Parents

तुम कर सकते हो.. एक बार फिर कोशिश करो..

  1.  Parents

पूरा फोकस पढ़ाई पढ़ाई और पढ़ाई पर ही रहता है

Smart Parents

पढ़ाई के साथ साथ साथ co curricular activities में भी बच्चे का फोकस रहे ऐसी सोच रखते हैं

Parent हैै या  Smart Parents

November 18, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Let Kids Learn from their Mistakes – क्या करें जब बच्चे गलती करें – बच्चों को गलतियों से सीखने दें

Let Kids Learn from their Mistakes

Let Kids Learn from their Mistakes -क्या करें जब बच्चे गलती करें – बच्चों को गलतियों से सीखने दें – Mistakes Improve Children’s Learning – Everyone makes mistakes and children are no exception  क्या करें जब बच्चा गलती करे… तो जवाब होगा. गुस्सा करना, पिटाई करना और क्या … पर उसे गलती करने दीजिए.. तभी तो सीखेगा..   बच्चे को गलती करने दीजिए… learn and grow with your mistakes – let your child make mistakes and learn…

Let Kids Learn from their Mistakes – क्या करें जब बच्चे गलती करें – बच्चों को गलतियों से सीखने दें

बच्चों को गलती करने दीजिए तभी तो सबक सीखेंगें …  . कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता फिर चाहे वो बड़ा हो या छोटा, आदमी हो या औरत हर कोई गलतियां कर ही बैठता है. गलतियों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है इसलिए गलती करते रहना चाहिए…

 

पर बच्चा जब गलती करे तो हम उसे गुस्सा होते हैं ये किसलिए किया क्यो किया… ऐसा नही करना चाहिए था जबकि बच्चे को भी गलती करने देना चाहिए..

गलती करेंगे तभी समझेंगे उस बात की महत्ता.. गलती करने से Self-confidence आता है, difficult situations से कैसे निकला जाता है ये समझ आता है responsibility  की भावना आती है जोकि मारने से तो बिल्कुल समझ नही आएगी जरुरत होती है खुद महसूस करने की … समझ नही आएगी पर जब तक उसे खुद रिएलाईज नही करेंगे .., तब तक समझ नही आएगी…  तभी तो स्ट्रांग बनेगें

फैला हुआ कमरा

जैसे मान लीजिए एक बच्चा है उसका कमरा फैला हुआ है.. आप रोज समझाते हैं कमरा मत फैलाओ … कई बार तो पिटाई भी कर देते हैं और ठीक भी कर देते हैं.. एक बार गुस्सा भी मत करिए और कमरा भी ठीक मत करिए..

एक समय ऐसा आएगा जब न उसे टाई मिलेगी न जुराब… न कॉपी … स्कूल के लिए देर हो रही होगी. बस मिस हो जाएगी… तो खुद परेशान हो जाएगें और खुद ही समझ आ जाएगी कि कमरा साफ रखना किसलिए जरुरी है.. पर मारना बहुत नाराज हो जाना ये भी सही नही है…  और उस समय कि चल मैं तुझे कार में छोड आती हूं क्लास न मिस हो जाए तो बच्चा नही सीखेगा.. इसे कमरा साफ करने की महत्ता नही पता चलेगी… responsibल कैसे बनेगा..

खेलते हुए गिरना

बच्चे खेलते हैं तो चोट भी लगेगी, कपडे गंदे भी होंगें.. तो क्या आप इस वजह से खेलने ही नही देंगें कि नही खेलना चोट लग जाएगी.. कपडे खराब हो जाएगें बल्कि इसी बहाने उन्हें बोल्ड बनाना चाहिए कि गिर गए तो कोई बात नही खेलो.. कपडे तो धुल ही जाएगें… इसी बहाने आप फर्स्ट एड का भी बता सकते हैं कैसे दवाई लगती है कैसे बैडडेड लगाई जाती है.. बोल्ड

फेल हो जाने दीजिए..

हम हमेशा उम्मीद रखते हैं कि बच्चा क्लास सबसे ज्यादा नम्बर आएं… बच्चे के अगर कम नम्बर आए तो हम मारते हैं गुस्सा करते हैं .. आने दीजिए बच्चे के कम नम्बर… बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.. पता चलेगा कि जिंदगी में उतार चढाव आते रहते हैं… पर उसमे तनाव नही बना कर उससे सीखना है..  गुस्सा करेगें तो एक तरह के भय मे जीने लगेगा .. झूठ भी बोलना शुरु कर देगा… खुद साईन करके ले जाएगा कि घर से मार पडेगी… जिंदगी का सच

भूल जाने दीजिए ..

टिफिन रख लिया, कॉपी रख ली ?? ये सारा काम मम्मी का होता है… कभी कभी स्कूल में टिफिन ले जाना भूल गया, कभी अपनी कॉपी ले जाना भूल गया… तभी उसे उसकी महत्ता पता चलेगी.. सब बच्चे खा रहे होंगें या क्लास में टीचर गुस्सा करेगी कि कॉपी किसलिए नही लाए… तभी सीखेगा

Confidence आएगा..

खुद करेगें सबक लेगें तो दूसरो के लिए प्रेरणा बन जाएगें कि मैं दूध नही पीता था ग्रीन वेजिटेबल नही खाता था …  इसलिए स्ट्रांग नही हूं खानी चाहिए, कमरा साफ रखना चाहिए.. तो करने दीजिए बच्चों को गलतियां…

मीठी याद होती हैं कुछ गलतियां

कई बार हमारे बोलने का विषय ही यही होता है चाहे हमारे बचपन की बातें हो या बच्चे के बचपन की… पता एक बार जब ये छोटा था तो क्या हुआ था… इसने क्या शरारत की थी… कितना अच्छा लगता है बताना एक मीठी याद ही तो होती है तो करने दीजिए कोई मासूम गलती…

Let Kids Learn from their Mistakes – क्या करें जब बच्चे गलती करें – बच्चों को गलतियों से सीखने दें

November 16, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छेड़छाड़ करना मना है

Monica Gupta

छेड़छाड़ करना मना है.. रानी पद्मावती पर जंग जारी है.. मेरे विचार से अगर हम कोई फिल्म किसी ऐतिहासिक पात्र को लेकर बनाते हैं तो उसके साथ छेड़छाड़ न करें तो ज्यादा ठीक होगा.. उसे ठीक वैसा ही रखें जैसा अभी तक वो हमारे जहन में हैं या हमने उसे पढ़ा है  और अगर बनाना ही है तो उस पात्र को कोई दूसरा नाम लेकर फिल्म बनाए ताकि किसी की भावनाएं आहत ही न हो..

छेड़छाड़ करना मना है

वैसे फिल्में ही नही आजकल  तो टीवी सीरियल में पौराणिक कथाओं को लेकर भी बहुत छेड़छाड़ देखने को मिल रही है..

कई बार तो कुछ बातें गले से नीचे नही उतरती… इसका कोई फायदा नही वो इसलिए भी कि जो उनके प्रति हमारा सम्मान है वो कम या खत्म भी हो सकता है या वो मजाक का कारण भी बन सकते हैं … तो छेड़छाड़ होनी ही नही चाहिए.. जो दिखाना है सही दिखाईए !!

आजकल सोशल मीडिया जितना प्रभावशाली हो रहा है अगर उसमे कोई अच्छा संकेत जाए तो अच्छा है अन्यथा नाम खराब होते ज्यादा समय नही लगता…  पहले समय में किसी को पता ही नही चलता था कुछ भी किए जाओ पर आज नेट की भूमिका बहुत सशक्त हो गई है.. इसलिए जो  भी करें सोच समझ कर ..

और वैसे भी हमारी संस्कृति ही तो हमारी विरासत है… इसे बनाए रखना हमारा फर्ज है..

छेड़छाड़ करना मना है

November 16, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Overcome Apprehension – How to deal with Fear and Anxiety – Apprehension से कैसे बचें

How to Overcome Apprehension

How to Overcome Apprehension – How to deal with Fear and Anxiety – Apprehension से कैसे बचें – Tips To Conquer Apprehensions – कहीं भूकम्प न आ जाए.. कहीं हमारे देश में हमला न हो जाए… हम मर न जाएं .. क्या होगा.. कैसे होगा ??

How to Overcome Apprehension – How to deal with Fear and Anxiety

ऐसी बेसिर पैर की बाते जब मन में आने लग जाए तो जितनी जल्दी हो उसे झटक देना चाहिए apprehension हमारे मन पर, हमारी जिंदगी पर बहुत असर डालती है.. क्योंकि एक बार उसने आपको अपनी गिरफ्त में ले लिया तो उससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा..

अब बात आती है कि कैसे झटकें…

 

मैं अपने अनुभव के आधार पर 7 बातें बता रही हूं जो इसके लिए हैल्पफुल हो सकती हैं

पहली बात तो ये कि इस तरह की बात आने कहां से शुरु हुई.

जैसे कि मान लीजिए मैं टीवी देख रही हूं और उसमे कोई एक्सीडेंट दिखाया जा रहा है तो मैं सोच रही हूं कहीं मेरे साथ न हो जाए… दूसरे देश में भूकम्प आया है तो कही ये मेरे शहर मे न आ जाए.. तो क्या होगा… कैसे होगा ??

1.शुरुआत हुई टीवी देखने से तो बेस्ट यही है आप टीवी बंद कर दीजिए…

वो हमारी सोच को गलत दिशा मे ले जा रहा है तो उसे बंद कर दीजिए और मान लिजिए अगर ये बात कुछ लोग कर रहे है कि एक्सीडेंट हो गया… और आपके मन मे फिजूल के विचार आ रहे हैं तो उठ जाईए वहां से कोई भी बहाना करके… पर वहां मत बैठे रहिए…

2 मन को दूसरी दिशा मे ले जाईए...

जिस काम मे आपका मन लगता है मान लीजिए आपको कोई पत्रिका पढना अच्छा लगता है या सैर करना अच्छा लगता है या म्यूजिक सुनना .. कहने का मतलब है कि उस बात से एक बार ध्यान हटा लेना है… मन को रिलेक्स रखना है..

3. बात कीजिए

अगर ऐसी Apprehensions हो रही है कि कहीं कुछ बुरा न हो जाए तो बात कीजिए… जो आपके बहुत करीब है.. आपके माता पिता , आपका कोई अच्छा दोस्त  या आपके पति या कई बार बच्चे अगर बडे हैं तो अच्छे से समझा सकते हैं..

पर कोशिश ये करनी है कि बात उसी से कीजिए जो सकारात्मक सोच रखता हो… अगर उसकी भी नेगेटिव सोच है तो वो आपको और ज्यादा तनाव में साल सकता है.. जहां से आपको अच्छी राय मिले वहीं बात कीजिए… हर जगह भी ये बात नही करनी चाहिए कई बार कुछ लोग मजाक भी बना देते हैं.

4. व्यस्त रखिए..

खाली दिमाग शैतान का घर होता है इसलिए खुद को व्यस्त रखिए किसी न किसी क्रिएटिव क्लाम में मतलब ध्यान उस बेफालतू की बात से ध्यान हटाने को है…

5. पॉजिटिव रहिए

ऐसी चीजे जो आपको पॉजिटिव रखे उनमें ज्यादा जुडे रहिए. जैसा कि मान लीजिए मैं हॉरर या क्राईम की खबरे और सीरियल देखती हूं तो मन में वही चलता रहेगा… इसलिए पढना है तो अच्छा साहित्य , देखना है तो अच्छी सकारात्मक बातें बात करनी है तो ऐसे ही लोगो से…

6. खुश रहिए

कोशिश ये कीजिए कि मन को गलत बातो से हटा कर कुछ ऐसा करें जिससे खुशी मिले… खुश रहना सबसे अच्छी दवाई होती है..

7. बोल्ड बनिए..

मन में ठान लीजिए कि मैंने इन बेसिर पैर की बातों से खुद को दूर रखन अहै और इस तरह की बाते मुझ पर कोई असर नही डाल सकती… क्योकि जितना हमने इसे तूल दिया ये उतनी ही हावी होती जाएगीं …

 How to Overcome Apprehension – How to deal with Fear and Anxiety – Apprehension से कैसे बचें 

November 15, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Why it is Important to be Healthy – क्यों जरूरी है healthy रहना – Healthy Lifestyle Tips in Hindi

Why it is Important to be Healthy

Why it is Important to be Healthy – क्यों जरूरी है healthy रहना – Healthy Lifestyle Tips in Hindi – Why to Keep Healthy …किसलिए रखें हम अपनी सेहत का ख्याल ?? हम सभी जानते हैं कि अपनी सेहत का ख्याल रखना ख्याल रखना बहुत जरुरी है पर फिर भी रखते नही..

Why it is Important to be Healthy – क्यों जरूरी है healthy रहना – Healthy Lifestyle Tips in Hindi

केयरलेस रहते हैं कि किसलिए रखें अपना ख्याल… देख लेंगे .. कल परसो अगले महीने या अगले साल … बहाने तैयार रहते हैं चलिए आज मैं बताती हूं कि किसलिए रखें अपनी सेहत का ख्याल..  किसलिए फिट रखें…

 

1.अच्छा दिखने के लिए – IMAGINE YOURSELF AMAZING – wow .. you are  so cool..

हम सभी अच्छा दिखना चाहते हैं search भी करते हैं कि कैसे आकर्षक दिखें स्मार्ट दिखें पर असली स्मार्ट तब दिखेंगें जब हम हैल्दी होंगें कोई फायदा नही होगा जब तक हम हैल्दी नही हैं.. हमें कोई देखे और बोले वाह कितने अच्छे लग रहे हो… खासकर जब आप अपने बच्चों के साथ खडे हो तो लोग बोले कि दोनो एक जैसे लग रहे हो कोई कह ही नही सकता कि आप मम्मी बेटी हो.. बहनें लग रही हो … या जब आप फल सब्जी ले रहे हो तो आपसे भी ज्यादा उम्र का सब्जी वाला आपको माता जी बोले  कैसा लगेगा अगर बुरा लगेगा तो जरुरी है हमारा Healthy  होना..  यही सोच लिजिए

2.   बीमारी से बचने के लिए

TO Avoid Disease Illness..बीमारी से बचने के लिए भी हैल्दी होना जरुरी है… जरा भी ख्याल नही रखा सेहत के प्रति लापरवाह हुए तो बीमारियां तो तैयार रहती हैं घेरने को अच्छा खान पान हमेशा हमें स्वच्छ रखता है.. जबकि खूब खाना और जरा भी सेहत का ख्याल न रख कर हम बीमार होते चले जाते हैं … शरीर आलसी और थका थका होने लगता है और यही होती है शुरुआत बीमारियों को घेरने की…  हाय हाय ही करते रह जाएगें…

3. पैसा बचाने के लिए

अब बात आती है कि सेहत अच्छी होगी तो इससे पैसा भी बचता है..   डाक्टरों के चक्कर काटना आसान है क्या एक बार आओ तो डाक्टर की फीस फिर ये टेस्ट वो टेस्ट … इधर भागो उधर भागो … कितना पैसा खर्च हो जाता है इसका तो कोई हिसाब ही नही… डाक्टर की फीस अलग और आने जाने का दूसरे शहर जाकर इलाज करवाने का खर्चा अलग… बहुत पैसा बच सकता है पह्ले ही पैसा पौष्टिक और हैल्दी खाने पर लगा देंगें तो ये दिन नही देखने पडेगें

4. अपने परिवार के लिए

इन सबमे हमारे साथ साथ तकलीफ किसे उठानी पडती है हमारे परिवार को… हमें चिंता तो परिवार भी तो डिस्टर्ब हो ही जाएगा .. ऐसा तो नही है कि आपकी तबियत सही नही और परिवार पिकनिक मना रहा है.. किसी का एग्जाम होगा किसी को नौकरी के लिए दूसरे शहर जाना होगा … कैसे करेगें सब … तो अपने परिवार के लिए ही अपना ख्याल रखना सेहत का ख्याल रखना जरुरी है… बच्चे क्या कहेंगें कि नानी दादी जब देखो हमेशा बीमार ही रहती है.. हम क्या करेंगे उनके पास जाकर… हमारा दुख हमारी तकलीफ हमें परिवार से दूर कर देगी..

5.  For Better Mental Health –  Improve your mood

अपना mood अच्छा बनाए रखने के लिए… जरुरी है अपनी सेहत… मानसिक रुप से हमारा स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है.. तनाव टेंशन डिप्रेशन अगर हमे घेर लेगी तो हमारा उनसे बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा.. तो खुद को अच्छा बनाए रखने के लिए तनाव से हम दूर रहें उसके लिए जरुरी है हमारी अच्छी सेहत…  अगर हम तनाव मे रहेंगें तो ना काम सही से कर पाएगें न सो पाएगें ना खा पाएगें.. तो नतीजा क्या होगा समझा जा सकता है..

6.  खुद को सशक्त बनाने के लिए 

खुद को सशक्त बनाने के लिए जरुरी है हमारा हैल्दी रहना. मान लीजिए मैं बहुत मोटी हो गई तो सारा काम इतनी एक्टिवली नही कर सकती जितना पहले कर सकती थी… कुछ भी काम होगा तो दूसरो पर ही निर्भर रहूंगी कि तुम कर दो… तुम कर दो… रिक्वेस्ट ही करती रहूंगी या हीमोग्लोबिन कम है ताकत ही नही है तो रोजमर्रा के काम के लिए दूसरो पर ही निर्भर रहूंगी तो कैसा लगेगा.. दूसरे फायदा भी उठा सकते हैं… तो नुकसान किसे होगा… इसलिए empowerment,  confidence खुद का हैल्दी रहना बहुत जरुरी है..

7 एनर्जी रहें उत्साह बनाए रखने के लिए

अब बात आती है खुद में एक उत्साह एक एनर्जी बनाए रखने के लिए जरुरी है अच्छी सेहत… जब हम दूसरो पर निभर रहेंगे तो हमारा आत्मविश्वास कमजोर होता जाएगा… हम खुद को हारा हुआ मानने लगेग़ें और हमारा उत्साह खत्म होने लगेगा… जब जिंदगी के प्रति उत्साह की खत्म होने लगेगा तो क्या रह जाएगा … इसीलिए इसीलिए अच्छी सेहत या हैल्दी रहना जरुरी है..

Why it is Important to be Healthy – क्यों जरूरी है healthy रहना – Healthy Lifestyle Tips in Hindi

 

November 14, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Kids are getting Smart – बच्चों की मनोरंजक दुनिया – बच्चे स्मार्ट हो रहे हैं

Kids are getting Smart

Kids are getting Smart – बच्चों की मनोरंजक दुनिया – बच्चे स्मार्ट हो रहे हैं – हम बडों को कई बार गलतफहमी हो जाती है कि बच्चे स्मार्ट नही पर आज बच्चे बहुत स्मार्ट है…

Kids are getting Smart – बच्चों की मनोरंजक दुनिया – बच्चे स्मार्ट हो रहे हैं

असल में, ये बात मैं इसलिए बात रही हूं कि कल कुछ बच्चे आए वो 3 – 4 क्लास में पढते हैं  बोले स्कूल में स्टोरी कॉम्पीटिशन है कोई अच्छी से कहानी बता दीजिए… पर वो न राजा रानी की हो न किसी पंडित की न किसी जानवर की हो पर हट कर हो और मजेदार हो… प्राईज भी उसे ही मिलेगा जिसकी कहानी सबसे हट कर होगी..

 

 

मैं सोचने लगी कि कौन सी कहानी दूं… तभी एक बच्चा बोला कि आपसे पहेली पूछूं .. मैंनें सोचते हुए बोला कि हां जरुर !!

तो वो बोला कि ऐसा कौन सा बैग है जो सिर्फ भीगने पर ही काम आता है ? अरे !!

भीगने पर.. मैंने बहुत जोर डाला पर नही समझ आया और हार मान ली … तो वो बोला क्या आपको इतना भी नही पता..

टी बैग

मैंने कहा कि ओके अब पूछो अब जरुर बताऊंगी तो वो बोला …

ऐसी कौन सी सब्जी है जिसमे ताला और चाबी दोनों आते हैं? मुझे नही आया इस पर उसने बताया

लौकी लॉक + की = लौकी…  हे भगवान !!

अब मुझे याद  आया एक पहेली जो कुछ समय पहले एक बच्चे ने मुझसे पूछी थी सोचा कि मैं पूछती हूं

मैंने कहा कि अच्छा बताओ कि एक मार्किट मे तीन दुकाने हैं एक रुई की , एक कागज की और एक लकडी की . वहा आग लग गई अब ये बताओ कि सबसे पहले एम्बूलेंस कहा आग बुझाएगी …

आराम से सोचो … मुझे लगा कि बच्चे नही दे पाएगें तो बच्चे बोले आपने ठीक नही पूछा आपकी पहेली ही गलत है और जोर जोर से हंसने लगे…

देखा तो ऐसे हो जाती है गलत फहमी के बच्चे स्मार्ट नही हैं.. तभी मुझे ख्याल आई मेरी लिखी एक कहानी गलतफहमी.. मुझे लगा कि ये कहानी बच्चों के काम आ सकती है…

चलिए आपको भी सुनाती हूं

कहानी – गलत फहमी

एक बहुत शरारती लडकी होती है मणि.. वो 4 क्लास में पढती थी और उसके मामा जी का ही स्कूल था. स्कूल घर के पास था तो वो पैदल ही आती जाती थी. शरारती बहुत थी पर पढाई मे भी बहुत अच्छी थी इसलिए स्कूल में उसे ज्यादा गुस्सा नही करती थी सभी टीचर्स…

एक दिन की बात है. हिंदी की क्लास थी टीचर ने कहा कि सभी बच्चे प्रार्थना पत्र लिखो फीस माफी के लिए… और मणि कॉपी लाना भूल गई तो उसने एक कॉपी का पेज फाड कर लिख दिया.. कि मेरे पिताजी बहुत गरीब हैं हम सात भाई बहन है घर का खर्चा मुश्किल से होता है.. मुझे पढने का बहुत शौक है. मैं बडी होकर जरुर कुछ न कुछ बनूंगी. कृपया करके मेरी फीस माफ की जाए… जब दिखाने गई तो  टीचर ने चैक इसलिए नही किया क्योकि वो कॉपी पर नही लिखा था. टीचर ने कहा कल इसे कॉपी पर लिख कर लाना फिर चैक करुंगी…

इतने में पूरी छुट्टी हो गई और मणी ने वो कागज स्कूल बैग की बाहर की जेब मे रख लिया और घर की ओर भागी..

घर पहुंच कर हमेशा की तरह खाना खाया खेली और फिर होमवर्क करने बैठी तो बैग की जेब में वो फीस माफी के लिए प्रार्थना पत्र नही मिला.. उसे  दो तीन बार देखा पर नही मिला तो उसे याद तो था ही उसने लिख लिया और फिर बाहर खेलने भाग गई

अगले दिन स्कूल शुरु हो गया था. मणि क्लास मे थी तभी बाई जी बुलाने आई कि आपको प्रिंसीपल सर बुला रहे हैं.. आपसे कोई मिलने आएं हैं उसने सोचा मुझसे ?? कौन आया होगा और सोचते सोचते आफिस पहुंची तो देखा उनके पास एक बुजुर्ग अंकल बैठे हुए थे…

उसे देखते ही वो अंकल बोले .. हां हां यही है वो… बहुत प्यारी बच्ची है… बेटा मणि ही है ना नाम तुम्हारा… प्रिंसीपल की और देखते हुए बोले बहुत होशियार बच्ची है पर पिता बहुत गरीब हैं इसके … मणि भी हैरान और मामा भी.. उन्हे गुस्सा इस बात का रहा था कि जरुर मणि ने ही शरारत की है. पर मणि हैरान थी. उसे समझ ही नही आ रहा था कि ये हैं कौन और क्या कह रहे है…

उन बुजुर्ग ने बताया कि उनकी स्कूल के सामने ही करियाने की दुकान है.. इस बच्ची को वो हमेशा देखते है.. बच्चों की सडक पार करवाने मे बहुत बार मदद करती है एक बार अपाहिजो को भी सडक पार करवाई थी… मैं इसकी पढाई का खर्चा उठाने को तैयार हूं .. मणि के मामा यानि प्रिंसीपल गुस्से से मणि को देख रहे थे कि जरुर इसने शरारत की होगी..

उन्होने उन बुजुर्ग से पूछा कि ये गरीब है इसके 7 भाई बहन है ये किसने कहा आपसे… ये सुनकर उन्होने जेब से एक कागज निकाला कि ये देखिए.. कल दोपहर स्कूल से जाते समय इसके बैग से ये कागज मिला जोकि गिर गया था… मैंने जब तक उठाया ये जा चुकी थी… इसमे लिखा है आप खुद ही देख लीजिए… जैसे ही मणि ने कागज देखा वो बोली अरे ये आपके पास है… मामा ने उसे चुप रहने का इशारा किया..

बुजुर्ग ने बताया कि ये पढा उन्होने इसमे लिखा है कि

मेरे पिता बहुत गरीब हैं हम 7 भाई बहन है.. घर का गुजारा मुश्किल से होता है..

मणि सारी बात समझ चुकी थी. अब बात थी मामा जी को समझाने की यानि सर को समझाने की..

मणि ने सारी बात बताई कि कल हिंदी के क्लास मे मेम ने पत्र लिखवाया था और कॉपी नही लाई थी इसलिए पेज पर लिख लिया पर मैम ने चैक नही किया.. इसी बीच हिंदी टीचर को भी बुला लिया गया था..

अब मामा जी को सारी बात समझ आ गई थी.. उन्होनें बुजुर्ग को कहा कि आपकी भावनाओ का आदर करते हैं पर मणि गरीब नही है.. ये मेरी भांजी हैं और इसके पिता बहुत जाने माने बिजनेस मैन हैं.. और फिर सारी बात बताई कि कल कैसे एक फीस माफी का प्रार्थना पत्र लिखा था और शायद वो स्कूल बैग से गिर गया और आपको ये गलत फहमी हो गई कि ये बहुत गरीब है…

ये सुनकर वो झेंप कर मुस्कुराने लगे और जाते जाते बोले कि उनकी दुकान है जब भी किसी गरीब बच्चे को मदद की जरुरत वो वो जरुर करेगें और वो मणि को आशीर्वाद देते हुए चले गए…

तो ऐसी भी हो जाती है गलत फहमी… मैंनें उसका प्रिंट आऊट निकाल कर कहानी बच्चों को दे दी… बच्चे खुश और जाते जाते बोले कि इसमे तो मेरा ही प्राईज आएगा.. फिर एक बोला और  एक पह्ली बताओगे

पहेली है कि बताईए कि

चींटी के मुंह भी छोटा क्या ? चींटी के मुंह से भी छोटा क्या ??

तो वो बोले मुंह से छोटा वही जो उनके मुंह के अंदर जाता है…  तो देखा बच्चे होते ही हैं स्मार्ट.. बडे बडो को धुमा देते हैं…

November 13, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to be Positive in Life in Hindi – Positive कैसे बनें – हमेशा पॉजिटिव कैसे रहे – Monica Gupta

How to be Positive in Life in Hindi

How to be Positive in Life in Hindi – Positive कैसे बनें – हमेशा पॉजिटिव कैसे रहे – हम सभी जानते है कि हमें Positive रहना चाहिए.. पर लाईफ में कई बार कुछ ऐसी बातें हो जाती है कि हम down जाने लगते हैं यानि नेगेटिव में घिरते चले जाते हैं तो ऐसी क्या Activities करें कि हम उससे बाहर निकलें…

How to be Positive in Life in Hindi – Positive कैसे बनें – हमेशा पॉजिटिव कैसे रहे

9 Positive Thinking  Activities That Will Change Your Life

चलिए आज 9 Positive Thinking  Activities के बारें में बात करते हैं जो हमारी जिंदगी को नए ट्रेक पर ला सकती हैं

 

 

 

1 खुद के अच्छे दोस्त बन जाना

शीशे के आगे खडा होकर खुद से बात करना … हैलो, हाय करना .. और पूछना कि आज कैसा बिताना है दिन स्माईल लेकर या उदास चेहरे से … शीशे में दोनो चेहरे बनाने हैं फिर जो पसंद आए उसे सारा दिन के लिए चुन लेना है…

2 Be thankful हमेशा भगवान का धन्यवाद देना और बोलना कि भगवान आप जो कर रहे हो कुछ अच्छा ही कर रहे होंगें… अगर हमारी आदत बन जाए शुक्रिया करने की तो माना जाता है  हमारी दिक्कतें कम होने लग जाती हैं … सब ऊपर वाले पर छोड दीजिए बस… मन का हो तो अच्छा न हो तो और भी अच्छा क्योकि अब वो होगा जो भगवान को अच्छा लगता है… Struggles , doubts नेगेटविटी कम होती जाती है… हम उस पर विश्वास करना सीख जाते हैं

3 लिखने की आदत बनाईए और वो भी अपने फोन पर नही डायरी में…  कुछ भी अच्छा और पोजिटिव लिखना आदत बना लेनी चाहिए.. ये सोच हो कि दिन के किसी भी समय जरुर लिखना है और कुछ अच्छा लिखना है और अगर कभी लगे कि अच्छा तो कुछ हुआ ही नही फिर भी खोजिए कुछ तो ऐसा हुआ ही होगा जो आपके चेहरे पर स्माईल ले आया होगा… कुछ तो… silver lining होगी ही.. इससे क्या होगा कि अगर आप लिखने की आदत बना लेंगें तो आप negative thinking  की बजाय focus करने लगेंगें positive बातो पर..

4.  Positive words मैं कर सकता हूं मैं जरुर करुंगी .. आई कैन आई विल मैं कर के दिखाऊंगी जिन शब्दों एक ताकत मिले … वैसा बोलना ही चाहिए !! मैं कभी फेल नही हुई मुझे हमेशा सबक मिला है Never a failure, always a lesson

Practice positive  कोई न कोई मंत्र बना लेना है खुद को उसे बार बार बोल कर  encourage करना है अच्छे विचार लिखने है उन्हें पोस्ट भी करना है I am a powerhouse; I am the architect of my life

फोटो देखना, किताबें पढना, जिन्होनें कुछ कर दिखाया है मिसाल बने हैं उनके बारे में पढना जैसा कि क्रिकेट प्लेयर युवराज सिंह, मनीषा कोईराला, मांऊट एवरेस्ट अरुणिमा सिन्हा

5.  खाना पौष्टिक हो

खाना पौष्टिक balanced diet हो इस पर भी ध्यान देने की बहुत जरुरत है… जितला तला भुना मिर्च मसाले दार खाएगें हमारा पाचन सिस्टम बिगडेगा और जितना हलका , सुपाच्य खाएगें हमारा शरीर हैल्दी रहेगा..

6. संगीत

पसंद का संगीत सुनना या मैडीटेशन करना या कसरत करना तो अच्छा है ही शरीर को रिलेक्स भी करता है और ताजगी भी देता है

7. हवा पानी बदलना – कही बाहर धूमने निकलना जाना … हवा पानी बदलना भी बहुत फायदेमंद रहता है.. माईंड रिफ्रेश हो जाता है.. नही भी जा सकते तो वॉक पर निकल जाईए…

8. Volunteer के रुप में खुद को engage कर लेना…

समाज में कुछ अच्छे कामों में खुद को व्यस्त कर लेना भी एक बहुत अच्छा रास्ता है खुद को सकारात्मक बनाने का… दूसरों की मदद करके, stress reduce होता है depression का सामना करने की शक्ति देता है… मानसिक रुप से शारीरिक रुप से खुशी मिलती है

9. Socialize कर लेना – जितना सोशल होंगें उतना अच्छा होगा.. अपना परिवार अपने दोस्त,, जो पॉजिटिव सोच लिए हैं उनसे मिलना चाहिए.. जब हम नकारात्मक होते हैं तो हमे एकांत ज्यादा प्रिय लगता है लगता है कोई बात न करें पर जरुरत होती है बाहर निकलने की लोगो से मिलने की ताकि नकारत्मकता दूर हो… ऐसे समय में अच्छे लोगो का भी पता चलता है और मजबूत रिश्ते भी बनते हैं…

खूब खुश रहिए, मस्त रहिए… लोग क्या कहेंगें इस पर से ध्यान हटा लीजिए उन्होनें तो हर हाल में कहना ही कहना है… Let it Go बीति ताहि बिसार दे…

November 11, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

YouTube – YouTube videos by Monica Gupta – News in The Tribune

Monica Gupta

YouTube – YouTube videos by Monica Gupta – News in The Tribune. बात है 30 Oct. 2016 की. उस दिन दीवाली थी और मैंने दोपहर को पहली वीडियो बना कर उसे यूटयूब पर अपलोड किया… वो वीडियो स्वच्छता के बारे मे थी और फिर  लगातार अलग अलग विषयों पर लगभग हर रोज वीडियो डालने लगी

YouTube – YouTube videos by Monica Gupta – News in The Tribune

और आज लगभग एक साल बाद  YouTube – YouTube videos by Monica Gupta – 30,00,000 views हैं  36,000 subscribers on YouTube in less than a year…
News in “The Tribune” !!!

एक वीडियो

 

ये थी मेरी पहली वीडियो

  • « Previous Page
  • 1
  • …
  • 32
  • 33
  • 34
  • 35
  • 36
  • …
  • 235
  • Next Page »

Stay Connected

  • Facebook
  • Instagram
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube

Categories

छोटे बच्चों की सारी जिद मान लेना सही नही

Blogging Tips in Hindi

Blogging Tips in Hindi Blogging यानि आज के समय में अपनी feeling अपने experience, अपने thoughts को शेयर करने के साथ साथ Source of Income का सबसे सशक्त माध्यम है  जिसे आज लोग अपना करियर बनाने में गर्व का अनुभव करने लगे हैं कि मैं हूं ब्लागर. बहुत लोग ऐसे हैं जो लम्बें समय से […]

GST बोले तो

GST बोले तो

GST बोले तो –  चाहे मीडिया हो या समाचार पत्र जीएसटी की खबरे ही खबरें सुनाई देती हैं पर हर कोई कंफ्यूज है कि आखिर होगा क्या  ?  क्या ये सही कदम है या  देशवासी दुखी ही रहें …  GST बोले तो Goods and Service Tax.  The full form of GST is Goods and Services Tax. […]

डर के आगे ही जीत है - डर दूर करने के तरीका ये भी

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग लेखन – Social Networking Sites aur Blog Writing –  Blog kya hai .कहां लिखें और अपना लिखा publish कैसे करे ? आप जानना चाहते हैं कि लिखने का शौक है लिखतें हैं पर पता नही उसे कहां पब्लिश करें … तो जहां तक पब्लिश करने की बात है तो सोशल मीडिया जिंदाबाद […]

  • Home
  • Blog
  • Articles
  • Cartoons
  • Audios
  • Videos
  • Poems
  • Stories
  • Kids n Teens
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • Disclaimer
  • Anti Spam Policy
  • Copyright Act Notice

© Copyright 2024-25 · Monica gupta · All Rights Reserved