Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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September 9, 2015 By Monica Gupta

बच्चे मन के सच्चे

बच्चे मन के सच्चे

बच्चे मन के सच्चे – बच्चे और उनका बचपन . बहुत मासूम होता है. बच्चे मन के सच्चे होते हैं बिना छल के जो भी कहतें हैं सच ही कहते हैं.

बच्चे मन के सच्चे

कल कुछ ऐसा ही देखने को मिला. असल में,  घर पर मेहमान आए हुए थे. उनका बच्चा बहुत ही छोटा था. बहुत शरारती भी था. खाने के मामले में तो अपनी मम्मी को बहुत तंग कर रहा था. वो आगे आगे दौड रहा था उसकी मम्मी उसके भागते भागते ही खाना खिला रही थी. मैने उससे बोला अरे !! आराम से बैठ कर खाओ ना ..

इस पर वो बोला ठीक है आप टीवी लगा दो. मैने तुरंत टीवी चला दिया और कार्टून नेटवर्क लगाने लगी क्योकि बच्चो का कार्टून जैसे मिकी माऊस . छोटा भीम  जैसी कार्टून पसंद आती हैं. इस पर वो बोला अरे नही न्यूज चैनल लगा दो .. ज़ी न्यूज या एबीपी … या कोई भी बस न्यूज चैनल …मैं हैरान !! अरे !! इतना छोटा बच्चा और न्यूज का शौक… मेरा तो दिमाग दौडने लगा कि इस बच्चे का इंटरव्यू ब्लाग पर दूंगी कि देखो इतना छोटा सा खबरों का शौकीन…

तभी अचानक उसने ओह शिट बोला और मेरा ध्यान टूटा.. अरे क्या हुआ बेटा !!उसने बोला न्यूज आ गई. मैने कहा… तो ??? news channel  में तो न्यूज ही आएगी ना … इस पर उसकी मम्मी ने बताया कि इसे विज्ञापन बहुत पसंद हैं और विज्ञापन सबसे ज्यादा न्यूज चैनल्स में ही आते हैं इसलिए ये न्यूज चैनल देखते हुए खाना पसंद करता है इसी बीच में बच्चा बोला “मिलते हैं एक ब्रेक के बाद”, “आप देखते रहिए… !! और फिर भागने लगा… उसकी मम्मी फिर उसके पीछे पीछे प्लेट लेकर … हे भगवान !!! 

वैसे बच्चा सच ही तो बोला … न्यूज चैनल में खबरे कम और विज्ञापनों की भरमार रहती है … धारावाहिको मे फिर भी कम रहती है पर न्यूज चैनल में एक खबर और दस मिनट का ब्रेक … आप उस बीच में अपना बहुत काम निबटा सकते हैं … 🙂

बच्चों की दुनिया बहुत प्यारी है इसे प्यारा ही बने रहने दीजिए

बच्चे मन के सच्चे

बच्चे मन के सच्चे

 

बच्चे मन के सच्चे  आपको कैसा लगा … जरुर बताईगा !!

September 8, 2015 By Monica Gupta

अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता

 

cartoon freedom by monica gupta

अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता

आश्चर्यजनक किंतु सत्य …सुनने मे आया है कि महाराष्ट्र सरकार ने सरकुलर जारी किया है जिसमे अगर जनप्रतिनिधियों पर आपतिजनक टिप्पणी की, बोला या चित्र बनाया तो आईपीसी धारा 124ऎ के अंतर्गत देशद्रोह माना जाएगा … पर ये नही बताया कि अगर जनप्रतिनिधि ही आपतिजनक बयान दे जिससे आम आदमी की भावनाए भडके और चैनल वाले मुद्दा बनाए तो उन जनप्रतिनिधि खिलाफ भी same टू same कानून रहेगा या … ???

महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार के सरकुलर  से तनाव पैदा हो गया है। महाराष्ट्र के गृह विभाग ने कहा है कि, किसी भी जनप्रतिनिधी खिलाफ़ दिए बयान या लेख से अगर हिंसा भड़कती है तो ऐसा करनेवाले के खिलाफ IPC की धारा 124A के तहत कार्रवाई होगी।

यक्ष प्रश्न यही है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या आजादी पर इस तरह से रोक लगाना सही है या कानून सभी के लिए समान रहेगा …

अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता

http://khabar.ndtv.com/news/india/read-the-the-circular-of-maharashtra-government-1214348

 

वैसे इस बारे में आपकी राय क्या है जरुर बताईएगा… क्योकि हमारे एक कार्टूनिस्ट मित्र ने तो कार्टून बनाने ही बंद कर दिए है और तनाव में चले गए हैं

September 7, 2015 By Monica Gupta

रसोईघर की सफाई

रसोईघर की सफाई

घर का सबसे महत्वपूर्ण कमरा है रसोईघर यानि किचेन .. जहां सुबह से लेकर देर रात तक चहल पहल रहती है खाने बनाने के साथ साथ कभी चाय, कभी खाना तो कभी मीठा कुछ न कुछ बनता ही रहता है.कुल मिलाकर व्यंजनों की महक से महकता रहता है रसोईघर..!! लेकिन रात को रसोई सोई सोई सी हो जाती है. एक दम शांत.मानो पूरा आराम लेकर  अगले दिन के लिए खुद को तैयार कर रही हो..

बात उस रात की है जब पानी पीने के लिए रसोई में जाना पडा. रात का दो बज रहा था. हर जगह सन्नाटा ही सन्नाटा था. सडक पर बहुत दूर से एक आध कुत्ते के भौकने की आवाज आ रही थी. कुल मिला कर माहौल पुरा डरावना था.फिर भी मैं लाईट जला कर रसोई की ओर बढ गई.

कुछ ही पल बाद मै रसोई के बाहर थी और भीतर जाने से पहले मैणे रसोई की लाईट भी जलाई. अचानक कुछ ऐसा देखा की मेरी सांस उपर की उपर और नीचे की नीचे अटक गई. इतने भयावह सीन की तो मैनें सपने मे भी कल्पना नही की थी. मैं तो जहां खडी थी वही ठिठक कर खडी रह गई.

आगे  कुछ बताने से पहले मैं आपको बता दूंकि  आमतौर पर महिलाए रात को गैस चूल्हा और स्लैब साफ करके सोती हैं ताकि सुबह सुबह रसोई साफ न करनी पडी और बच्चों के लिए नाश्ता व अन्य चीजें समय पर बन जाए.

मैं भी ऐसा ही करती हूं और कई बार साफ सुथरी रसोई मे दाल इत्यादि भी भिगो कर रखी या बादाम भिगो कर रखे तो उन्हे ढकने की जरुरत नही समझती कि सारी रसोई साफ है कोई क़ीट, मकौडा तक नही है तो क्या जरुरत और कई बार तो साफ स्लैब पर सुबह बिना कपडा लगाए स्कूल के टिफिन के लिए चपाती भी बना लेती.

पर आज कुछ ऐसा देखा कि …. !!! असल में जब लाईट जलाई तो देखा कि स्लैब पर तीन चार कोकरोच आराम से घूम रहे थे और छिपकली भी अपने परिवार के साथ टहल रही थी. अचानक लाईट पडते थे उनका चौंकना भी स्वाभाविक था. सब इधर उधर दौडने लगे. कभी स्लैब पर रखे तवे पर तो कभी भिगाई हुई दाल पर और धो कर रखे बर्तनों पर ऐसे भाग रहे थे ऐसे भाग रहे थे कि बस पूछिए ही मत…एक तो भाग दौड के चक्कर में मेरे पैरों पर ही आ गिरी. एक तरफ वो मुझे देख  कर भाग रही थी तो दूसरी तरफ मैं उससे  डर कर भाग रही थी

हे भगवान !! वो रसोई जिसे मैं रात को चमका कर जाती थी छिपकली और काकरोचों का अड्डा बना हुआ था.

खैर, तीन चार मिनट के अंदर अंदर सब नार्मल हो गया पर मुझे बडी सीख दे गया सबसे पहली तो जो भी रसोई मे रखो सब ढक कर रखना चाहिए. प्लेट कटोरी आदि सोने से पहले भीतर या स्टेट्ड पर लगा देने चाहिए. और रात को रसोई कितनी भी साफ करके क्यो न सोए सुबह एक बार स्लैब पर कपडा जरुर लगाना चाहिए.

उस रात मैं फिर  सोई नही और गूगल सर्च करने की छिपकली या काकरोचों आदि को कैसे भगाना चाहिए.

 

lizard photo

Photo by incidencematrix

Natural Alternatives To Pest Control |

मच्‍छर पर रोक- मच्‍छरों को भगाने के लिये आप नीम, तुलसी और गंजनी की पत्‍तियों को अपने घर के आस-पास लगाएं। इस बात का ध्‍यान रहे कि इनको प्रभावित करने वाली चीजें घर पर ना रखें। गहरे रंग के कपड़े, परफ्यूम और हेयर स्‍प्रे से यह काफी आकर्षित होते हैं।

कपूर का प्रभाव- कपूर में सल्‍फर पाया जाता है जो कि कीट को दूर रखने के लिये बहुत ही कार्यगर है। इसके अंदर एंटी बैक्‍टीरियल और एंटी फंगल तत्‍व पाए जाते हैं। अपने घर पर कपूर की दो-तीन गोलियां जलाएं जिससे आपको छोटे-मोटे कीटों से छुटकारा मिल सके।

चींटी उपचार- क्‍या आपके किचन में चिटियों का प्रकोप है, जो आपके चाय के कपों और अलमारी में रखी चॉकलेट को खा जाती हैं। अगर ऐसा है तो अपने किचन को हमेशा साफ-सुथरा बनाएं रखनें में ही भलाई है। इसके साथ ही हफ्ते में एक बार कैरोसीन से पोछा लगाने पर भी वह गायब हो जाती हैं। Read more…

Ajab Gjab

जानिए छिपकली से जुड़े शकुन और अपशकुनों के बारे में। 1 – नए घर में प्रवेश करते समय यदि गृहस्वामी को छिपकली मरी हुई व मिट्टी लगी हुई दिखाई दे तो उसमें निवास करने वाले लोग रोगी हो सकते हैं, ऐसा शकुन शास्त्र में लिखा है। इस अपशकुन से बचने के लिए पूरे विधि-विधान से पूजन करने के बाद ही नए घर में प्रवेश करना चाहिए। 2 – अगर छिपकली समागम करती मिले तो किसी पुराने मित्र से मिलना हो सकता है। लड़ती दिखे तो किसी दूसरे से झगड़ा संभव है और अलग होती दिखे तो किसी प्रियजन से बिछुडऩे का दु:ख सहन करना पड़ सकता है। 3 – शकुन शास्त्र के अनुसार दिन में भोजन करते समय यदि छिपकली का बोलना सुनाई दे शीघ्र ही कोई शुभ समाचार मिल सकता है या फिर कोई शुभ फल प्राप्त हो सकता है। हालांकि ये घटना बहुत कम होती है क्योंकि छिपकली अधिकांश रात के समय बोलती है। 4 – छिपकली अगर माथे पर गिरती है तो संपत्ति मिलने की संभावना बढ़ जाती है। 5 – यदि छिपकली आपके बालों पर गिरती है, इसका मतलब मृत्यु सामने खड़ी है। Read more…

वैसे पढा ये भी है कि मोर पंख रखने से छिपकली नही आती अब उसी की तालाश मे हूं … शायद काम बन जाए … फिलहाल तो बस बहुत सर्तक हो गई हूं …

रसोईघर की सफाई के बारे में आपके पास भी कोई टिप्स हो तो जरुर बताईएगा …

September 5, 2015 By Monica Gupta

इंद्राणी

इंद्राणी और रक्तदान

इंद्राणी की जितनी तारीफ करुं कम है बहुत ही भली हैं वो. उन जैसी बहुत कम देखने को मिलती हैं वैसे, मेरी उनसे, बहुत साल पहले, बस एक बार ही, फोन पर ही बात हुई थी. नकारात्मक होते हुए भी बहुत सकारात्मक सोच है उनकी. हां भई इंद्राणी की ही बात कर रही हूं अरे !! आप इतना हैरान परेशान किसलिए दिखाई दे रहे हैं… माथे पर बल भी हैं… ओ एक मिनट एक मिनट… कही आप इंद्राणी मुखर्जी का तो नही सोच रहे. हे भगवान !! क्या दुनिया में एक ही इंद्राणी रह गई क्या.

असल में, आज सुबह मेरी सहेली मणि का फोन आया कि किसी नेगेटिव व्यक्ति को जानती हूं मैने कहा अरे भई, सुबह सुबह अच्छा बोलो अच्छा सकारात्मक सोचो ये नेगेटिव किसलिए. तब वो बोली अरे नेगेटिव ब्लड ग्रुप के ब्लड की जरुरत है … ओह … तो ऐसा बोलो ना !! मैनें तुरंत फोन धुमाया एक दो से बात की और फिर इंद्राणी जैन से बात की. उसका नेगेटिव ब्लड ग्रुप है .. वो तुरंत ब्लड दे आई और मरीज की जान बच गई. देखा.. है ना इंद्राणी अच्छी .. !! और आप है कि … बाहर निकलिए जनाब शीना इंद्राणी चक्रव्यूह से… 

murder case by monica gupta

 

September 5, 2015 By Monica Gupta

अच्छे दिन बचाओ अभियान

अच्छे दिन बचाओ अभियान

cartoon happy day by monica gupta

अच्छे दिन बचाओ अभियान

हे कृष्णा.. !! टोकरी बहुत भारी है और किनारा दिखाई नही पड रहा … कैसे उठाए और कब तक चलू ….. अच्छे दिन आने वाले है ???

September 4, 2015 By Monica Gupta

शिक्षक दिवस और मोदी जी के मन की बात

 

 

modi ji by monica gupta

शिक्षक दिवस और मोदी जी के मन की बात

Prime Ministers Modi ji & mann–ki–baat on Teachers Day 

शिक्षक दिवस और मोदी जी के मन की बात …
5 सितंबर को शिक्षक दिवस है और इस उपलक्ष्य पर एक दिन पहले दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में पीएम मोदी ने बच्चों के बीच अपनी बात रखी.बच्चों के साथ मोदी जी की बात चीत बहुत अच्छी लगी. जिन बच्चों ने आज मोदी जी से प्रश्न पूछे निसंदेह उनका आत्मविश्वास तो आज चरम पर होगा और जो बच्चे कुछ कर दिखाना चाह्ते हैं वो भी इस प्रयास मे जुट जाएगें कि अगली बार वो भी मोदी जी से रुबरु हो.

अब मेरे  मन की बात

मैं टीवी देख रही थी और सोचे जा रही थी कि निसंदेह प्रयास बहुत अच्छा है पर इसी के साथ साथ अगर राज्यों के गावों में शिक्षा का स्तर, अध्यापकों का स्तर, स्कूलों मे बैंच, कुर्सी, और सबसे ज्यादा जरुरी पढने के लिए किताबें भी आ जाए,मिड डे मील सुधर जाए, स्वच्छ पानी और स्वच्छ शौचालयों की भी व्यवस्था हो जाए तो सोने पर सुहागा हो जाएगा.

कुछ ये भी कहा मोदी जी ने

शायद ही दुनिया में कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो अपने जीवन में मां और शिक्षक के योगदान को नकार सकता हो। मां जन्म देती है, गुरु जीवन देता हैकल यानि 5 सितंबर को कृष्ण और राधाकृष्ण, दोनों का जन्मदिन है…

शिक्षक कभी उम्र से बंधा नहीं रहता है, कभी रिटायर नहीं होता

विद्यार्थी अपने जीवन का एक बड़ा समय शिक्षक के साथ बताता है। डॉ. राधाकृष्‍णन ने अपने भीतर के शिक्षक को अमर बनाए रखा।
एपीजे अब्दुल कलाम हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं, उनसे जब पूछा गया कि आपको लोग कैसे याद रखें, तो उन्‍होंने कहा था कि लोग मुझे टीचर के तौर पर याद रखें।
विद्यार्थी और शिक्षक के जीवन में अपनत्‍व का भाव हमें जीवन जीने की कला भी सिखाती है।
जब मैं छोटा था तब हमारे गांव में टीचर सबसे अहम होता था।
लेखक मित्रों से अनुरोध है, अपने-अपने शिक्षकों के बारे में लिखें
शिक्षक कुम्हार की तरह हमारे जीवन की मिट्टी को संवारकर सही रूप देता है
शिक्षक की सिखाई बातें उम्र भर याद रहती हैं, हर सफल व्यक्ति के पीछे उसके शिक्षक का हाथ ज़रूर होता है।

शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई !!!

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