Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 1, 2015 By Monica Gupta

आईए परेशान हों

worried people photo

Photo by photoloni

आईए परेशान हों

इसका टाईटल पढ कर हैरान होने वाली तो कोई बात ही नही है क्योकि हम है ही ऐसे. बात बात पर रोंदडू सा मुहं बना लेगे और परेशान ही रहेगें.

अब देखिए ना !! आज सुबह की ही बात है सरकारी दफ्तर के बाहर दो बाबू लोग चाय पीते पीते बतिया रहे थे .एक बोला क्या बताऊ आज धुंध की वजह से सब गडबड हो गया. दूसरे ने पूछा पर यार अब तो मौसम एक दम साफ था. धुंध तो थी ही नही इस पर वो  बोला तभी तो …. आज मै धुंध के चक्कर मे जल्दी घर से निकल गया ताकि दफ्तर के लिए देरी ना हो जाए पर मौसम एक दम साफ मिला और मै इतनी जल्दी आफिस पहुच गया कि ताले भी नही खुले थे और ना ही यह चाय वाला आया था.बाहर इतनी सर्दी थी और अकेला खडा खडा  इतना बोर हुआ कि पूछो मत.

अब दूसरा उदाहरण देखिए .. एक श्री मति जी अपनी काम वाली बाई के आने पर रो रही थी. हुए ना आप हैरान !! असल मे वो क्या है ना कि चार दिन से देवी जी बिना बताए छुट्टी पर चल रही थी श्रीमति जी दिन रात इंतजार मे लगी रही पर इनके दर्शन नही हुए. इसलिए आज सुबह से ही उन्होने कमर कस ली और जुट गई सफाई मे. जैसे ही घर का सारा काम निबटा तो वो देवी जी अचानक प्रकट हो गई.अब आप ही बताईए क्या ऐसे  मे वो क्या उनकी जगह कोई भी होता वो खुश नही हो पाता.

और सुनिए!! भारी ठंड और धुंध को देखते हुए स्कूलो की छुट्टियाँ आगे बढा दी ताकि बच्चे घर मे सुरक्षित रहें. पर अब घर मे रहने वाली महिलाए अब और ज्यादा दुखी है कि सारा दिन हल्ला गुल्ला शोर शराबा होता रहता है. बच्चे नाक मे दम किए रखते हैं इसलिए. ना स्कूल जाए तो उसमे दुखी और  जाए तो उसमे और भी ज्यादा दुखी कि सरकार और हमारा कानून कितना निर्मम है इतनी सर्दी मे भी मासूमो को पढने जाना पड रहा है.

एक और उदाहरण तो पढिए. एक मोहतरमा गैस खत्म होने से बहुत खुश थी. नही तो आम तौर पर गैस खत्म होने पर  एक चिंता सी हो जाती है. खासतौर पर जब बुक करवा रखी हो और ना आए !! असल मे, अचानक उनके घर मेहमान आ गए और वो खाना बनाने से बच गई. खुशी टपक टपक के दिखाई दे रही थी उनके चेहरे पर से. अरे भई ,होटल मे खाना खाने जो जाना था उन्हे!!वही दूसरी तरफ  पतिदेव के चेहरे से उदासी टपक टपक के गिर रही थी.

जहां आजकल जबरदस्त सर्दी के दिनो मे  अचानक धूप या सूरज निकलने से हमे राहत मिल रही है वही नीना आज धूप को कोसे ही जा रही है पूछ्ने पर पता चला कि अखबार मे और टीवी पर सुना  था कि मौसम बादल वाला ही रहेगा इसलिए उसने आज कपडे नही धोए और आज सुबह से ही धूप आसमान मे चमक रही है मौसम एक दम साफ है पर नीना का पारा एकदम गर्म!!! काश उसने भी कपडे धो लिए होते.!!! किसी पर विश्वास ना किया होता !! बस आज वो यही प्रार्थना किए जा रही है कि हे भगवान!!  बरसात आ जाए या बादल हो जाएं!!

देखा !!! आप भी यह लेख पढ कर परेशान हो रहे हैं और  मुझे कोसने लगे कि  ना जाने कैसे कैसे लोग ब्लाग लिखने लगे है. जो भी मन मे आता है लिख डालते है..ह हा हा धन्यवाद !!! यानि मेरा लेख सार्थक हुआ!!

आईए परेशान हों

 

August 1, 2015 By Monica Gupta

हम मे है हीरो

इंसान और भगवान

हम मे है हीरो – बस दूसरो को देख देख कर दुखी और परेशान होते रहते  हैं  कि फलां तो इतना खूबसूरत है डिमकाने को तो देखो भगवान ने उसे सभी कुछ दिया है और एक हम है.हमे तो भगवान मे कुछ ही नही दिया. वगैरहा वगैरहा. और जो हमे मिला है उसकी कभी कद्र ही नही करते.

हम मे है हीरो

वैसे देखा जाए तो गलती हमारी भी नही है आजकल मानसिकता ही ऐसी बन गई है.पर यकीन मानिए हमारे भीतर भी कोई ना कोई हुनर जरुर छिपा है. एक बात से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. हुआ यू कि  कुछ समय पहले मुझे अस्पताल जाना पडा. बीमार मरीज  के कमरे मे एक जमादार बहुत मन से झाडू लगा रहा था.उस समय मरीज का आप्रेशन चल रहा था. मै थोडा चिंतित थी तो वो जमादार मुझे देख  सफाई करते करते बोला कि अगर आप इस मंत्र को मन ही मन दस बार बोलेगी तो आपकी चिंता दूर हो जाएगी. एक बार तो मुझे बहुत अजीब लगा.पर वो वाकई मे सच था. अगले दिन जब वो सफाई करने आया तो मेरे पूछ्ने पर उसने बताया कि वो यहा आने से पहले दस साल  माता वैष्षो देवी मंदिर मे सफाई का काम किया करता था और वही से अच्छे विचार ग्रहण किए.कोशिश रह्ती है कि मै इस ज्ञान को लोगो मे बांट सकू.मै हैरान थी क्योकि मै सोच भी नही सकती थी उस जमादार के बारे मे.

वही एक कुरियर वाला है वो हमेशा डाक ले जाता है पर एक दिन डाक देते हुए पता चला कि वो तो नामी लेखक है और बहुत रचनाए किताबो मे छपती है.ये तो बस तो समय व्यतीत करने के लिए काम कर रहा है  और तो और एक नामी गिरामी कवि जिन्हे ढेरो पुरुस्कार भी मिले है वो बस स्टेड पर गन्ने का जूस बेचते थे. उनकी दुकान पर लोग जूस भी पीते और कविता भी सुनते.

एक अन्य उदाहरण मे मुझे गिटार पर बडा सा स्टीकर लगवाने के लिए बाजार  गाडी की जो नम्बर् प्लेट लिखते है उस दुकान पर जाना पडा. वहां एक मैले से कपडे पहने मैकेनिक ने दस मिनट इंतजार करने को कहा .मुझे यही चिंता थी कि कही ये स्टीकर लगाते लगाते गिटार तोड् ही ना दे. ऐसे लोगो को कहा समझ होती है .पर दस मिनट बाद ना सिर्फ उसने खूबसूरत सा स्टीकर लगाया बल्कि गिटार पर धुन भी बजा कर सुनाने लगा और कहता कि इसकी ट्यूनिग सही करनी पडेगी.मेरे पूछ्ने पर उन्होने बताया कि कालिज के समय मे सीखा था पर बाद मे मौका ही नही मिला.पर जब कभी मौका मिलता है सुर छेड लेता हूं.

मै हैरान थी कि ऐसा भी होता है.असल मे, कई बार हम खुद को बहुत कम आंक जाते हैं पर ऐसा कभी नही सोचना चाहिए. जहां एक ओर हमे  अपने हुनर को दिखाना चाहिए वही दूसरी ओर दूसरे मे छिपे हुनर की तारीफ करने मे कभी पीछे भी नही रहना चाहिए.जरुरी नही है कि हीरो वही  है जो रुपहले पर्दे पर ही नजर आता है हम अपने चारो तरफ नजर उठा कर देखेगे तो ना जाने कितनी लम्बी कतार दिखाई देगी… तो पहचानिए खुद को … हो सकता है अनजाने मे ही सही,हो सकता है कि  आप किसी के लिए प्रेरणा ही बन जाए …!!! क्योकि हममे है हीरो !!!

हम मे है हीरो  …. जी हां, इतना तो मै दावे से कह सकती हू कि हम सभी में,  कोई ना कोई खास बात जरुर है और ऐसी ही कोई ना कोई खास बात आप मे भी होगी.. है ना !! अरे ये क्या आप तो मुस्कुराने लगे और वो भी व्यंग्यात्मक रुप से … हु ह … खास और हम में … रत्ती भर भी कुछ नही है और हो इससे फायदा भी क्या है .. कौन देखने आ रहा है … खास बात का क्या बैठ कर अचार डालें !!

देखा, बस यही कमी है हम मे . हम खुद को जानना ही नही चाह्ते. बस दूसरो को देख देख कर दुखी और परेशान होते रहते  हैं  कि फलां तो इतना खूबसूरत है डिमकाने को तो देखो भगवान ने उसे सभी कुछ दिया है और एक हम है.हमे तो भगवान मे कुछ ही नही दिया. वगैरहा वगैरहा. और जो हमे मिला है उसकी कभी कद्र ही नही करते.

वैसे देखा जाए तो गलती हमारी भी नही है आजकल मानसिकता ही ऐसी बन गई है.पर यकीन मानिए हमारे भीतर भी कोई ना कोई हुनर जरुर छिपा है. एक बात से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. हुआ यू कि  कुछ समय पहले मुझे अस्पताल जाना पडा. बीमार मरीज  के कमरे मे एक जमादार बहुत मन से झाडू लगा रहा था.उस समय मरीज का आप्रेशन चल रहा था. मै थोडा चिंतित थी तो वो जमादार मुझे देख  सफाई करते करते बोला कि अगर आप इस मंत्र को मन ही मन दस बार बोलेगी तो आपकी चिंता दूर हो जाएगी. एक बार तो मुझे बहुत अजीब लगा.पर वो वाकई मे सच था. अगले दिन जब वो सफाई करने आया तो मेरे पूछ्ने पर उसने बताया कि वो यहा आने से पहले दस साल  माता वैष्षो देवी मंदिर मे सफाई का काम किया करता था और वही से अच्छे विचार ग्रहण किए.कोशिश रह्ती है कि मै इस ज्ञान को लोगो मे बांट सकू.मै हैरान थी क्योकि मै सोच भी नही सकती थी उस जमादार के बारे मे.

वही एक कुरियर वाला है वो हमेशा डाक ले जाता है पर एक दिन डाक देते हुए पता चला कि वो तो नामी लेखक है और बहुत रचनाए किताबो मे छपती है.ये तो बस तो समय व्यतीत करने के लिए काम कर रहा है  और तो और एक नामी गिरामी कवि जिन्हे ढेरो पुरुस्कार भी मिले है वो बस स्टेड पर गन्ने का जूस बेचते थे. उनकी दुकान पर लोग जूस भी पीते और कविता भी सुनते.

एक अन्य उदाहरण मे मुझे गिटार पर बडा सा स्टीकर लगवाने के लिए बाजार  गाडी की जो नम्बर् प्लेट लिखते है उस दुकान पर जाना पडा. वहां एक मैले से कपडे पहने मैकेनिक ने दस मिनट इंतजार करने को कहा .मुझे यही चिंता थी कि कही ये स्टीकर लगाते लगाते गिटार तोड् ही ना दे. ऐसे लोगो को कहा समझ होती है .पर दस मिनट बाद ना सिर्फ उसने खूबसूरत सा स्टीकर लगाया बल्कि गिटार पर धुन भी बजा कर सुनाने लगा और कहता कि इसकी ट्यूनिग सही करनी पडेगी.मेरे पूछ्ने पर उन्होने बताया कि कालिज के समय मे सीखा था पर बाद मे मौका ही नही मिला.पर जब कभी मौका मिलता है सुर छेड लेता हूं.

मै हैरान थी कि ऐसा भी होता है.असल मे, कई बार हम खुद को बहुत कम आंक जाते हैं पर ऐसा कभी नही सोचना चाहिए. जहां एक ओर हमे  अपने हुनर को दिखाना चाहिए वही दूसरी ओर दूसरे मे छिपे हुनर की तारीफ करने मे कभी पीछे भी नही रहना चाहिए.जरुरी नही है कि हीरो वही  है जो रुपहले पर्दे पर ही नजर आता है हम अपने चारो तरफ नजर उठा कर देखेगे तो ना जाने कितनी लम्बी कतार दिखाई देगी… तो पहचानिए खुद को … हो सकता है अनजाने मे ही सही,हो सकता है कि  आप किसी के लिए प्रेरणा ही बन जाए …!!! क्योकि हममे है हीरो !!!

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I am great photo

     Photo by Јerry

 

किसी ने सच कहा है कि …

काम करो ऐसा की पहचान बन जाए

हर कदम चलो ऐसा की निशान बन जाए

यहां जिंदगी तो सभी काट लेते हैं

जिंदगी ऐसे जीयो की मिसाल बन जाए

 

August 1, 2015 By Monica Gupta

दौरा बनाम दौरा

दौरा बनाम दौरा  ….

cartoon- result monica gupta

 

दौरा बनाम दौरा

आज अचानक सुबह सुबह  नेता जी ने घोषणा कर दी कि अभी विदेश दौरे पर जाने की बजाय वो सीधा  तिहाड के दौरे पर जाएगे क्योकि भारी अव्यवस्थाओ के चलते वहां देखना भी बहुत जरुरी है. आनन फानन में सायरन बजाती हुई गाडियो का काफिला अगले ही पल तिहाड के भीतर था.

काजू और बादाम खाते हुए नेता जी ने बहुत ध्यान से सभी बातो का मुआयना करना शुरु किया.सबसे पहले गेट पर खडे  संतरी को बहुत प्यार से देखा और उसकी पीठ पर थपकी दी. फिर पूरा  मुआयना किया कि कैसे कैदी सुबह उठ कर दिनचर्या अपनाते है और उन्हे किन किन बातो की कमी लगती होगी. सबसे पहले तो सैर करने के लिए जगह तैयार करवाने के आदेश दिए.ताकि ताजी  हवा का आनंद ले सकें. कुछ कमरो को वीआईपी सैल बनाने की धोषणा की कि जब कोई बडा नामी गिरामी बीमार नेता आए तो उसे किसी प्रकार की दिक्कत का सामना ना करना पडे.

खाने मे भी अच्छे कुक रखने के आदेश दिए ताकि कोई कैदी खाकर बीमार ना पडे क्योकि मीडिया मे एक बार खबर आ जाए तो बहुत किरकिरी हो जाती है. फिर बात आई शौचालयो की. अच्छे स्वास्थ्य के लिए साफ सुथरे बाथरुम निंतांत आवश्यक हैं इसलिए ज्यादा शौचालय बनाने के भी आदेश दे दिए गए औरयह हिदायत भी दी गई कि सभी सफाई  कर्मचारी  24 घंटे डयूटी पर ही तैनात रहें.

हर रोज कुछ ना कुछ क्रियात्मक होता रहे इसलिए मनोरंजन के लिए भी आदेश दिए गए ताकि दुखी कैदियो  का ध्यान सुसाईड करने पर ना जाए और उसमे जीने की नई आशा का संचार होता रहे.छोटा फ्रिज,गद्दा और छोटा रेडियो या छोटा टीवी भी सभी कमरो मे लगे इसका भी ध्यान रखना बहुत जरुरी है और और नेता जी बोलते जा रहे थे और उनका सैक्रेटरी लिखे जा रहा था. तभी किसी ने पीछे आकर कहां कि आपके जाने का समय हो गया है. उन्होने तुरंत गाडी निकालने के आदेश दिए ताकि कही विदेश जाने वाली  फ्लाईट मिस ना हो जाए. और अगले दौरे का भी दिन तथा समय  निश्चित कर लिया ताकि जिन कामो के आदेश दे दिए है वो लागू हुए है या नही.

तभी उन्हे ऐसा लगा कि कोई उन्हे झंकोर रहा है. अचानक वो उचक कर उठ बैठे. हवलदार उन्हे उठा रहा था कि इतनी देर से  क्या बडबडाए जा रहे हो… वो नींद से जागे… अरे!!! वो तो खुद कैदी हैं.छोटा सा कोठरीनुमा कमरा, पुराना सा मटका,थाली कटोरी,चम्मच, और मटमैली सी चादर मानो उन्हे चिढाती हुई हंस  रही थी.उफ!!! कहां तो  नेता जी दौरा करने आए थे और ये क्या …!!!  अचानक नेता जी को एक बार फिर  दौरा पडा और एक लंबी सांस लेते हुए वो एक तरफ लुढक गए…..पीछे संगीत चल रहा था …ए मालिक तेरे बंदे हम …ऐसे हैं हमारे कर्म …!!!!!

कैसा लगा आपको ये व्यंग्य… जरुर बताईएगा 🙂

 

 

July 31, 2015 By Monica Gupta

वो प्यार

 

love photo

Photo by VinothChandar

वो प्यार

बहुत बार समझाया था मणि को कि वो तेरे लिए ठीक नही है ठीक नही है … उसे छोड दें … उससे रिश्ता या किसी प्रकार का सम्बंध रखना उचित नही है पर वो ठहरी मणि … हां … मणि मेरी सबसे अच्छी सहेली है हर इंसान की तरह उसमे भी कुछ कमियां हैं जिसे मैं कई बार नजर अंदाज कर देती और कई बार उसे डांट भी देती… पर उसका असर पडता दिखता नही था. उसका उसके प्रति लगाव बढता ही जा रहा था. साल दर साल बीतते जा रहे थे और  मणि का उसके प्रति प्यार और आकर्षण बढता ही जा रहा था.मेरे सामने अक्सर वो उसकी बात छेड देती  तो मैं गुस्से मे तिलमिला जाती और मेरी तिलमिलाहट पर जब वो हंसती तो तो तो … !!!

खैर !!! अभी मणि का फोन आया कि तू अभी आ जा. मैनें उसे हमेशा के लिए छोड दिया है… क्या ??? मै… मुझे … विश्वास नही हुआ… !!! क्या कह रही है दुबारा तो बोला … वो बोले जा रही थी.  हां, आज बहुत सोचा और सोचने के बाद यही फैसला लिया कि उसे छोडना मेरे और मेरे परिवार के लिए सही रहेगा… बस तू जल्दी आ जा… मै बिना समय गवाए मणि के घर भागी.!!

मणि कमरे में थी. घर पर सभी थे. मैं अचानक ठिठक गई. मणि उठ कर बाहर आ गई और मेरा हाथ पकड कर बोली तूने बोला था … और हमेशा ही बोलती थी … गुस्सा भी होती थी.. आज छोड दिया मैने उसे अपनी जिंदगी से दूर कर दिया. बहुत दूर कर दिया. घर पर भी अपना फैसला सुनाया तो सब खुश हैं. उसकी आखें नम थी. बोली बहुत याद आएगी उसकी पर तू साथ देना उसे भूलाने मे मेरी मदद करना…

मै बहुत खुश बहुत ही खुश हूं ..अरे .. आप क्या सोच रहे हैं? किसको छोड दिया मणि ने ?? अरे … ओह क्षमा करें … मैनें तो आपको बताया ही नही … वो क्या है न मणि को बचपन से सुपारी और पान मसाला खाना बहुत पसंद है .. ?? अरे क्या हुआ ??? आप नाराज क्यों हो रहे हैं .. मैं बात नही बदल रही … वही बता रही हूं जो है .. असल में , मणि को सुपारी खाने का बहुत शौक है सारा समय कट कट मुहं ही चलता रहता था. उसके घरवालो ने बहुत समझाया पर नही, अडी हुई थी कि सुपारी खाना छोड ही नही सकती. मैं बोलती थी तो कहती कि शराब सिग्रेट की लत तो है नही .. बेचारी सुपारी ही तो खाती हूं … मैने समझाया कि शरीर को बहुत नुकसान कर सकती है सांस की प्रोब्लम हो सकती है पर किसी की नही सुनी और आज अचानक ये निणर्य… मैं बहुत खुश हूं … अरे .. आप क्या ??? कुछ और सोच रहे थे … देखिए आप जो भी सोच रहे हो पर एक बात जरुर है कि अगर आप भी सुपारी पान मसाला या अन्य का सेवन करते हैं तो प्लीज छोड  दीजिए.. शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाते है ये … !!!

अब तो भगवान बस उसे शक्ति दे कि उसे कभी उस की याद न आए … 🙂 अब आप फिर से क्या सोचने लगे !! ह हा हा !! कुछ भी मत समझा कीजिए !!   शुभकामनाएं मणि !!!

July 30, 2015 By Monica Gupta

FootSteps

cartoon foot steps by monica gupta

footsteps

कलाम साहब का अचानक दुनिया से चले जाना एक बहुत बडा झटका है जिसकी भरपाई शायद कभी नही हो पाएगी… सोशल मीडिया में चाहे वो या फेसबुक हो , गूगल प्लस हो,टवीटर हो या ब्लाग हो … जिस तरह से जनता ने उन्हे सिर आखों पर  बैठाया इससे यही लगा कि जनता उन्हें बेहद प्यार करती थी उनकी सादगी उनकी ईमानदारी आज के समय में एक मिसाल बन कर उभरी और छा गई..

कलाम साहब की सोच उनका विजन बहुत महान था आज के जमाने में जहां कोई नेता नही दिखता जिसे हमे footsteps follow  करें वही कलाम साहब एक ऐसा व्यक्तित्व छोड गए हैं जिसका हमें अनुसरण करना चाहिए…

…. और शायद यही करना हमारी उनके लिए सच्ची श्रंदाजलि होगी

footsteps

Top 10 Lessons we can learn from Dr. A P J Abdul Kalam | A Listly List

The people’s President has finally found a safe place for him amongst the stars. We lost a great President and even a greater human being yesterday. He has lived a life which inspires everyone to make small contributions towards the society. Here’s a list of Top 10 lessons we can learn from Dr. A P J Abdul Kalam.

Be active. Till his last breath, Dr Kalam was active and making his mark. He always said that we should be active and take our responsibility. Because if we don’t we are surrendering our fate to others. Always keep working , no matter what! Read more…

कलाम को सलाम

Foot Steps

July 17, 2015 By Monica Gupta

अरविंद केजरीवाल -एक साक्षात्कार

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अरविंद केजरीवाल -एक साक्षात्कार

आज, आज तक पर अरविंद जी का Exclusive साक्षात्कार देखा. बहुत दुख हुआ ये देख कर कि मीडिया की बातों में मैं भी आ गई थी. एक एक बात को अरविंद जी ने जब बताया तो लगा … अरे !!! ये तो हमे पता ही नही था. राजदीप सर देसाई को उन्होनें चुप करवा दिया और स्पष्ट बोले कि अगर आपने ही बोलना है तो बोले जाओ मेरी क्या जरुरत है … एक एक बात का इतना सही जवाब दिया कि मैं तो सुनती ही रह गई. वेट, तोमर, स्वाति, विज्ञापन, जंग साहब एक एक बात पर अपनी बात रखी. अगर आपको मौका मिले तो जरुर देखिएगा …!!!

http://aajtak.intoday.in/video/modi-is-creating-obstacles-says-arvind-kejriwal-1-823168.html

 

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