Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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October 11, 2015 By Monica Gupta

पालतू जानवर कुत्ता

cartoon dog by monica gupta

cartoon dog by monica gupta

 

पालतू जानवर कुत्ता

जैसे ही कुत्ते ने देखा कि उनका मित्र  कुत्ता वोट का बैनर और हड्डी ले कर आया है उसका गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंच गया और उसे गुस्से मे बोल डाला चल हट आदमी कही का … इस पर  बेचारे कुते ने डरे सहमे कहा कि भगवान के लिए मुझे ये वाली  उपाधि न दो !!! मैं तो कुत्ता ही ठीक हूं कम से कम मेरी ईमानदारी वफादारी एक मिसाल तो है पर ये आदम जात तो अपने स्तर से बिल्कुल  गिर चुका है !!

पालतू जानवर कुत्ता

October 10, 2015 By Monica Gupta

एक मुलाकात रविंद्र जैन जी से

 

 

Ravinder Jain ( monica Gupta )

 

एक मुलाकात रविंद्र जैन जी से

Ravinder Jain – Famous Playback Singer

बात बहुत साल पुरानी  है जब  रविंद्र जी से  ज़ी न्यूज चैनल के लिए इंटरव्यू लेते हुए मिलने का सुअवसर मिला… उनसे बहुत सारी बाते पूछी और इंटरव्यू खत्म होने के बाद मैने अपने सबसे पंसदीदा गाने की फरमाईश की जोकि उन्होने सुनाया भी …

गाना था फिल्म अखियों के झरोखों से का …. जाते हुए ये पल छिन्न क्यो जीवन … !!! बेहद बेहद शानदार गाना जो सीधा दिल की गहराईयों मे उतर जाता है … !!

आज आप दुनिया मे नही रहे पर आपका संगीत, आपकी आवाज सदा सदा इस दुनिया में गूंजती रहेगी …

ईश्वर आपकी आत्मा हो शांति दे !!!

Ravinder Jain ( monica Gupta )

 

October 1, 2015 By Monica Gupta

Twitter

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cartoon twitter by monica  gupta

cartoon twitter by monica
gupta

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आज शाम घर के सामने  से एक छोटा सा  बच्चा अपनी मम्मी के साथ जा रहा था और अचानक आसममान ने उडती चिडिया देखकर उत्साहित होता हुआ बोला देखो मम्मी…. टवीटर !!! और टवीट टवीट कह कर बोलने लगा.. मैं सब देख रही थी और देखकर सोचने लगी …आजकल बच्चों बडो मे नेट का क्रेज बढता जा रहा है घंटो घंटो हम नेट पर बैठे रहते हैं. असली चिडिया की चहचाहट उनका कलरव  भूल गए हैं… चिडिया को टवीटर के नाम से जानने लगे  हैं… नेट का क्रेज होना चाहिए बहुत अच्छी बात है पर हमे प्रकृति से भी दूर नही जाना चाहिए !!

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September 30, 2015 By Monica Gupta

Digital India

Digital India by Monica Gupta

Digital India by Monica Gupta

Digital India

बेशक, डिजिटल इंडिया बहुत अच्छा प्रयास है और् स्वागत योग्य है पर जिस तरह से नेट वर्क इतना धीमा चल रहा है कि सुबह से दोपहर हो जाती है बस Page is loading ही चलती रहती है कुछ पोस्ट नही कर पाते ऐसे मे किस मन से सुस्वागत करें हम इसका …

 

Digital India

 

Here’s what you need to know about the Digital India initiative | Latest News & Updates at Daily News & Analysis

Several people have changed their Facebook profile pictures after CEO Mark Zuckerberg and Prime Minister Narendra Modi did so and urged other to follow suit to support the Digital India initiative. But wait–this profile picture change actually ties more closely in to Facebook’s own Internet.org strategy, which should not be confused as being congruous with India’s Digital India movement.

So merely switching to a tricolour profile picture has, in fact, nothing to do with the Digital India initiative. Lets clear the air and re-look at the tenets that define the Digital India initiative.

Also Read: From Microsoft’s Satya Nadella to Apple’s Tim Cook, who said what about ‘Digital India’

Launched by Prime Minister Narendra Modi on July 1, 2015, the Digital India initiative was started with a view to empower the people of the country digitally. The initiative also aims to bridge India’s digital segment and bring big investments in the technology sector. Via dnaindia.com

Digital India

August 2, 2015 By Monica Gupta

नया साल और संकल्प

satire by monica gupta

satire by monica gupta

 

( व्यंग्य )

नया साल और संकल्प

 

उफ्फ …!!! आखिरकार नए साल मे मैने क्या संकल्प लेना है सोच ही लिया .अब आपसे क्या छिपाना …हर साल जब भी नवम्बर समाप्त होने लगता और दिसम्बर जी का आगमन होता. मन मे अजीब सी बैचेनी करवट लेने लगती कि नए साल मे नया क्या क्या करना है और क्या क्या नही करना है.बस इसी उधेड बुन मे पूरा समय निकल जाता पर भगवान का लाख लाख शुक्र है कि इस साल यह नौबत ही नही आई और समय से पहले ही डिसाईड हो गया.

पता है, पिछ्ले साल मैने यह सोचा था कि सच बोलना शुरु कर दूगी. अरे नही.. नही … आप गलत समझ गए.असल मै, वैसे मै, झूठ नही बोलती पर ना जाने क्यू टीवी पर सच का सामना देख कर डर सी गई थी इसलिए बोल्ड होकर यह निर्णय लिया कि यह आईडिया ड्राप.फिर सोचा था कि कुछ भी हो जाए पतली हो कर दिखाऊगी पर पर पर .. सर्दियो के महीने मे ऐसा विचार मन मे लाना जरा मुश्किल हो जाता है.सरदी की गुनगुनी धूप हो,रजाई हो और गर्मा गर्म पराठे हो और उस तैरता और पिधलता मखन्न.मन भी पिधलना शुरु हो जाता अब ऐसे मे भला खाने पर कैसे ब्रेक लग सकती है.चलो इसे भी सिरे से नकार कर यह सोचा कि सुबह शाम की सैर ही शुरु कर दी जाए. इस पर तुरत अमल करना भी शुरु कर दिया था पर दो ही दिन मे यह मिशन फेल होता सा प्रतीत हुआ. असल मे , ऊबड खाबड सडके, सडको पर मस्ती मे धूमते आवारा बैल,और गंदगी के ढेर के साथ साथ सीवर के ढक्कन गायब.अब बताईए ऐसे मे हाथ पैर तुडवाने से अच्छा है कि कुछ और सोचा जाए.

वैसे सोचा तो मैने यह भी था कि नए साल मे किसी पर गुस्सा नही करुगी.चेहरे पर स्माईल रखूगीं. पिछ्ले साल 31 की रात सबसे यही कह कर सोई कि सभी 1 जनवरी को सुबह सुबह मंदिर चलेगे .मै तो सुबह सुबह तैयार हो गई पर कोई सुबह उठने को तैयार ही नही था. मुस्कुराते मुस्कुराते उठाती रही पर रात को देर से सोने के चक्कर मे सभी गहरी नींद मे थे. इतने मे काम वाली बाई आ गई. उसे पता नही क्या हुआ. बर्तनो को जोर जोर से शोर करते हुए धोने लगी .एक तो देर से आई ऊपर से मुहं बना रखा था इसने. मैने खुद को संयत किया कि मोनिका स्माईल … कंट्रोल कर… कहती हुई ताजा हवा लेने के लिए खिडकी पर जा खडी हुई कि अचानक मेरी नजर पडोसियो की नई चमचमाती कार पर पडी शायद कल ही के लर आए थे.बस आगे आपको बताने की जरुर नही कि ….. !!!!

इस साल भी यही विचार चल रहा था कि नए साल मे क्या संकल्प लिया जाए कि पूरा भी किया जा सके. घर के एक बडे बुजुर्ग ने सुझाया कि हम लोगो को तीर्थ यात्रा करवा दिया करो हर चार महीने मे एक बार. पुण्य मिलेगा.बात जमी नही और मै बच्चो के कमरे मे गई तो बच्चे कहते कि छोडो मम्मी… हर महीने हमे पिक्चर और पिकनिक पर ले जाया करो.काम वाली बाई भी कहा पीछे रहने वाली थी बोली कि मेरी पगार बढा दो और छुट्टी भी बढा दो. बाहर निकली तो ये बोले कि तुम फुलके पतले नही बनाती जरा श्रीमति ऋतु से सीख लो इतने पतले,मुलायम और गोल गोल चपाती बनाती है और कृष्णामूति से डोसा बनाना भी सीख लो … खश्बू से ही मुहं मे पानी आ जाता है.वो बात कर ही रहे थे कि इतने मे मेरी सहेली मणि का फोन आ गया उसने राय दी कि दो चार किट्टी पार्टी ज्वायन कर ले. थोडी सी चालाक बन बहुत भोली है तू.!!! अगले साल ही तुझे सोसाईटी की सैकट्ररी ना बनवा दिया तो मेरा नाम मणि नही!! मैने कोई बहाना कर के तुरंत फोन रख दिया.उफ्फ !!!किस की सुनू किस की ना सुनूं… देखा कितना टेंशन था.

 

अब आपको भी टेंशन हो रही होगी कि आखिर इस साल मैने क्या सकंल्प लिया है. तो सुनिए … पिछ्ले दो तीन सालो के अनुभव को देखते हुए… बहुत सोच विचार के मै इस नतीजे पर पहुंची हूँ कि चाहे कुछ भी जाए बस बहुत हुआ. अब और नही इसलिए इस साल … इस साल … इस साल … नए साल के लिए कोई सकंल्प ही नही लूगी.इसलिए मै खुश हू और बहुत ही खुश हूं ..

कैसा लगा आपको ये व्यंग्य     नया साल और संकल्प   जरुर बताईगा 🙂

दैनिक भास्कर की मधुरिमा मे प्रकाशित

July 29, 2015 By Monica Gupta

कलाम को सलाम

कलाम को सलाम – बात परसों रात की है जब मैं ट्विटर पर कुछ पोस्ट कर रही थी. अचानक मेरे देखते ही देखते ट्वीट्स पर ट्वीट्स  होने लगे कलाम साहब की तबियत को लेकर…

 कलाम को सलाम –

मैनें उस पर ध्यान इसलिए नही दिया कि कुछ दिनों पहले भी ऐसी अफवाह थी और छतीसगढ की एक 22 july की ये खबर

Jharkhand education minister pays floral tribute to APJ Abdul Kalam, pictures go viral | The Indian Express

http://indianexpress.com/article/trending/jharkhand-education-minister-pays-floral-tribute-to-apj-abdul-kalam-pictures-go-viral/Jharkhand Education Minister Neera Yadav has landed into a controversy after she reportedly paid floral tributes to former President APJ Abdul Kalam at an event. The pictures which appeared on a local daily have gone viral on social networking sites.

The pictures, shot during a school event, show the minister offering a garland on a photograph of the former president.

After the pictures went viral, twitterati slammed the minister for the blooper. Here are some of the tweets:

Our beloved, and breathing, Dr Kalam just after a tilak was applied on him by the BJP minister in fond remembrance. pic.twitter.com/70fy9WV9pk               See more…

इस खबर ने बहुत धक्का पहुंचाया. इसके इलावा पहले भी बहुत बार टवीटर पर उनके शीध्र स्वस्थ होने की कामना की गई और ये कहा गया कि वो अस्तपाल मे भर्ती हैं जबकि वो भले चंगे थे…!!

ApJ by Monica gupta

खैर, इसके बाद टीवी चलाया तो स्क्रोल पर चल रहा था कि वो कलाम साहब गम्भीर … शिलांग की खबर थी और सुनते ही सुनते … बस एक ऐसी खबर आ ही गई किसकी भरपाई कभी नही हो सकेगी… खबर थी उनकी मौत की..

फिर खबरों में सुना उनके अंतिम शब्द … धरती को रहने लायक कैसे बनाया जाए … संसद का डेडलाक कैसे खत्म किया जा सकता है वो परेशान थे कि जिस तरह से संसद ठप्प हो जाती है… उनकी मंशा ये थी कि वो आईआईटी  शिलांग के बच्चों से ही इस बारे में विचार लेंगें कि उनकी इस बारे में क्या सोच है…

अब मैं अपनी असली बात पर आती हूं …इन दो दिनों में इतना सब कुछ होने के बाद भी ससंद वासी हंगामा ही करते रहे. बात उस दिन सुबह  की है जिस दिन पंजाब मे आतंकी हमला हुआ था मैने सोचा शायद हमले से कुछ सीख कर चुपचाप सत्र चलने देंगें पर बडे शर्म की बात है कि एक तरफ हमारे जवान पंजाब में आतंकियों का सामना कर रहे थे और  उसी  दिन संसद में हमेशा की तरह तू तू मैं मैं और हो हल्ला होता रहा.  सोचा तो था कि जिस तरह से आतंकवादी हमला पंजाब में हुआ है उसे मद्देनजर रखते हुए शायद मानसून सत्र में कोई हंगामा नही होगा और सत्र चल जाएगा पर खबरों में फिर, एक तरफ सत्र का हंगामा दिखा रहे थे तो दूसरी तरफ आतंकवादी हमले ही तस्वीरे… मन बेहद खिन्न हो गया और कलाम साहब की मानसिक परेशानी जो सत्र के न चलने को लेकर थी काश सांसद उन्हे सच्ची श्रधांजलि यही दें कि सत्र आराम से चलने दे …

एक अन्य बात की धरती को रहने लायक कैसे बनाए…  आज मैं इस बारे में बाहर  बैठ कर सोच रही थी. तभी माली आ गया क्योकि घास बहुत बढ गई थी तो वो उसे काटने लगा. अचानक मैने देखा सामने सडक पर गाय आ रही है मैने सोचा अरे वाह…. आज तो गाय को ताजी ताजी घास खिला देती हूं पुण्य का काम हो जाएगा… इसलिए खूब सारी घास उठाई और गेट के बाहर सडक पर डाल  दी. पहले तो गाय ने  लेफ्ट राईट देखा …फिर अपनी गर्दन झटकते हुए भवें हिलाई  शायद हैरान हो रही होगी क्योकि मैंने कभी उसे घास नही डाली … हा हा यानि कभी कुछ खाने को नही दिया और वैसे भी  सडक पर कुछ भी डालने के हमेशा से ही खिलाफ रही हूं पर उस दिन शायद  मेरा कोई पुण्य जाग उठा था.  उसने घास खाना  शुरु ही किया था कि उसकी चार पांच सहेलियां भी आ गई जिसमें भारी भरकम बैल भी थे. मैने मन ही मन सोचा रे वाह … आज तो सारी घास इन सभी को ही खिला दूगी तो देवी देवता सब प्रसन्न हो जाएगें… माली घास काटता रहा और मैं बाहर डालती रही. कुछ ही पल में बाहर देखा तो मेरी वजह से सारी सडक घास युक्त हो चुकी थी और तो और गाय अपनी सहेलियों समेत सडक के बीचोबीच आसन जमा चुकी थी और  बैल  महाराज जी  तो वहां मजे से  गोबर भी कर रहे थे….  जिस वजह से , शायद नही, यकीनन ही  आने जाने वालो को परेशानी भी हो रही होगी…  एक मोटर साईकिल वाले ने वहां से जाते हुए मुझे ऐसे गुस्से से  देखा मानो कह रहा हो ये क्या हाल बना रखा है … अरे बाप रे ..!!!

मैं टेंशन में आ गई पर भगवान का शुक्र है कि उसी समय  सडक साफ करने वाली जमादारनी आ गई और उसने बची घास  एक किनारे पर रख कर सडक साफ कर दी  तब तक घास भी खत्म हो गई थी और उसने और माली ने मिलकर जानवरों को भगा दिया … उस समय मेरे मन में फिर आया कि धरती रहने लायक तभी बनाई जा सकती है जब हम उसे साफ सुथरा रखेंगें और ऐसे गंदा नही करेंगें भले ही पुण्य का कार्य हो जैसाकि हम हरिद्वार या गंगाजी जा कर करते हैं… वहां अस्थियां बहाते हैं लिफाफे बहाते हैं जिसकी वजह से गंगा व अन्य पावन नदियां प्रदूषित हो रही है…

पुण्य के चक्कर में सडक पर भी बचा खाना फेंक देते हैं जिससे जानवर टूट कर पडते हैं और कई बार हिंसक भी हो जाते हैं और  हमें और सडक पर आने जाने वालो को  नुकसान भी पहंचा सकते हैं

पता नही मेरे यह लिखने की क्या वजह है… है भी या नही पर इतना जरुर है कि धरती रहने लायक तभी बन सकती  है जब वो स्वच्छ हो, साफ हो और  गंदगी से कोसो दूर हो…

– BBC

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने एयरोनॉटिकल इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी.

वो हिन्दुस्तान की दो बड़ी एजेंसियों डिफ़ेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइज़ेशन (डीआरडीओ) और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइज़ेशन (इसरो) के प्रमुख रहे थे.

दोनों एजेंसियों में उन्होंने बहुत उम्दा काम किया.

हिन्दुस्तान के पहले रॉकेट एसएलवी-3 को बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई. पोलर सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल (पीएसएलवी) बनाने में भी उनकी प्रमुख भूमिका थी.

हिन्दुस्तान के पहले मिसाइल पृथ्वी मिसाइल और फिर उसके बाद अग्नि मिसाइल को बनाने में भी डॉक्टर कलाम का अहम योगदान रहा है.

हमें ये भी नहीं भूलना चाहिए कि भारत ने 1998 में जो परमाणु परीक्षण किया था उसमें भी डॉ कलाम की विशिष्ट भूमिका थी. उस समय वो डीआरडीओ के प्रमुख थे. – BBC

कलाम जी के विचार अगर हम सभी( हम सभी यानि की हम सभी… जिसमे नेता भी हों आम आदमी भी हों पुलिस भी हो  और प्रशासन भी हो) अपनी जिंदगी में अपना लेंगें तो शायद इससे अच्छी और सच्ची श्रधांजलि और कोई हो ही नही सकती…

कलाम को सलाम

 

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