Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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December 28, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Basic Needs of a Child –  बच्चों की बुनियादी जरूरतें  – Parenting Videos in Hindi – Monica Gupta

Basic Needs of a Child

Basic Needs of a Child –  बच्चों की बुनियादी जरूरतें  – Parenting Videos in Hindi – Monica Gupta – basic needs of every child – बच्चे से हमारी बहुत उम्मीदें होती हैं कि बच्चा ये भी करे बच्चा वो भी करें.. क्लास में भी फर्स्ट आए, दिखने मे भी अच्छा हो मैंनर्स भी हो… रिस्पेक्ट भी करता हो पर उससे पहले हमें भी basic needs को पूरा करना होगा… जैसा देंगें फिर वैसा ही मिलेगा…

 बच्चों की बुनियादी जरूरतें – Basic Needs of a Child – Parenting Videos in Hindi

तो क्या है कुछ  basic needs… किन बातों का ख्याल रखें माता पिता… Basic need मे कुछ बातें आती हैं घर का बहुत अच्छा माहौल…  Environment

बच्चे की परवरिश में अच्छे माहौला का होना बहुत जरुरी है.. कल्पना कीजिए माता पिता सारा दिन लडते रहते हैं आपस में या मम्मी पापा सारा दिन ऑफिस के काम से बाहर रहते हैं और बच्चे आया और नौकर के भरोसे… कोई बच्चे के केयर नही ध्यान नही… जब बच्चों को प्यार दुलार एटेंशन नही मिलता तो वो चिडचिडे और गुस्सैल हो जाते हैं प्यार दीजिए…

अनुशासन

घर पर एक discipline होना बहुत जरुरी है.. देखिए बच्चे तो चीखना चिल्लाना शरारते और जिद और गुस्सा सभी कुछ करेंगें पर बात बात पर मारना पिटाई करना भी सही नही है.. बच्चों से प्यार से बात करनी है और एक अनुशासन बनाए रखना जरुरी होता है.. अनुशासन बना होगा तो मार पिटाई की नौबत ही नही आएगी…

व्यायाम

बहुत जरुरी है व्यायाम.. वैसे तो बच्चे होते ही एक्टिंव हैं सारा दिन टिक कर बैठते ही नही इसलिए कुछ पेरेंटस को तो ये चिंता नही.. पर कुछ पेरेंटस जरुरत से ज्यादा पेम्पर करते हैं.. कार से स्कूल छोडना कार में वापिस ले कर आना… टीवी देखते देखते खाना देना… खुद उसका काम करना कि बच्चा सारा दिन का थका हुआ है इससे हम उसकी आदत खराब कर रहे हैं.. जो बडे होकर भी उसे दुखी बनाने वाली हैं

सही खान पान..

बच्चों की अच्छी सेहत के लिए जरुरी है पौष्टिक खान पान.. ऐसा खाना जिसमें दाल हरी सब्जी हो… समय बचाने के चक्कर मे कई बार मम्मिया ही बस मैगी बना देती हैं या आसान लगता है चल पिज्जा आर्डर कर देती हूं या चल सामने से समोसे ले आ… आदतें हम ही बिगाड रहे हैं… घर पर कुछ न कुछ ऐसा रखा हो जिससे कुछ अतरम शटरम खाने की जरुरत ही न पडे. बच्चा खुश रहे इसके सही खान पान की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है

Development Needs

बच्चे को प्रोत्साहित कीजिए

बच्चों की नींव को बचपन से ही मजबूत करना बहुत जरुरी है… उनके मन मे जो भी सीखने की ललक है.. जानने की ललक है .. बताईए… पहले बच्चे पूछ्ते थे पर माता पिता के पास जवाब नही होते थे… आजकल अगर कुछ समझ नही आ रहा तो गूगल पर सर्च करके या यूट्ट्यूब पर सर्च करके सब मिल जाता है…

सब चीज नेट के माध्यम से भी सीख सकते हैं बहुत लक्की हैं हम… इसलिए को प्रोत्साहित करना… personal goals.सपने देखें और उसे चेज भी करें..  अपने बच्चे के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचाने और उसे बढावा भी दें… पढाई के साथ साथ ये और चीजें भी चलनी बहुत जरुरी हैं नही तो बच्चा बहुत जल्दी बोर हो जाएगा..

Basic Needs of a Child –  बच्चों की बुनियादी जरूरतें  – Parenting Videos in Hindi – Monica Gupta

December 27, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Healthy Lifestyle के लिए क्या करें – Easy Ways to Live a Healthy Lifestyle – Monica Gupta

Easy Ways to Live a Healthy Lifestyle

Easy Ways to Live a Healthy Lifestyle  – Healthy Lifestyle के लिए क्या करें –  क्या करें कि हमेशा हैल्दी रहें… Healthy Lifestyle Tips in Hindi – Monica Gupta Videos Healthy Lifestyle के लिए क्या करें – Easy Ways to Live a Healthy Lifestyle –  स्वस्थ रहना चाहते हैं तो अपनाएं ये आदतें – How to Start a Healthy Lifestyle

Easy Ways to Live a Healthy Lifestyle  – Healthy Lifestyle के लिए क्या करें

हम सभी अच्छा जीवन यानि Healthy lifestyle जीना चाह्ते हैं पर समझ नही आता कि क्या करें और कैसे ?? चलिए आज आपको बिल्कुल ईजी टिप्स बताती हूं और इस बात की गारंटी भी है कि अगर आप इसे अपनाएंगें तो आपका लाईफ स्टाईल हैल्दी होगा और दूसरे लोग आपसे पूछेगें कि भई ये कैसे किया… तो हमारी डेली रुटीन यानि दिनचर्या कैसी हो…

तो क्या क्या करना चाहिए …

सबसे पहले तो सुबह जल्दी उठने की आदत डाल लीजिए…

जल्दी उठने से माहौल एक दम शांत मिलता है और प्रकृति खूबसूरत लगती है… और शांत वातावरण में नए आईडियाज भी आ जाते हैं.. हम सारे दिन की प्लानिग अच्छे से कर सकते है.. देर से उठेंगें फिर भागमभाग रहेगी … जल्दी उठना हर लिहाज से अच्छा है.

फिर दिन की शुरुआत पानी पीने से कीजिए

पानी पीने के भी बहुत सारे फायदे हैं एक तो वजन कम होता है Toxins यानि विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते है..

हमारी स्किन भी ग्लो करती है…

अब बात आती है कि एकसराईज कीजिए.. व्यायाम या योगा .. जो भी आप चाहते हैं उसे कीजिए… चाहे 15 से 20 मिनट ही हों पर बहुत जरुरी है… नाश्ता

नाश्ता एक दम राजा जैसा होना चाहिए यानि एक दम राजसी…

वो इसलिए कि हमें दिन की शुरुआत करने के लिए काफी एनर्जी की जरुरत होती है, पूरी रात फास्ट में या भूखे रहने के पश्चात सुबह का नाश्ता हमारे दिमाग और शरीर के लिए ईंधन की तरह काम करता है और इसी वजह से इसे ब्रेकफास्ट (सुबह का नाश्ता) कहा जाता है नाश्ता जरुर करना चाहिए उसे छोडना नही चाहिए और ना ही जंक खाना चाहिए कई बार जल्दबाजी के चक्कर में हम कुछ भी फ्रिज में रखा खा लेते हैं  या जंक खा लेते हैं तो इससे भी बचना चाहिए…

नशे से भी बचना चाहिए

अगर हैल्दी रहना चाह्ते हैं तो नशे भी बचना चाहिए.. मेरे एक जानकार हर रोज सुबह घूमने जाते हैं आप सोच रहे होंगे कि अच्छा है पर अच्छा नही है वो इसलिए कि सैर पर तो जाते हैं अपनी हैल्थ के लिए नही बल्कि स्मोक करने… वो चाहते हैं कि घर पर पता नही चलना चाहिए क्या फायदा हुआ उसका .. क्या ये सही है.. ?? जो कि जरा भी सही नही है… तो नशे से भी दूर रहना बहुत जरुरी है…

खुल कर हसिए.. बिजी शेडयूल के चलते हम हंसना भूल ही गए हैं जबकि खुल कर हंसना सबसे अच्छी दवाई है.. जितना खुश रहेंगें, हसेगें, मुसुकुराएगें उतना ही हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा… इसलिए हैल्दी रहने के लिए जरुरत है खुद हंसने और मुस्कुराने की

 Quality time with family

परिवार के साथ अच्छा समय बिताना भी हमें हैल्दी बनाता है

काम के साथ साथ परिवार के साथ भी समय बिताना हमे हैल्दी बनाता है.. stress को अपने घर के दरवाजे पर doorstep पर छोड दीजिए और घर के अंदर खुश खुश आईए …और परिवार के साथ क्वालिटी टाईम बिताईए..

देख लीजिए .. हैं न कितनी आसान !! अगर इन्हें अपना लिया तो

अगर हम स्मोक नही करेंगें, regular exercise करेंगें, fruit and veg सही मात्रा में लेंगें तो हमारी लाईफ स्टाईल में बहुत असर पड सकता है.. और अगर स्मोकिंग छोड देंगें तो भी हमारी हैल्थ में बहुत सुधार हो सकता है…कितनी कितनी देर हम टीवी देखने में बिताते हैं और फिर ये भी बोलते हैं कि हमें समय ही नही है जिम जाने के लिए.. खाना भी जंक खाएगें तो कैसे बात बनेगी.. जरुर सोचिएगा …

December 26, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Connect with your Child – बच्चों को अपना कैसे बनाए – Parenting Videos in Hindi – Monica Gupta

How to Connect with your Child

How to Connect with your Child – बच्चों को अपना कैसे बनाए – Parenting Videos in Hindi – Monica Gupta – ways to connect with your child

आजकल एक बात बहुत ज्यादा सुनने में आती है कि बच्चे अपने पेरेंटस के पास बैठते ही नही… बात ही नही करते… अपने फोन में,  अपनी दुनिया में मस्त रहते हैं तो बच्चों के साथ कैसे जुडे… कैसे connect हों..

How to Connect with your Child – बच्चों को अपना कैसे बनाए – Parenting Videos in Hindi – Monica Gupta

तो उसके लिए कुछ टिप्स… पेरेंटस के लिए..

पहली बात तो होती हैं छुट्टियां

छुट्टियों मे एक मौका मिलता है ज्यादा से ज्यादा समय बिताने का तो होलीडेज बेस्ट हैं…चाहे आप घर पर हैं या बाहर holidays को मिल जुल कर enjoy कर सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा बच्चों के साथ बिता सकते हैं…

बच्चो का जो interest है उसमे interest दिखाईए.. बच्चे को मान लीजिए गिटार का शौक है तो क्या बेकार की चीज है doctor बनना है तुझे.. या अगर कुकिंग का शौक है तो यह कह कर उसे discourage नही कीजिए कि क्या लडकियों वाले शौक हैं… बल्कि उसके interest में अपना interest दिखाईए. इससे रिश्ता मजबूत होता है…

बच्चे से बात कीजिए… बात यानि एक formality औपचारिकता  नही कि स्कूल मे क्या पढा. कितने नम्बर आए… जैसाकि मान लीजिए पापा और बेटा बैठे हैं और पापा बोलते हैं अपनी वाईफ से बोलते हैं कि भई हम आज अपने बेटे के साथ बाते करेंगें हमे कोई डिस्टर्ब न करे… इससे बच्चे को अच्छा लगेगा… अपनी महत्ता लगेगी… फिर बात कीजिए कि आजकल क्या चल रहा है… उसके क्या शौक है… उसके कौन सा दोस्त अच्छा लगता है… किस खेल को सबसे ज्यादा पसंद करता है और किसलिए… कुछ इधर उधर की बातें उसके शौक की बातें..

बच्चों को अपने बचपन के बारे मे बताईए..

बच्चों को बहुत इंटरस्ट आता है अपने मम्मी या पापा के बचपन के बारे में जानने में… इससे रिश्ता मजबूत होता है और ज्यादा से ज्यादा एक दूसरे को समझ भी सकते हैं… खूब बाते करनी चाहिए .. जैसे कि मान लीजिए मैं दूध नही पीता था तो एक बार आपके दादा ने मुझे एक कहानी सुनाई दूध की … कि किसलिए पीना जरुरी है… बाते करने से connection. मजबूत ही बनता है…

क्विज टाईम… ज्यादा बाते जानने के लिए क्विज टाईम भी बहुत अच्छा है जैसे एक पेपर पर दस question लिख लिए .. जैसा पापा की fav दाल पापा की फेवरेट सब्जी, फेवरेट हीरोईन, कौन सा रंग अच्छा लगता है.. मूवी… ऐसे ही  पापा अपने बारे में लिखेंगें फिर एक तीसरा जना वो मम्मी भी हो सकती है.. वो मिलाएगी और फिर नम्बर मिलेगें… कि किसने कितने ठीक उत्तर हैं..या फिर एक दूसरे की पांच बाते क्या हैं जो अच्छी लगती हैं … या जो  नही लगती उससे पता चल जाता है प्यार में कहा कमी रह गई और कैसे सम्बंध सुधारें..

बच्चों की राय भी जानिए…

बच्चों की क्या राय है… जैसे मान लीजिए आप एक पार्टी कर रहे हैं तो पूछिए कि हम इतने दोस्तों को बुला रहे हैं क्या ये ठीक है या आप किस को बुलाना चाह रहे हो या घर मे white wash करवाना है तो बताईए कौन सा रंग हो… या बच्चे के कमरे में कौन सा रंग करवाएं उसे booklet दिखाईए.. उससे आपसी प्यार और विश्वास बढता है…

दिखावा नही कीजिए.. बच्चों के सामने जो हैं वही स्वीकार कीजिए… आप केयर करेंगें और honest रहेंगें तो रिश्ता जरुर मजबूत होगा..

जब बच्चे से बात करें तो बात करें यानि मोबाईल, नेट बंद कर दें.. यानि बच्चे को पूरा समय दे.. उन्हें सुनें उनके साथ खेले…

Don’t Get Discourage  नही होना.. कई बार हम कोशिश तो करते हैं बच्चे हमारे पास बैठे बात करें पर बच्चे सामने नही आते तो  Discourage नही होना.. उन्हें लगातार विश्वास दिलाते रहिए कि हमें आपकी केयर है आपका ख्याल है… और आपसे बहुत प्यार करते हैं… तो उससे ये होगा कि बच्चे पर कभी भी कोई प्रोब्लम आएगी तो एक बार उसे अपने मम्मी पापा जरुर याद आएगें…

जब हम रिश्तों के लिए वक्त नही निकाल पाते तो वक्त हमारे बीच से रिश्ता ही निकाल देता है…

 How to Connect with your Child

December 25, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to be Patient with Children – क्या करें जब बच्चे तंग करें – Patience कैसे रखें

How to Handle Children Patiently

How to be Patient with Children – क्या करें जब बच्चे तंग करें – Patience कैसे रखें –  Parent मे patience कैसे आए… Patient कैसे बनें? बहुत सारे कमेंटस मैसेज आते हैं कि जब बच्चा जिद करता है कहना नही मानता गुस्सा करता है हाथ पैर चलाता है तो बहुत गुस्सा आता है ऐसे मे हममे patience कैसे आए..कैसे बने Patient Parent

How to be Patient with Children – क्या करें जब बच्चे तंग करें – Patience कैसे रखें

ये बात तो अच्छी है कि अब आपने इस दिशा मे सोचना शुरु कर दिया है कि गुस्से पर काबू कैसे पाएं

तो सबसे पहली बात… मैं ये नही कहूंगी कि दस तक गिनती गिनो… उसका कारण ये है कि हम आमतौर पर गुस्से में गिनती तक भूल जाते हैं… एक मेरी सहेली की मम्मी को जब भी गुस्सा आता था तो उसे बोलती थी दस मारुगी और एक गिनूगी.. अब बताईए ऐसे कैसे चलेगा.. तो कुछ और उपाय करते हैं

मेरे विचार से जब भी गुस्सा आए खुद से बात कीजिए… कि नही तूने गुस्सा नही होना है तू बहुत अच्छी है प्यारी प्यारी है… शांत शांत .. और ये कहते हुए लम्बी सांस लेनी है तनाव हो चेहरे से हटाना है जो माथे पर बल हैं उसे हटाना है positive सोचना है और चेहरे पर स्माईल लानी है… यानि खुद से Commitment करनी है…

बच्चे के point of view से देखिए…

अगर जिद कर रहा है तो किसलिए कर रहा है क्या बात है अगर उसके नजरिए से देखेगें तो हमें सही कारण मिल जाएगा.. और अगर कारण मिल गया तो हल भी मिल जाएगा..  या अगर आप उसकी जगह होते तो क्या करते..

बहुत ध्यान से सुनना है…

बच्चा कह रहा है असल में हम अपने काम अपनी परेशानी मे उलझे रहते हैं और बच्चे की बात हमें गुस्सा दिला देती है और फिर शुरु होता है हमारा गुस्सा और नाराज होना.. इनसे बचने के लिए अपने काम को एक तरफ रख कर बच्चे को ध्यान से सुनें…

मल्टी टाकसिंग से बचें

मान लीजिए आप खाना बना रही है दाल या कडी और उसी समय बच्चा बोलता है मम्मी potty आई और आप गुस्से मे जाती हैं दनदनाती हुई और उसे pot पर बैठाती है बच्चा भी समझ नही पा रहा कि मम्मी को हुआ क्या… ऐसे में उसे पॉटी आती भी नही … और उधर दाल भी लग गई… और उधर potty भी नही आई .. तो ऐसे में एक समय में एक काम करें … गैस बंद कर दीजिए..

या कई बार ऐसा भी होता है हम जरुरी किसी से फोन पर बात कर रहे हैं और बच्चों ने लडाई शुरु कर दी तो बजाय वही से चिल्लाने के चुप हो जाओ… देख नही रहे कि मैं फोन पर बात कर रही हूं आप बोलिए प्लीज मैं आपको एक मिनट में कॉल बैक करती हूं… फिर उनका झगडा शांत करवा दीजिए और बोल भी दीजिए कि मम्मा अब जरुरी बात कर रही हैं प्लीज लडाई मत करना…

Visualize कीजिए ..

कल्पना कीजिए जरा सोचिए कि आपने किस तरह से रिएक्ट किया या आप इसके इलावा यानि आप मार पिटाई के इलावा इसे कैसे सुलझाया जा सकता है.. अगर सोचेगें तो बहुत सारे ऑबशन मिल जाएगें इसलिए जरुरत है सोचने की.. मारा तो क्या होगा और आराम से समझ कर बात की तो क्या होगा …

कोई देख रहा है

जब बहुत गुस्सा आए तो ये सोचिए कि कोई देख रहा है… कोई भी आपका बच्चा या कोई बडा.. घर मे कैमरा लगा है और आपको अच्छे बनना है…

ब्रेक लीजिए…

जैसे मान लीजिए आपको बहुत गुस्सा आ गया और आप बोलिए एक मिनट मैं अभी आई और आप बेशक बाथरुम में चली जाईए वहां खुद को चुप रहने के लिए बोलिए, बेशक लम्बी सास लीजिए और एक स्माईल दीजिए.. फिर बाहर आ जाईए… देखिए शुरु शुरु में समय लगता है पर जब आप इसे आदत बना लेंगें तो दिक्कत नही आएगी.. बोल लीजिए.. खुद से बड बड कर लीजिए … शीशे के सामने खडा होकर..

रोल मॉडल बनना है.

जब भी गुस्सा कर रहे हैं या चिल्ला रहे हैं हम बच्चों को वैसा ही सीखा रहे हैं बच्चा भी वैसे ही रिएक्ट करेगा.. जब बच्चे एक दूसरे को मारते हैं तो हम किस अधिकार से कहते हैं कि मारना बुरी बात है मारना नही चाहिए… मना किस अधिकार से करते है  हमे एक एग्जामलप सेट करना चाहिए …

खुद पर विश्वास रखिए..

हर बात पर गुस्से से रिएक्ट करने की बजाय प्यार से रिएक्ट कीजिए.. अपने आप को सिखाईए कि प्यार से ही रिएक्ट करना है…. यही इसका  best solution है..

चेहरे पर स्माईल और पॉजीटिव रहिए और बच्चों के साथ खूब एंजाय कीजिए.. ये समय दुबारा नही आएगा…

How to be Patient with Children – क्या करें जब बच्चे तंग करें – Patience कैसे रखें

December 24, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Start New Year for a Better Life – नया साल – नए साल में करें बेहतर ज़िंदगी की शुरुआत – Monica Gupta

Start New Year for a Better Life

Start New Year for a Better Life – नया साल – नए साल में करें बेहतर ज़िंदगी की शुरुआत – सुनाई दिया… आ रही है ना आवाज… नए साल की आहट सुनाई देने लगी है… छुट्टिया तो शुरु हो ही गई हैं… और सब बिजी हैं ये सोचने में कि छुट्टियां या नया साल कैसे मनाएंगें… क्या क्या करेंगें !! नए साल में एक चीज बहुत ज्यादा की जाती है और वो है संकल्प Resolution लेना…

Start New Year for a Better Life – नया साल – नए साल में करें बेहतर ज़िंदगी की शुरुआत

दो दिन पहले एक मैसेज आया कि नए साल का मैं सकंल्प लेती हूं कि मैं अच्छी मम्मी बनूंगी.. और अपनी बिटिया की देखभाल बहुत अच्छी तरह करुंगी… सच में, पढ कर मुझे बहुत अच्छा लगा…

वैसे नया साल हमें एक सुअवसर देता है खुद को बदलने की और हम एक शुरुआत कर सकते हैं…

वैसे तो हम बहुत अवसर पर खुद सकंल्प लेते हैं पर नया साल सबसे अच्छा है…

देखिए सपने हम सभी के होते हैं आप जो भी ये वीडियो देख रहे हैं या जो सुन रहे हैं मन में कुछ न कुछ तो चल ही रहा होगा…

और मन को पक्का करके उन्हें हम पूरा करने के लिए एक कदम उठाएं तो पूरे भी जरुर होंगें… तो एक शुरुआत तो दे ही सकते हैं.. और नए साल से बेहतर और कुछ नही…

बहुत तरह के सकंल्प हैं जो हम ले सकते हैं

देखिए सबसे पहले तो इसी बात का ले लीजिए कि टालमटोल नही करुंगा…

कसरत करनी है तो करनी है फिर बहाना नही चलेगा कि अभी सर्दी है या अभी छोटे की शादी है… ठहर कर कर लूंगा और फिर वो समय कभी नही आता.. शादी भी हो जाती है छोटे पापा भी बन जाता है पर…

क्योकि एक बार अगर यही सकंल्प ले लिया तो आपकी जिंदगी में बहुत बदलाव आ जाएगा…

जैसे हम नया कैलेंडर लाते हैं वैसे ही एक नई डायरी लाकर और डेट वाईज लिख कर लिख कर खुद से किया प्रोमिस निभा सकते हैं…

आप क्या सकंल्प लेंगें आप ये बेहतर जानते हैं पर अपनी सेहत का ख्याल रखना, गुस्सा कम करना, खुश रहें , पॉजिटिव सोच, हमेशा स्माईल रखना, अपने पेरेंटस को प्यार करना, उनका कहना मानना, छोटे छोटे कामों में उनकी मदद करना, वोलिटियर के रुप मे कुछ भी सोशल वर्क करना हमें अलग लेवल पर ले जा सकता है..

और अगर ये सोच है कि लोग क्या कहेंगें कहीं लोग हसेंगें तो नही… तो उनको अनसुना अनदेखा कर दीजिए… लोगो का काम है कहना नही करेंगें तब भी कहेंगें और कहेंगें तब भी कहेंगें तो कुछ कर ही देते हैं… और वैसे भी पहले लोग हंसेंगें मजाक बनाएंगे, फिर “First they ignore you, then they laugh at you, then they fight you, then you win.” – Mahatma Gandhi

खुद को Challenge दीजिए और कम्फर्ट जोन से बाहर आईए … जब आपकी एक पहचान बननी शुरु होगी ना तब देखिएगा उसका अलग ही नशा होगा..

आपने अक्सर सुना होगा कि जो काम हम साल के पहले दिन करते हैं वही सारे साल करते हैं … इसलिए चलिए कुछ अच्छा काम करते हैं

हम हर उस काम को कर सकते हैं जिसे हम वाकई में करना चाहते हैं

जो सफर की शुरुआत करते हैं वो मंजिल भी पा लेते हैं

बस एक बार चलने का हौंसला रखिए

क्योंकि

 अच्छे इंसानों का तो रास्ते भी इंतजार करते हैं

Start New Year for a Better Life – नया साल – नए साल में करें बेहतर ज़िंदगी की शुरुआत – Monica Gupta

December 23, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

What Makes You Look Attractive – कैसे बनें सबकी पसंद – खूबसूरत कैसे बनें

What Makes You Look Attractive

What Makes You Look Attractive – कैसे बनें सबकी पसंद – खूबसूरत कैसे बनें – खूबसूरत लोग हमेशा अच्छे नही होते पर अच्छे लोग हमेशा खूबसूरत होते हैं… और ये बात बिल्कुल सच है.. कुछ लोगो में कुछ खास बात ऐसी होती हैं जो खूबसूरती पर ही भारी पड जाती हैं और हम तुरंत उनसे प्रभावित हो जाते हैं…

What Makes You Look Attractive – कैसे बनें सबकी पसंद – खूबसूरत कैसे बनें –

आपके मन में भी जरुर आ रहा होगा कि कि अगर हम किसी को प्रभावित करना चाहें तो कैसे कर सकते हैं बातें तो बहुत सारी हैं पर मैं कुछ एक बातें फिलहाल बताऊंगी जो हमारे आपके रोजमर्रा के जीवन में होती हैं..

प्रभावित करने के लिए

इसके लिए सबसे पहले अपने से शुरुआत करनी होगी… कैसे ??.. हम जो हैं वही बनें दिखावा नही करें .. हम क्या करते हैं कि दिखावे के चक्कर में हम अक्सर मजाक का कारण बन जाते हैं.. बन कर बोलना , हाव भाव दिखा कर बोलना, जो नही हैं वो दिखावे का प्रयास नही करना चाहिए हमें अच्छा बनना पडेगा.. अच्छी भाषा का इस्तेमाल करना होगा.. एक सुलझे हुए इंसान.. हमें खुद ओर्गेनाईज रहना होगा… खुद ही मैस रहेंगें, खुद मे ही आत्मविश्वास की कमी होगी, खुद ही बात बात पर दूसरों का मुंह ताकेंगें तो कैसे बात बनेगी… तो सबसे पहले तो खुद को मजबूत बनाना है.. अपने भीतर कमी को insecurities असुरक्षा के कारण खोज कर उसे दूर कीजिए अपने आपको मजबूत बनाईए

दूसरे की सुनिए..

आज सोच रहे होंगें कि क्या हुआ सुनते तो हैं … सुनते मतलब ध्यान से सुनिए, दिल से सुनिए… ये नही कि हां मैं सुन रही हूं और एक कान से सुन कर दूसरे कान से निकल रहा है और मेरा दिमाग कहीं और चल रहा है यानि मैं मैं वहां present तो हूं पर mentally absent हूं.. ये नही होना चाहिए.. मैं किसी से बात कर रही हूं वो मोबाईल पर लगा हुआ है … ऐसे नही … सुनिए फिजिकली तो आप हैं हीं पर मैंटली भी वहां रहिए..

अपनी याद अच्छी रखिए..

कैसे ?? मुझे एक महिला मिली .. हमने कुछ देर बात की और उसने मुझे अपनी फैमली की एक प्रोब्लम के बारे में बताया… अगली बार जब मैं उससे मिली तो हैलो करने बाद मैंनें उससे पूछा कि क्या अब सब ठीक है.. पिछ्ली बार जो आपने बताई थी वो प्रोब्लम … सामने वाला जरुर मन ही मन खुश हो जाएगा.. कि अरे वाह इन्हें तो वो बात याद है … हम बात ही नही करेंगें पूछ्गें ही नही तो दूसरा भी हमारी बात पर किसलिए इंटरस्ट लेगा…

नाम भी याद रखें..

जिससे हम मिलते हैं उनका नाम भी याद रखें .. ज्यादातर हम एक दो मुलाकात में नाम पर ध्यान नही देते .. अरे वो क्या नाम है उसका.. जो उस पार्टी में मिली थी .. जिसने लाल साडी पहनी हुई थी… वो शर्मा जी से बात भी कर रही थी… पर नाम याद नही आ रहा… जबकि एक ही मुलाकात में हम नाम याद रखेंगें और कभी और कहीं मिले तो हम बोलते हैं कि अरे कमाल है आपको कैसे भूल सकता हूं हम जैन साहब की पार्टी मे आपसे मिले थे… और सामने वाला प्रभावित न हो ऐसा हो ही नही सकता.. इससे क्या होगा कि जाने अंजाने आपने उसकी importance feel करवा दी…

दुख हो या सुख साथ दीजिए…

पहले किसी का बिजनेस बहुत अच्छा था तब आपका जाना बहुत बार होता था पर अब उसे बहुत नुकसान हो गया तो आपने भी जाना बंद कर दिया… पहले एक सरकारी नौकरी में था तब आप बहुत बार जाया करते थे.. घंटो बैठा करते थे पर अब जब वो रिटायर हो गए तो आपके लिए भी किसी काम के नही रहे तो जाना बंद कर दिया .. इससे उन्हें लगेगा कि है कि आप mean हैं… जब काम था तब आया करते थे … अब नही… तो इससे उनका रवैया हमारे प्रति नकारात्मक हो जाएगा..

खास महसूस करवाईए..

जैसाकि कि मान लीजिए मैं किसी उलझन में हूं और मेरी सहेली आती है और मैं उसे बोलती हूं कि चलो अब मणि आ गई ये मुझे गाईड करेगी कि मुझे क्या करना चाहिए… यानि मैंने उसे खास महसूस करवाया कि उसके आने से मेरी प्रोब्लम हल हो जाएगी…

December 22, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Stress Free Holidays – कैसे मनाएँ stress free Christmas – तनाव रहित छुट्टियां – Monica Gupta

Stress Free Holidays

Stress Free Holidays – कैसे मनाएँ stress free Christmas – तनाव रहित छुट्टियां – Monica Gupta – मेरी एक सहेली अमेरिका रहती है… मैंनें उसे फोन किया क्योकि Christmas आ रही है और वहां छुट्टियां भी हैं खूब हल्ला गुल्ला होगा.. पर फोन नो रिप्लाई रहा… फिर फोन किया फिर नो रिप्लाई था… तो यही सोचा कि बिजी होगी… तभी आज फोन आया तो मैं तो अपनी excitement मे बात कर रही थी पर उसकी आवाज बहुत चुप और सुस्त… पूछना स्वाभाविक था कि अरे भई क्या हुआ … सब ठीक तो है.. बोली कि हां .. तो फिर मैंनें पूछा तो बोली कुछ नही बस स्ट्रेस है… किस बात का तो वो बोली की Christmas है.. शापिंग है, बच्चों को बाहर धुमाने ले जाना है …फिर गिफ्टस भी देने हैं… पार्टी होगी, मेहमान आएगें  इन्हीं बातों का तनाव हो रहा है…

Stress Free Holidays – कैसे मनाएँ stress free Christmas – तनाव रहित छुट्टियां

खैर, उससे बात करके फोन तो रख दिया पर सोचने लगी कि हमारे यहां भी जब कोई त्योहार आता है छुट्टियां होती हैं तो ऐसा ही तनाव रहता है कि क्या क्या खरीददारी करें… क्या क्या उपहार एक दूसरे को दें और बच्चों को कहां धुमाने ले जाएं…

 

वहां तो Christmas बहुत धूमधाम से मनाया जाता है इसलिए शायद तनाव ज्यादा होना स्वाभाविक है वैसे जब मैंने ये पढा कि 62% लोग बच्चे या बडे इस तनाव से गुजरते हैं इस दौरान … बहुत हैरानी हुई

छुट्टियां यानि मौज मस्ती.. उसमे तनाव न आए पर हमारी छुट्टियां स्ट्रेस फ्री बनें उसके लिए कुछ बातों का ख्याल हम सभी को रखना चाहिए

बजट बना लेना चाहिए...  पहले पति पत्नी को फिर बच्चों को बता देना चाहिए कि इस बार इतना बजट है… और इस बजट में अच्छे से अच्छा करेंगें… parents  कहते हैं यहां जाएगे पर जाते नही

Focus on what’s most important. एक लिस्ट बना ली जाए और जिस की सबसे ज्यादा जरुरत है उसे ही अहमियत दी जाए…

दिखावा न करे . Be satisfied  हमारे पास जो है.. बहुत है… कई बार बजट नही होता और महंगे महंगे उपहार ले आते हैं… या जैसे अगर मान लीजिए क्रिसमिस है तो बहुत बडा क्रिसमिस ट्री न लगाएं क्योकि जितना बडा ट्री उतनी ज्यादा सजावट होगी…

उपहार पहले ही पैक करके नाम लिख कर रख देने चाहिए ताकि जिस समय देने हो दिक्कत न आए …

कुछ गिफ्ट एक्स्ट्रा भी खरीद कर रख लेने चाहिए कई बार कोई मेहमान ज्यादा आ गए तो बुरा न लगे.. ये सब स्ट्रेस से बचने के उपाय हैं..

कहीं बाहर जाना है तो उसकी पैकिंग भी पहले ही करके रख ली जाए .. और बहुत हल्की कम सामान हो ताकि आप जहां जा रहे हैं वहां एंजाय कर सकें

और अगर घर पर मेहमान आ रहे हैं तो पहले ही एक कमरा उनके लिए तैयार कर लिया जाए ताकि आपके साथ कोई सामान या चीजे मिक्स न हों.. या अलमारी उनके लिए कि वो उसमे अपना सामान रख सके..

हैल्पर

अगर घर पर काम ज्यादा होने वाला हो तो पहले से ही एक का अरेंज कर लीजिए और अगर वो नही है तो परिवार को पहले ही बोल दीजिए कि मुझे हैल्प चाहिए .. छोटे छोटे काम में मदद करवानी हैं..

जो डेली रुटीन है उससे हट कर अपनी फैमली को पूरा समय दे…

उनसे बात करना मिलकर खाना खाना और मिलकर बातें करना… एक बहुत अच्छा मौका होता है.. एक दूसरे को समझने का और आपसी प्यार बढाने का मिलजुल कर प्यार से मनाएंगे तो अच्छा है वरना एक बार किसी का भी मूड खराब हो गया तो सारी छुट्टिया वेस्ट समझो..

शांत रहे और कैरी ऑन

मैरी क्रिसमस

Stress Free Holidays – कैसे मनाएँ stress free Christmas – तनाव रहित छुट्टियां – Monica Gupta

December 21, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How To be Happy In Old Age – बड़े बुजुर्ग सदा खुश कैसे रहें

How to be Happy in Old Age

How To be Happy In Old Age – बड़े बुजुर्ग सदा खुश कैसे रहें  –  समय के साथ बदलना क्या समझदारी है ?? हैं या नही .. यकीनन आपका जवाब होगा कि हां, पर कुछ लोग खासकर हमारे बड़े बुजुर्ग बदलना नही चाहते और इस वजह से रिश्ते भी खराब हो जाते हैं और एक पीढी का गेप आ जाता है… बहुत लोगो का मानना होता है कि कई बार बडे लोग थोडे अडियल हो जाते हैं और बदलना नही चाहते… पर जरुरी है बदलते समय के साथ खुद बदलना … बदलाव लाना सभी के लिए अच्छा है…  बडे लोग बडे लोग

चलिए आज बडे लोगो से ही बात करते हैं… कि अगर बड़े बुजुर्ग अपने अंदर बदलाव लाएंगें तो कितना अच्छा महसूस होगा…

How To be Happy In Old Age – बड़े बुजुर्ग सदा खुश कैसे रहें

पहली बात तो किसी बात पर Stuck नही हो जाईए

मैं आज के समय की ही बात करती हूं कि आजकल बच्चों और बडो को नेट का बहुत शौक है और कुछ बुजुर्ग .. अरे क्या बेकार की चीज है… फालतू है .. इसलिए खुद भी नही करते … बहुत समय पहले की बात है जब बैंक में कम्प्यूटर जरुरी हो गया था तो एक जानकार ने नौकरी ही छोड दी कि मुझसे ये चोंचले नही होते…

 

और अगर मैं  बुजुर्ग  महिलाओं  की बात करु तो ज्यादा झगडे किस बात पर होते हैं बहू सिर नही ढकती या साड़ी ही पहननी है … बहुत बार लडाई का कारण बनता है… और अगर अडिग नही होंगे थोडा छूट रखेंगें कि कोई बात नही …

थोडा बहुत सीख लेता हूं कम्प्यूटर और क्या हो गया कि बहू ने सूट पहन लिया …  तो Stuck नही होंगे तो रिश्ते सही रहेंगें…

उन बातों का सोचना बंद कर दीजिए जो आपके हाथ मे ही नही..

अब सरकार किसकी बन रही है… या महंगाई हो गई या पैट्रोल का रेट कहां जाएगा.. इन बातों को सोच सोच कर तनाव किसलिए लेना है ये हमारे हाथ मे है ही नही… तो चीजे हमारे बस में नही सोचना बंद कर दीजिए..  अपनी उम्र का हवाला देना कि अब मैं बूढी हो रही हूं क्या होगा… ये सोच बंद करके अच्छी तरह कैसे बिताएं ये सोचिए

Criticize करना शिकायत करना बंद कर दीजिए.. Criticism  आधे से ज्यादा लडाई झगडो में सुधार आ जाएगा जब हम…

कुछ नही रखा इन बातों में.. इससे रिश्ते खराब होते हैं और दूरिया भी बढती हैं…  जहां दो बडी लेडीज बैठी तो बस इधर उधर की करना… किसी की शादी किसी के बच्चे, मेरे बच्चे, मेरा लडका… बस यही तो इसे करना बंद कर देंगें तो बहुत फर्क पड जाएगा…

हमेशा कुछ भी सीखने को तैयार रहिए…

अब नई नई चीजे आ रही है तो हमें सीखना भी तो चाहिए.. जैसे मान लीजिए लिफ्ट है… डर लगता है एक बार खुद ओपरेट करके तो देखिए… और वटस अप है फेसबुक है.. क्या हुआ सीखना चाहिए … नौकरी छोड कर भी क्या फायदा हुआ कुछ नही … कोसना बंद कर दीजिए

Flexible रहना सीखना चाहिए…

हम सोचते हैं कि जैसा चलता आ रहा है चलता रहे पर हमें समय के साथ साथ  Flexible हो जाना चाहिए. अब जैसे हवा चलती है तो पेड की शाखाएं हिलने लगती है वो अडिग तो नही रहती कि नही हिलना.. और अगर अडिग रहेगी तो जल्द ही टूट जाएग़ी..

मेरी आंटी हैं उन्हें में बचपन से जानती हूं घर में प्याज भी नही आता बहुत सख्त थी इस मामले में कि नही आएगा खाना तो दूर की बात है पर  पर अब जब उनके बेटे की शादी हुई बहू आई और बच्चे हुए अब एक दिन मैं उनके घर गई तो वो खुद प्याज की परांठी बना रही थी.. बोली जब सभी को पसंद है तो क्या दिक्कत है… और उन्होनें मुझे भी खिलाई … बहुत ही अच्छा लगा…

बहस में नही पडना चाहिए..

बडे लोग बहुत अनुभवी होते हैं तो अपना बडप्पन दिखाना चाहिए… न कि व्यर्थ की बहस में पडना चाहिए आज का जो फैशन है कि क्या है ये कपडे “distressed jeans… whose various holes and patches somehow make them look chic  फटी जींस पहनना या महिलाओ का नौकरी पर जाना कि हमारे समय में तो ये नही होता था उन्हें घर से बाहर जाना ही नही चाहिए ज्यादा हवा लग गई है उन्हें… बेटा घर का काम कर रहा है बहू नौकरी पर जा रही है…

नेगेटिव लैंस हटा कर पोजीटिव रहना और सोचना चाहिए..

देखिए मैं तो एक बात जानती हूं कि जिंदगी में हम सभी ने बडे भी होना है  और बूढा भी…  जरुरत है मिलजुल कर रहने की…

एक कहानी सुनी थी कि एक गांव में आग लगी… सभी भाग गए बस दो लोग बचे रह गए एक अंधा और एक लग़ंडा.. तब लग़डे ने अंधे से कहा कि हम दोनो बच सकते है अगर तुम मुझे अपने कंधे पर बैठा को… अंधे मने लगंडे को कंधे पर बैठा लिया और दोनो बच गए… कहानी बहुत सार्थक संदेश देती है कि आज भी चारो तरफ आग लगी हुई है ईर्ष्या की अंशाति की, समाज बच सकता है

अगर अंधा लगडे को कंधे पर बैठा ले … अंधा कौन अंधी जवानी यानि यंग लोग और लग़डा बुढापा .. चरण हों युवक के और अनुभव की आख हो बुजुर्ग की हो तो समाज अशांति की आग से बच सकता है… तो मिलकर चलने की जरुरत है

जिंदगी इतनी भी complicated नही है…

How to be Happy in Old Age

December 19, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Deal with an Angry Child – क्या करें जब बच्चे गुस्सा करें – Parenting Videos in Hindi

How to Deal with an Angry Child

How to Deal with an Angry Child – क्या करें जब बच्चे गुस्सा करें – Parenting Videos in Hindi – Anger यानि गुस्सा बहुत common emotion है अगर बच्चों की बात करें तो पेरेंटस तुरंत ये कह देते हैं बच्चों में बहुत गुस्सा भरा हुआ है… बच्चों का गुस्सा कैसे दूर करें.. बच्चे को कैसे सुधारें – पेरेंटिंग टिप्स – बच्चों की परवरिश – बच्चों की परवरिश कैसे करें – परवरिश के तरीके क्या होंं

How to Deal with an Angry Child – क्या करें जब बच्चे गुस्सा करें – Parenting Videos in Hindi

तो आज यही बात करते हैं बच्चों को जब गुस्सा आए तो क्या करना चाहिए ..

 

खुद को Calm रखना है

सबसे पहले तो अपना behavior देखना है ..खुद को शांत रखना है.. बच्चा बहुत गुस्सा कर रहा है हित कर रहा है चिल्ला रहा है तो पेरेंटस को शांत रहना है…

Vocabulary अच्छी रखनी है.. और अच्छे शब्दों का यूज करना है.. जैसाकि बच्चे को गुस्सा आया तो बडे चिल्ला पडते हैं देख रही हूं बहुत बत्तमीज हो गया है… पागल बना दिया तूने मुझे… ये नही बोलना ..

इसी बीच में खुद से ये जानना है कि गुस्सा आ किसलिए रहा है… या बात नही मानी गई या भूख लगी है या तबियत ठीक नही है इस वजह से चिडचिडा हो गया है.. कोई मेहमान तो ऐसा नही आ गया जिसकी वजह से वो बोर महसूस कर रहा है..

बात की गहराई तक जाना है फिर पूछना है कि क्या हुआ..

वैसे ज्यादातर तो पेरेंटस को पता ही होता है पर कई बार नही समझ आ रहा तो पूछ लीजिए… पुलिस या सीआईडी की तरह नही … बल्कि एक अच्छी मम्मी या पापा की तरह..

उसे अपने पास बुला कर हग देना है और प्यार से सिर पर हाथ फेरते हुए उससे पूछना है कि हुआ क्या है बताओ तो सही… इससे हमारी बच्चों के प्रति बोंडिग हार्मोंस बनते हैं और बच्चा स्ट्रेस फ़्री होता है.. ये बहुत जरुरी होता है..

अगर पेरेंटस की गलती है तो बच्चे को सॉरी बोल दीजिए… बच्चों के आगे झुक कर हम छोटे नही हो जाएगे.. बल्कि हमारा प्यार और बढेगा… हम पेरेंटस प्रोमिस करते हैं और पूरा नही करते… शाम को जल्दी आने की बात करते हैं और जल्दी नही आते तो बच्चा गुस्सा भी न करे क्या…

बच्चों का ध्यान बटांना है.. उसे बाहर ले जाईए जिस जगह वो है वहां से कही और .. कई बार environment. बदलने से बहुत फर्क पडता है.. उसके बहुत तरीके हैं…

अच्छा बच्चों को लालच भी नही देना चलो आप चाकलेट ले लो, चलो मार्किट से ये खरीद लाओ.. फिर तो बच्चे को समझ आ ही जाएगा कि ऐसा करने से उसे सब कुछ मिल जाएगा तो कई बार जानबूझ कर भी वो एक्टिंग करेगा..

अलग अलग गेम्स बना सकते हैं… जब बच्चे को गुस्सा आए और वो घर पर हो तो कुछ Activities करवा सकते हैं

एक बाक्स बना लीजिए उसका नाम एंगर बॉक्स दे दीजिए और उसमे कुछ मजेदार बाते लिख कर रखिए उसका यूज तभी करना है जब बच्चा गुस्सा हो… अपने बेस्ट फ्रेंड को फोन करो.. आपका सबसे अच्छा कार्टून कौन सा है वो किसलिए अच्छा लगता है…  शीशे मे खुद को देखो और स्माईल करो या खुद को देखते हुए दस तक गिनती करो.. पानी पी कर आओ..

कई पेरेंट्स गुब्बारा भी फुलाने को कहते हैं कि गुस्सा आ रहा है तो गुबारा फुलाओ अब गुस्सा गुब्बारे में चला गया अब या तो गुब्बारा फोड दो या आराम से हवा निकाल दो और गुस्सा ठीक हो जाएगा..

कुछ लोग कार्डस बना लेते हैं कि जब गुस्सा आ रहा हो एक कार्ड उठाओ उस पर कुछ भी मजेदार लिखा होगा…

कई बार कुछ पेरेंटस बच्चे को बोलते हैं कि कुछ भी लिखो या ड्राईंग करो और फिर जब हो जाती है तो उसे फाड दो…

Set a good example  role model प्रेरणास्रोत हमे खुद बनना है

बातें बहुत सारी हैं जरुरत इस बात की है कि Set a good example बच्चे को समझे और उसे समय दे पर सजा देना, गुस्सा करना, या टीवी बंद कर देना कि आज से नही देखोगे यही सजा है…

How to Deal with an Angry Child – क्या करें जब बच्चे गुस्सा करें – Parenting Videos in Hindi

December 18, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Benefits of Being Silent – चुप रहने के फायदे – Personal Development Videos in Hindi

Benefits of Being Silent

Benefits of Being Silent – चुप रहने के फायदे – Personal Development Videos in Hindi – मेरी एक सहेली के अंकल कुछ समय से बहुत बीमार चल रहे थे… कल जब मैं मिलने गई तो मेरी सहेली ने बताया कि अंकल की एक बार तो तबियत बहुत बिगड गई थी पर हमने किसी को कुछ नही बताया और अंकल को भी यही कहा कि आप जल्दी ठीक हो जाएगें.. और देखो अब recover भी कर रहे हैं अगर बता देते तो शायद डर कर ही… और वहीं रिश्तेदार भी… मैंने भी हामी भरी…

Benefits of Being Silent – चुप रहने के फायदे – Personal Development Videos in Hindi

वैसे सही बात है बहुत अच्छा किया… कई मामलो में चुप रहना बहुत ही अच्छा होता है.. अगर चुप रह कर न बोल उनकी सेहत मे सुधार होता है उनका मनोबल बना रहता है तो अच्छा है न चुप रहना…

वैसे चुप रहने के और भी बहुत फायदे हैं…

सबसे पहले तो लडाई झग़डे से बचेगें…

चुप रहेंगें तो बात नही बढेगी मान लीजिए दो लोगो की लडाई हो रही है और एक चुप हो जाए बोले ही नही ?? तो क्या होगा झगडे से बचेगें और हमारे सम्बंध अच्छे बनेगें बात बिगडेगी नही…… हमारी रिलेशनशिप मजबूत होती है.. लडेंगे तो सम्बंध हमेशा के लिए खराब ही हो जाएगें..

हमारी सेहत के लिए भी चुप रहना बहुत अच्छा है…

एक रिसर्च से भी बात सामने आई है कि चुप रह कर हमारा दिमाग कई गुणा बेहतर काम करता है.. और बोलने से हमारी एनर्जी कितनी वेस्ट होती है और हमारा ब्लड प्रैशर भी बड जाता है, धडकन तेज हो जाती है हम इन सबसे बचेंगें..

उसी के साथ साथ हमारी सुनने की आदत इम्प्रूव होगी…

हम जब बोलते हैं तो बोलते ही रहते हैं.. जबकि हमारी कम्यूनिकेशन स्किल में जरुरी होता है  सुनना… सुनना बहुत जरुरी होता है… तो हम सुनेगें भी तो दूसरे पर अच्छा असर होगा कि देखो ये मेरी बात बहुत ध्यान से सुनता है… लोग हमें पसद करेंगें.

हम अपने लक्ष्य को पा सकते हैं अपने सपने तक भी पहुंच सकते हैं..

ज्यादा बोल कर हम अपने लक्ष्य की ओर केंद्रित नही हो पाते कैसे ?? मेरी एक जानकार ने सभी को बोल दिया कि देख लेना मेरी बेटी तो डाक्टर बनेगी… उनकी बेटी जहां भी जाती सभी ये बोलते आ गई डाक्टर साहिबा… उस लडकी के मन में बहुत ज्यादा प्रैशर हो गया कि एग्जाम तो क्लीयर करना ही पडेगा अगर नही किया तो लोग क्या कहेंगें .. अब उसके मन में तनाव ज्यादा था और वो चाह कर भी कन्संट्रेट नही कर पाई और वो एग्जाम क्लीयर नही कर पाई और वही उसकी कजिन पास हो गई… उसने कोई हल्ला नही मचाया किसी को नही बताया तो अगर वो चुप ही रहती कुछ न बोलती तो शायद उनकी लडकी भी पास हो जाती … वो कहते भी है न मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे…

क्रिएट्विटी भी आती है चुप रह कर… मान लो कुछ समझ नही आ रहा तो बजाय इधर उधर बोलने के चुपचाप बैठ जाने से बहुत फर्क पडता है… .. जितना हम शांत होकर चुपचाप से अपने आप से बैठ कर सोचेगें उतने ही आईडियाज भी आएगें… और नए नए आईडिया भी आते हैं .. वो कहते भी हैं कि लीव मी एलोन..

समझदार भी बनते हैं…

देखिए अगर हम किसी से बहस किए जा रहे हैं चुप नही हो रहे हो क्या होगा मजाक का कारण बनेगें और बात भी खराब  होगी और वहीं अगर हम चुप हो जाएगें तो लोग यही कहेंगे कि अच्छा किया … कोई फायदा नही था बहस करने का .. और

चुप रहकर हमें सोचने का भी मौका मिलता है..

कई बार बेवजह हम बोले ही चले जाते हैं जबकि चुप रह कर हम खुद से आंकलन कर सकते हैं कि क्या सही क्या गलत था… smile और Silence  दो powerful tools है  Smile से बहुत problems solve हो जाती हैं और and  silence से बहुत problems को avoid  कर सकते हैं

Benefits of Being Silent – चुप रहने के फायदे – Personal Development Videos in Hindi

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