Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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September 23, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

आकर्षक व्यक्तित्व बनाने के तीन बहुत साधारण तरीके – Personality Development Tips

Monica Gupta

आकर्षक व्यक्तित्व बनाने के तीन बहुत साधारण तरीके -Personality Development Tips – Aakarshak Vyaktitv . आकर्षक व्यक्तित्व  कैसे बना सकते हैं क्या करें कि सब हमें पसंद करें personality development पर कुछ बताईए !! बहुत सारे मैसेज आते हैं कि क्या किया जा सकता है personality development मैं इसके तीन बहुत साधारण तरीके बताऊंगी .. पर अपनी बात बताने से पहले एक छोटी सी कहानी सुनाना चाहूंगी जो कल ही नेट पर पढी…

आकर्षक व्यक्तित्व बनाने के तीन बहुत साधारण तरीके -Personality Development Tips

एक कहानी

एक गरीब व्यक्ति भगवान से पूछ्ता है कि मैं इतना गरीब क्यू हूं तो भगवान कहते हैं कि तू गरीब इसलिए है क्योंकि तूने कुछ देना नही सीखा … अब मैं भी हैरान कि गरीब बेचारा क्या देगा … तो उसने भी पूछा कि भगवन जी मैं गरीब मेरे पास है ही क्या देने को …

तो भगवान ने कहा कि तुम्हारा चेहरा किसी के जीवन में मुस्कान ला सकता है

तुम्हारा मुंह किसी की प्रशंसा कर सकता है..  दो मीठे प्यार भरे बोल बोल सकते हो और

तुम्हारे हाथ किसी की मदद कर सकते हैं और तुम कहते हो कि तुम्हारे पास देने को कुछ नही …

मन की गरीबी ही वास्तविक गरीबी है…

 

और देखा जाए तो कहीं न कहीं हम सभी असंतुष्ट है … या हम सभी मन से गरीब हैं … देना नही चाहते और कह देते हैं कि हमारे पास ये नही है वो नही है या ये होता तो मैं ऐसा कर देता … अंगूंर खट्टे हैं

ये होता तो वैसा कर देता … जबकि जो है उसका उपयोग करके ही आकर्षक बना जा सकता है किसी का भी दिल जीता जा सकता है. अब अगर हम भी यही चीज एप्लाई करें

तो हम भी आकर्षक बन सकते हैं

सबसे पहली बात हमारी स्माईल … मुस्कान 

मान लीजिए मैं मुह बना कर रखती हूं स्माईल तो आती ही नही … तो क्या होगा … कोई पसंद नही करेगा … जिस का भी मुह बना हो उसे कोई पसंद नही करता … आप शीशे के सामने खडे होकर ट्राई कर लीजिए … एक मुंह बना कर रखिए और दूसरा प्यारी सी स्माईल दीजिए ल्फ्ट से देखिए राईट से देखिए और फिर एक को चुन लीजिए सारा दिन एक ही जैसा रहिए फिर बताईए कि लोगो की क्या प्रतिक्रिया होगी.

मान लीजिए मम्मी अपने बच्चे को खाना दे रही है एक स्माईल के साथ वहीं मम्मी खाना दे रही है लो खा लो .. चिडचिडाई होकर , मुंह बना कर,  तो क्या प्रतिक्रिया होगी..

आप करके देखिएगा और फिर जरुर बताईएगा स्माईल हमारी पसनेल्टी में चार चांद लगा देती है

अब बात आती है स्माईल के साथ साथ अच्छा बोलने की. अगर किसी की बात अच्छी लगी और हम उसे बोल भी दें तो उसका मनोबल बहुत बढ जाएगा और वो हमे पसंद करने लगेगा.. मान लीजिए आपका कोई दोस्त है आप उसे कहते हैं कि पता है मुझे तुम्हारी क्या बात सबसे अच्छी लगती है … तो वो जरुर सुनना चाहेगा… पर अगर वहीं अगर हम किसी को बोलेगें कि तू तो चुप ही रहा कर जरा भी समझ नही है … तो क्या वो हमें पसंद करेगा … प्रत्यक्ष किम प्रमाणम !! आप आजमा कर देख लीजिए !!

अब बात आती है मदद करने की. किसी जरुरतमंद की ,मदद करने की. कोई जरुरी नही है किसी की मदद पैसे से ही होती है … कई बार किसी को अपना दुख दर्द अपनी बातें शेयर करने के लिए कोई अपना चाहिए होता है  किसी का कंधा चाहिए होता है तो हम वो किसलिए नही बन सकते…  किसी को दो प्यार से बोल बोलना कि चिंता मत करो मैं हूं ना सब ठीक हो जाएगा … जब तक मैं हूं तुम्हें चिंता की जरुरत नही … और फिर देखिए …

तो हमारे पास बहुत कुछ है पर जरुरत इस बात की है कि हमारे पास जो है उसे तो देना शुरु करें

वैसे आप क्या सोचते हैं इस बारे में जरुर बताईएगा… आपके कमेंटस का मुझे इंतजार रहेगा और अगर आपको बात अच्छी लगी तो आप शेयर भी कर सकते हैं

आकर्षक व्यक्तित्व बनाने के तीन बहुत साधारण तरीके – Personality Development Tips

 

September 22, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों को मोबाइल फोन से कैसे दूर रखें- WAYS TO KEEP CHILD AWAY FROM  MOBILE PHONE

Monica Gupta

छोटे बच्चों को मोबाइल फोन से कैसे दूर रखें- WAYS TO KEEP CHILD AWAY FROM  MOBILE PHONE – Mobile phone Addiction on Child. मोबाइल आज के समय की जरुरत बन गई है.. बहुत कामों के लिए हम इस पर निर्भर हो गए हैं इसलिए पूरा समय ये हमारे हाथों की शोभा बढाता है.. और जब बच्चे बडो के हाथ मे इसे देखते हैं तो आकर्षित हो जाते  हैं और फिर कई बार बडे बच्चों को दे देते हैं कि चलो खेल लो… थोडी देर या फिर सोसाईटी में अपनी धाक जमाने के लिए तो बहुत लोग ये कहते हैं कि अजी,  जो चीज हमें नही आती वो हमारा बच्चा कर लेता है .. और बच्चा भी गर्व से भर जाता है …

छोटे बच्चों को मोबाइल फोन से कैसे दूर रखें- WAYS TO KEEP CHILD AWAY FROM  MOBILE PHONE

मोबाइल इस्तेमाल करने में या स्मार्ट फोन बच्चों को देने में कोई दिक्कत नही पर ज्यादा तो हर बात की खराब होती है यानि अति हम चीज की नुकसान ही करती है .. तो बच्चों को ज्यादा इस्तेमाल न करने से कैसे बचाए या कैसे दूर रखें  SMART PHONE या मोबाईल से

पहली बात तो हाथ से छीन लेना और बहुत गुस्सा करना…..  समझदारी नही … अगर हम

मोबाइल बच्चे को नही देंगें या उसे उसका इस्तेमाल करना नही आएगा तो वो बहुत पीछे रह जाएगा तो एक बात तो मान कर चलिए कि बच्चों को यूज करने दें पर फिक्स टाईम के लिए…

 

 

 

 

BE A GOOD EXAMPLE

अब बात आती है कि हम बडे कितनी देर इस्तेमाल करते हैं फोन बच्चों के सामने … रात को मोबाइल तकिए के पास रख कर सोते हैं सुबह बेड टी के साथ इसके मैसेज और गुड मार्निग, फिर बच्चों को होम वर्क करवा रहे हैं और मोबाइल भी साथ साथ चल रहा है या बच्चों को पार्क लेकर गए और मोबाइल वहां भी है …बच्चा कुछ बता रहा है पर हमारा ध्यान मोबाइल पर है ….

तो थोडा सा पेरेंटस को भी संयम रखना होगा .. बच्चे देख कर सोचेगें ही ना कि कुछ तो है इसमें … तो हम बडो को भी समय निर्धारण करना होगा …

क्या करे!!

तो पहली बात ये कि हाथ से छीनना नही है इस्तेमाल करने देना है पर अति भी नही होनी चाहिए और दूसरा पैरेंटस को भी कम इस्तेमाल करना होगा.

ENROLL IN SPORTS CLUB

अब अगर बच्चा बहुत ज्यादा यूज कर रहा है तो आप उसे किसी SPORTS CLUB ENROLL करवा दीजिए.. यानि  उसका वहां जाने का टाईम फिक्स होगा ध्यान वही रहेगा तो कल समय मोबाइल पर लगाएगा.. जरुरी नही खेल ही जिसमें बच्चों का शौक हो कोई हॉबी क्लास या कुछ पर कोशिश यही रहे कि कुछ शारीरिक कसरत हो ताकि यानि टाईम आऊट रख लें  समय के लिए..

TIME OUT यानि समय समाप्त के बारे में बताएं  

 बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल करने दीजिए पर उन्हें ये भी बता दीजिए कि आपका समय शुरु होता है अब और खत्म होता है अब … यानि समय खत्म होने पर वो खुद ही रख दें..

बेसमय मोबाइल यूज करेगा उसके नम्बर कटेगें और जिसमे ज्यादा नम्बर कटेंगें  वो घर के कामों में मदद करवाएगा … जैसे धोबी से कपडे लाना,  दूध लाना, आलू प्याल लाना… बच्चों को घर के काम बहुत बोरिंग लगते हैं तो यकीनन उनसे बचने के लिए वो टाईम आऊट को जरुर मानेंगें

Post rules .. नियम बना कर लगाने हैं चाहे फ्रिज पर लगा सकते हैं कि घर आने के बाद एक घंटा तक नो फोन,  मिलकर सलाह से नियम बनाए जा सकते हैं…  ना सोते समय और ना खाते समय…

MAKE CHILD AWARE  – जागरुक कीजिए

समय समय पर बच्चों को इसके नुकसान दिखा कर जागरुक कीजिए ताकि वो समझ सकें वाकई में ज्यादा इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है न्यूज पेपर में भी बहुत आर्टिकल आते हैं या वीडियों भी दिखा सकते हैं देख कर ज्यादा समझ आ सकता है कि डाक्टर भी इस बारे में क्या कहते हैं …

PASSWORD भी SET कर सकते हैं

अगर बच्चा फिर भी नही मानता तो फोन में पासवर्ड डाल सकते हैं बिना उसके तो वो खोल ही नही पाएगा जब उसे यूज करना होगा तो बडो के पास जरुर आएगा … तो बहुत ज्यादा से बचने के लिए PASSWORD भी SET कर सकते हैं

दोस्तों को बुलाएं

बच्चों को दोस्तों को ज्यादा से ज्यादा बुलाएं.. बच्चे के दोस्त आएगें वो उनके साथ खेलेने चला जाएगा तो उसका ध्यान वहां से भी हटेग़ा…

नियमित OUTING का रखें

या फिर खुद पेरेंटस बच्चों को बाहर लेकर जाए जैसाकि मान लीजिए sunday है सभी की छुट्टी है तो बाहर चले जाईए .. या फिर हर शाम बच्चे को बाहर पार्क मे ले जाईए या घर पर ही हैं तो कुछ क्रिएटिव काम करने को दीजिए ताकि वो उसी मे लगा रहे …

Encourage creativity ना सिर्फ उसमे लगा कर रखना है बल्कि उसकी creativity को Encourage भी करना है… और वो अच्छा करता है तो उसे गिफ्ट भी देना है…

क्या क्या activities. हो सकती है.. वो भी मैं जल्द बताऊंगी जैसा कि कार्ड बनाना,

लालच नही दें

आमतौर पर पेरेंटस लालच दे देते हैं कि होमवर्क कर लोगे तो करने दूंगी mobile … खत्म करने के चक्कर में वो पढाई ठीक से नही कर पाता ना होमवर्क और न learn work … आधा घंटा का काम दस मिनट खत्म करके आ खडा होगा कि अब दीजिए .. तो उसका भी क्या फायदा … और वैसे लालच देना किसी भी क्षेत्र में सही है ही नही…

बच्चों को जताना जरुरी है कि वो हमारे लिए ज्यादा important हैं मोबाइल इतना जरुरी नही …

छोटे बच्चों को मोबाइल फोन से कैसे दूर रखें- WAYS TO KEEP CHILD AWAY FROM  MOBILE PHONE

September 21, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

ईर्ष्या से कैसे खुद को दूर रखें – How to keep away from Jealousy

Monica Gupta

ईर्ष्या से कैसे खुद को दूर रखें – How to keep away from Jealousy. How to get rid of Jealousy. कल एक मैसेज आया कि मुझे अक्सर jealous महसूस होती है. जब अपने से बेहतर किसी को करते देखती हूं.. किसी के पास कार है तो jealous हो जाती है किसी के बच्चे विदेश में चले गए तो jealous हो जाती है… फेसबुक पर मेरी सहेली को ज्यादा जन्मदिन की शुभकामनाएं मिली तो जलन हो जाती है क्या करना चाहिए ??

ईर्ष्या से कैसे खुद को दूर रखें – How to keep away from Jealousy

बहुत अच्छा लगा ये जानकर की आपने स्वीकार किया कि हां मुझे Jealousy हो जाती है नही तो आमतौर पर लोग show नही करते और अंदर ही अंदर कुढते रहते हैं और सेहत खराब करते हैं तो ऐसे में आपने समझा और इससे पीछा छुडवाना चाहती हैं तो वाकई काबिले तारीफ बात है…

 

 

 

Jealous यानि ईर्ष्या से कैसे खुद को दूर रखें

तो सबसे पहले तो ये सोचना समझना होगा कि Jealous की भावना हममें है किसलिए

खुद को टटोलिए

बजाय Jealous के खुद को टटोलिए कि दूसरा अगर बेहतर है तो उसमें क्या खास बात है या मुझमें किस बात की कमी है.. जानने की कोशिश कीजिए कि कमी क्या है अपने आप को बेहतर बनाईए

अपने आत्मविश्वास का विकास कीजिए

अपने बारे में जो कुछ भी आपको पसंद हो उसे लिखिए और अपनी कमियों की भी लिखिए और फिर अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करिए और आप जो हैं, उसी को पसंद करिए यदि हम अपनी पसंद पर ध्यान देने लगेंगें तो हमारी ईर्ष्यालु होने की संभावना कहीं कम होती जाएगी..

अपने आप को व्यस्त रखिए

खाली बैठे रहने पर ऐसे ही क्लास आईडियाज आते हैं इसलिए जब भी मन में बेफालतू के विचार आएं अपने आपका ध्यान जो आपको पसंद है उसमे लगा लीजिए.

अपना नजरिया बदलिए

आप ये सोचिए कि मेरे पास बहुत कुछ है जबकि बहुत लोगो के पास तो इतना भी नही होता … कैसे भी करके खुद को मोटिवेट करते रहिए …

अच्छे बनने की कोशिश कीजिए

थोडा और ज्यादा मददगार हैल्पफुल बनिए  इसलिए कि आपको अंदर से खुशी मिले जब कोई हम अच्छा काम करते हैं तो हमें भीतर से खुशी मिलती है … मान लीजिए चिडिया के लिए पानी और दाना रखा और वो पानी पीने आ गई और जक अपनी एक सहेली को भी ले आई … फिर एक दिन एक गिलहरी भी आई और एक दिन एक तितली भी आ गई … .. हुई न खुशी … सोचिए क्या अब भी आप Jealous रख रहे हैं … उतनी नही क्योकि ध्यान बंट गया

पॉजिटिव सोचिए

अपनी सोच सकारात्मक रखिए ये सोचिए कि कमी तो हर किसी में होती है … मैं भी कौन सा परफेक्ट हूं कुछ न कुछ कमी तो है ही … इसलिए कमी की तरफ से ध्यान हटा कर पॉजीटिव सोचिए

ईर्ष्या हमें हानि पहुंचा रही है …

आपके शरीर का नुकसान कर रही हैं … आपकी सेहत पर असर हो रहा है … आपका किसी काम में मन नही लगता और आप निराशा मेंजाए जा रहे हैं इसलिए इसे दूर भगाना ही पडेगा …

Surround yourself with positive people.

अपने किसी दोस्त से बात कीजिए अपनी फीलिंग शेयर कीजिए या कहीं लिख लीजिए कई बार लिख कर या बात करके भी कुछ मन हलका हो जाता है कुछ बात किसी की समझ आ जाती है …, ऐसे व्यक्ति को चुनिए जो हमारा समर्थन करता हो और जो हमारी बात सुने और समझे

अपनी ईर्ष्या को सराहना में बदलिए

एक प्रयास और कीजिए जिससे आपको Jealous है उसी के पास जाकर उसकी सराहना कीजिए उसे बधाई दीजिए .. इससे आपके मन में पैदा हो रही Jealous कम होगी

तुलना करने से दूर रहिए

ये समस्या पैदा ही तुलना से होती है तो अगर आप न तुलना करेंगें न कुछ सोचेगें तो ऐसी भावना भी नही आएगी … इसलिए तुलना से बचिए

अपनी प्रतिभा पर ध्यान दीजिये

आप ये सोचिए आपमें खास बात क्या है और क्यों न उसे बाहर निकाला जाए … पूरा ध्यान उसी में लगा दीजिए… अपनी ऊर्जा को अपने अच्छे गुणों पर लगाइये. जब खुद ही व्यस्त होंगें तो  तब दूसरे लोग क्या कर रहे हैं आपको उसकी चिंता करने का समय ही नहीं मिलेगा।

अपने प्रियजनों के लिए कृतज्ञ grateful रहिए

उन लोगों की कल्पना करिए जो आपके लिए चिंतित रहते हैं और आपके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं, और सोचिए कि आप उनके लिए क्या करते हैं। जो आपके जीवन को संपूर्णता प्रदान करते हैं, उन पर ध्यान देना, ईर्ष्या की भावनाओं को हटा फेंकने की एक सकारात्मक तरीका है ..

कृतज्ञ  grateful  लोगों के बीच समय बिताइये

जो लोग अच्छे हैं अच्छी सोच लिए हैं उंके साथ समय बिताईए … अच्छी बातें सीखने को मिलेगी … यदि आपके मित्र ऐसे हैं जो सदैव ही नौकरियों की, साथियों और बच्चों की तुलना करते रहते हैं, जो भी अपने पास है उसकी शिकायत करते रहते हैं और जिनके पास वह सब है उनकी भर्त्सना करते रहते हैं, तब तो शायद आप नए लोगों के साथ समय बिताना चाहेंगे।

Avoid criticizing or using sarcasm

खुद किसी की बुराई न करें और अगर कोई कर रहा है किसी पर कटाक्ष या ताना मार रहा है उससे भी दूरी बना ले … क्योकि ये आदत तभी जाएगी … खुद अच्छा दिखाने के लिए आप नीचे जा रहे हो पर तारीफ कर रहे हो तो उसमे क्या खास बात है

ये सोचिए कि हमारे दोस्त कम हो जाएगें … मान लीजिए अगर मेरे दोस्त को पता चला कि मैं हर बात पर Jealous करती हूं तो वो मुझे avoid करने लगेगा … उसकी देखा देखी और दोस्त भी छोडते जाएगें …

ईर्ष्यालु मित्रों की दोस्ती और दुश्मनी दोनों से बचना चाहिए क्योंकि कोयला अगर गर्म हो तो हाथ जलाता है और अगर ठंडा हो तो हाथ काले कर देता है….

ईर्ष्या से कैसे खुद को दूर रखें ?? How to get rid of Jealousy.

September 20, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

अच्छी teenage बेटी कैसे बनें – How to be a Good Teenage Daughter

Monica Gupta

अच्छी teenage बेटी कैसे बनें – How to be a Good Teenage Daughter –  चाहे भ्रूण हत्या female feticide  की बात हो या बेटी पढाओ की… समाज में लडकियों को बहुत importance  दी जाती है इसलिए बेटी का फर्ज भी होना चाहिए कि वो अच्छी बेटी बनें. देखिए बचपन में वो लाडली और पापा की चमची,  करछी या परी बन कर अपनी सारी बातें मनवा लेती हैं और जब वो बड़ी होती जाती है यानी teenage में आती है तो उसका अपना सर्कल बनने लग जाता है और वो उसमे बिजी हो जाती है. कई बार वो अपने पेरेंटस के सामने ऊंचा भी बोल जाती है और कई बार झूठ भी… क्या ये सही है… अगर सही नही है तो इसे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि उसके पेरेंटस उससे खुश रहें. चलिए आज मैं बताती हूं कि एक अच्छी teenage बेटी कैसे बनें.

अच्छी teenage बेटी कैसे बनें – How to be a Good Teenage Daughter

Responsible हों

सबसे पहले तो छोटे छोटे कामों में मम्मी की मदद करना. अक्सर मम्मी लोग को गुस्सा आता ही इसी बात पर है कि बच्चे सुनते नही मदद नही करवाते तो उन्हें ये मौका दीजिए ही नही… बिना उनकी आवाज लगाए उनके काम में उनकी हेल्प कीजिए जैसाकि मान लीजिए कोई मेहमान आए हैं उन्हें कभी पानी सर्व करना है तो कभी खाना आप रसोई में रहिए और खाना सर्व में सलाद काटने में मम्मी की मदद कीजिए … हालाकि काम बहुत छोटे होते हैं पर इससे मम्मी की एनर्जी बहुत बच जाती है…

 

Help with younger siblings

अपने भाई बहन की मदद करना … आमतौर पर हम बाते कम और लडते ज्यादा है इससे मम्मी को गुसा आता है वो पापा से शिकायत करती हैं और पापा गुस्सा करते हैं इससे घर में टेंशन का माहौल बन जाता है इसलिए अपने छोटे भाई बहन को प्यार से हैंडल करें. लडाई झगडा कम से कम करें .

Keep room organized

अपना कमरा साफ रखएं. आप बताईए कि मम्मी को गुस्सा किस बात पर आता है इस बात पर आता हि कमरा फैला हुआ है. सारा कमरा फैला दिया …इसलिए कमरा नही फैलाए कोशिश करें कि जो चीज जहां से उठाई है वही रख दे. चादर में अगर सल्ल पडे हैं तो उसे ठीक कर दें… Respect Parents Decisions

अगर वो हमें कहते हैं कि सहेली के घर जा रही हो तो जाओ पर 7 बजे तक आ जाना .. तो इसका मतलब है कि अंधेरा होने से पहले आ जाना चाहिए … मम्मी से बहस नही कि 7 बजे ही वापिस आना है तो क्या करुंगी जाकर और मुंह बना कर कमरा बंद कर बैठ जाओ… बोलना चाहिए कि 7 बजे घर आ जाऊगी .. उनसे बहस नही करनी चाहिए वो कुछ सोच समझ कर ही बोलते हैं…

Listen to Parents

इसलिए उनकी सुननी चाहिए और कहना भी मानना चाहिए. जैसाकि वो बोलते हैं स्कूटी आराम से चलाना तेज नही चलाना या स्कूटी चलाते समय हेलमेट जरुर पहन कर रखना तो उनकी बात माननी चाहिएहेयर स्टाईल खराब हो जाएगा ये नही सोचना चाहिए…

Offer Extra Help. जैसे मान लीजिए आज मम्मी को काम ज्यादा था बैंक भी जाना था और फिर मार्किट भी जाना तो घर लौटने पर मम्मी को पानी भी देना और फिर चाय बना कर पिलाना … उससे उन्हें बहुत स्पोर्ट मिलती है… काम छोटे छोटे होते हैं बहुत अच्छा लगता है

Introduce  your friends

अपने दोस्तों से मिलवाना चाहिए पेरेंटस के लिए बहुत जरुरी होता है ये जानना कि दोस्त कौन हैं किसके साथ वो ज्यादा समय बीताती है इसलिए अपने दोस्तों से जरुर मिलवाना चाहिए ताकि वो भी निश्चिंत हो जाएं. या फिर कहीं बाहर धूमने का प्लान कर रहे हैं तो घर पर बताईए कि कौन कौन जा रहा है

 Send sweet texts and cards

मम्मी पापा अगर वटसप पर हैं या फेसबुक मैसेनजर पर हैं तो जैसे अपने दोस्त्तों को मैसेज करते हैं वैसे ही कभी कभी मम्मी को भी मैसेज भेजना चाहिए … इससे अच्छा लगता है और प्यार बना रहता है… missing you .. अगर शादी की सालगिरह है या जन्मदिन है तो आप बोलिए कि आप और पाप धूम  कर आओ movie  देख कर आओ मैं घर पर अपने भाई बहन का ध्यान रखूंगीं तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा … भले ही वो जाए न पर उन्हें ये सुननना बहुत अच्छा लगेगा

Express gratitude समय समय पर जब भी chance मिले धन्यवाद करना appreciate  करते रहना चाहिए … मान लीजिए आपकी दोस्त किसी बात पर आपकी praise कर रही है तो आप मम्मी का धन्यवाद करें या पापा का धन्यवद करें कि आज जो मैं जो भी हूं उन्हीं की वजह से हूं इतनी अच्छी शिक्षा दी है …

Be honest with your parents  पैरेंटस के सामने कभी झूठ या चलाकी नही दिखानी चाहिए अगर कभी गलती हो गई तो सारी बात सच सच बता कर माफी मांग लेनी चाहिए

Personal Hygiene  अपने शरीर की सफाई का ख्याल रखना रखना भी बहुत जरुरी है. हम स्वच्छ रहेंगें तो स्वस्थ रहेंगें

तो ये कुछ बातें हैं वैसे आप क्या सोचती हैं अगर आपके पास भी टिप्स हो तो जरुर बताईएगा ..

 

September 19, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

कैसे बनें अच्छी हाउसवाइफ – How To Be A Perfect House Wife

Monica Gupta

कैसे बनें अच्छी हाउसवाइफ – How To Be A Perfect House Wife –   आजकल कभी भी किसी शादी में जाओ तो दुल्हा दुल्हन की बहुत सारी बडी बडी तस्वीरें हमारा स्वागत करती मिल जाती हैं…सच पूछिए तो मुझे तो बहुत ही अच्छा लगता है … अच्छा इसलिए लगता है कि पहले समय में तो  लड़का और लड़की तो एक दूसरे को जानते भी नही थे… नाम भी पता नही होता था फोटो देख कर लड़की पसंद की जाती थी. फिर समय बदला और शादी से पहले एक आध बार लड़की और लड़का मिलने लगे और

आज लीजिए महीनो तक तो मिलना जुलना चलता है खूब धूमना फिरना होता है अच्छी तरह से जान पहचान हो जाती है और फिर बात आती है शादी की ..

कैसे बनें अच्छी हाउसवाइफ – How To Be A Perfect House Wife

मेरा ख्याल ये भी था कि लड़का  लड़की इतनी अच्छी तरह से जानने लगते हैं तो शायद लड़ाई झगड़े  भी कम होते होगें पर कुछ शादियों के बारे में पता चला कि वहां भी हाल वही है यानि लड़ाई झगड़े  और तलाक..

यानि इतना समय साथ रहने के बाद भी इतना एक दूसरे को जानने के बाद भी  कोई बदलाव नही …

ये सब देख सोच ही रही थी तभी एक मैसेज आया..

मैसेज एक लड़की का था उन्होनें लिखा था कि बहुत जल्द उनकी शादी होने वाली है और वो बहुत अच्छी हाऊसवाईफ बनना चाह्ती हैं इसके लिए क्या करना चाहिए कि सब खुश रहें..

मुझे खुशी हुई ऐसी सोच देख कर… शादी एक तरह से नई जिंदगी का शुभारम्भ होता है इसलिए ये सोच तो रखनी ही चाहिए कि हम नए घर में मिलजुल कर रहें और दूसरों को खुश रखें

 

तो उसके लिए  थोडी सी टिप्स हैं कि कैसे बनें अच्छी हाउसवाइफ 

सबसे पहले तो स्माईल 

आमतौर पर सास, ससुर का नाम सुनते ही माथे पर बल आ जाते हैं और मायके का नाम सुनते ही स्माईल .. ये नही होना चाहिए … चलिए मैं उदाहरण देती हूं पता लगता है कि घर पर इनलॉज आ रहे हैं या इन लाज की साईड से कोई आ रहे हैं तो माथे पर बल आ जाते हैं और अचानक सिर दर्द या कमर दर्द शुरु हो जाता है वही जब पता चलता है कि मम्मी की साईड के दूर के मामा भी आ रहे हैं तो भाग भाग कर काम करती हैं

भेदभाव नही होना चाहिए… स्माईल दोनो के लिए रखनी हैं

आदर मान देना है

जरुरी है खुश होकर काम करना और दोनो रिश्तों को बराबर का आदर मान लेना..  जैसे हम अपने घर पर सभी से आराम से बात करना आदर मान देते हैं वैसा ही प्यार और आदर मान अपने नए घर में देना..

सबसे बडी झगडे की जड बनती है बुराई या चुगली 

वो तो भूल कर भी नही करनी.. आमतौर पर तुलना करने लगती हैं कि मेरी मम्मी के घर ये होता है वो होता है … ऐसे तुलना नही करनी … आप की शादी हो चुकी है जो है उसे खुशी खुशी स्वीकार करना है.

अपने घर ज्यादा बात करना भी झगडे की जड़ बनती है… अपने घर की सारी बातें अपनी मम्मी को नही बतानी चाहिए… घर की चार दीवारी से बाहर कोई बात नही जानी चाहिए.. देखिए नोक झोंक तो हर घर में हती ही है इसे बहर नही लेकर जाना चाहिए.. घर में ही सुलझा लेना चाहिए…

ईगो

कभी नही आने देनी.. पहले समय में महिलाए नौकरी नही किया करती थीं आजकल तो लगभग सभी नौकरी करती हैं ऐसे में ईगो भी आ जाती है कि मैं ज्यादा सुपीरियर हूं.. जबकि ये गलत है… पति पत्नी मिलकर ही घर की बगिया को महकाना है..

विश्वास

एक दूसरे से कुछ नही छिपाना चाहिए. चोरी छिपे कुछ ऐसा काम नही करना चाहिए कि बाद में शर्मिंदा होना पडे.. मोबाइल पर मैसेज कर रहे हैं तो छिपा रहे हैं… चोरी रख रहे हैं… ये रिश्ता आपसी प्यार और विश्वास पर टिका होता है टिके रहने देना चाहिए. अगर कुछ गलत कर भी लिया तो बता देना चाहिए ताकि बात और ज्यादा न बढ़े

अपनी गलती मान लेनी चाहिए

बातें तो और भी हैं पर अगर इन बातों से अपनी नई जिंदगी को स्टार्ट करेंगें तो देखिए चारो तरफ खुशहाली ही खुशहाली होगी

पसंद ना पसंद का ख्याल रखना  है.. नई जगह जाकर थोडा एडजस्ट होने में समय लगता है इसलिए पैशेंस रखनी पडेगी … पहले समय में बहुत ज्यादा strictness थी .. खैर आज वो बात तो नही है..

पर बिल्कुल ठीक हो गया है ऐसा भी नही है आज भी मेरे पास मैसेज आते हैं कि मेरी सास सूट नही पहनने देती साडी में घर के काम नही होते तो इन बातों से भी बाहर निकलना होगा …  सास को बहू की बातें और बहूं को सास की बाते समझनी होगी ..

मेरी एक जानकर है जब भी मैं उनके घर जाती हूं तो पता है उनके पति क्या कहते हैं कि वो कहते हैं सास बहू की इतनी बनती है कई बार तो ऐसा लगता है कि मैं घर जमाई हूं .. देखिए कितना अच्छा हो अगर सास बहू की आपस में बनने लगे .. सास बहू को अपनी बेटी और बहू भी सास को अपनी मां समझे.

Healthy Meals

आजकल खाने को लेकर लोग इतने health conscious हो गए हैं कि ऐसा खाना खाना चहते हैं जिससे वेट सही रहे और हमारा शरीर एक्टिव.. तो इसलिए अच्छा खाना बनाने के साथ साथ अच्छी हेल्थ कैसे बने इस बात का भी ख्याल रखना बहुत जरुरी हो गया है…

तो ये थी टिप्स आप बताईए कि आप क्या सोचते हैं इस बारे में How To Be A Perfect House Wife

 

September 18, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कैसे रहें अलर्ट – How to be More Alert – Parenting Tips in Hindi

Monica Gupta

छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कैसे रहें अलर्ट – Safety Tips for Kids – How to be More Alert – Parenting Tips in Hindi.अक्सर  पेरेंट्स छोटेबच्चों की सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित रहते हैं और स्वाभाविक भी है बड़े बच्चे तो समझदार हो जाते हैं पर छोटे बच्चों बहुत मासूम होते हैं इसलिए पेरेंट्स को उनकी सेफ्टी को लेकर बहुत चिंता रहती है… तो क्या चिंता होनी चाहिए या चिंता करने की बजाय हमें उपाय खोजने चाहिए.. कल कुछ रेलेटिवस शैफाली, पलक, रुचि से मिलना हुआ… इन सभी के बच्चे बहुत छोटे हैं और ये चिंतित भी थी पर आपस में डिस्कस भी कर रही थी कि क्या करना चाहिए उनकी बातों से कुछ बहुत अच्छे पोईंटस  उभर कर आए …

छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कैसे रहें अलर्ट – How to be More Alert

तो वो मैं आपसे शेयर कर रही हूं

 

स्ट्रांग बनाईए

सबसे पहले तो पेरेंट्स को बच्चों को स्ट्रांग रहने की शिक्षा देनी चाहिए.. बच्चों को ज्यादा छुई मुई या डेली केट नही बनाना चाहिए ममाज boy भी नही बनाना चाहिए पेरेंट्स को बताना चाहिए कि अगर कभी कोई अजनबी, धीरे से इशारा कर उसे चॉकलेट ,या अन्य खाने पीने की वस्तुओं का लालच देकर बुलाए तो मना कर देना चाहिए

बच्चों को न कहना सिखायें ” नो “

बच्चों को बताए कि ना कहें .. कोई कितना भी लालच दे , अपने पास बुलाए पर आपने न कहना है …  और फिर भी जबरदस्ती करे तो चिल्लाना है और वहां से भाग जाना है और जहां ज्यादा लोग हों वहां चले जाना है

सीक्रेट जरुर बताएं

अगर कोई अजनबी या जानकार  बच्चे को कोई बात मम्मी पपा को बताने के लिए मना करे तो वो बात जरुर बताए बच्चा .. इसे बिल्कुल नही छुपाना

बच्चों को confident बनाएं ..

बच्चे को बचपन से ही confident बनाएं किसी से कैसे बात करनी है कैसे नही इसकी बाकयदा ट्रेनिंग भी दें क़्योंकि बच्चा अगर अजनबी व्यक्ति को जबाब डर देता है तो ये उसके लिए हार्मफुल्ल हो सकता है क्योंकि स्ट्रेंजर अजनबी  उसे हार्म पहुँचा सकता है

Learn your Mobile Number  

फोन नम्बर जरुर लर्न करवा और बच्चों को उनका फोन नम्बर जरुर लर्न करवा कर रखें घर का पता या फोन नम्बर तो अच्छे से लर्न करवा देना चाहिए या कोई अगर बात करे तो मम्मी पापा अपने बच्चे के साथ कोई कोड वर्ड बना लें … वो कुछ भी हो सकता है चाहे आपकी मनपसंद चाकलेट या कोई नाम या कोई फिल्म कुछ भी …

ग्रुप में रहें बच्चे .. कोशिश ये भी करनी चाहिए कि छोटे  बच्चे ज्यादा समय अकेले न रहें.. स्कूल में भी हैं तो चार पांच बच्चों का ग्रुप बना लें और घर पर बच्चा है तो तब भी उसे स्मार्ट बनाना है ये नही कि घर पर कोई भी आए वो भाग कर दरवाजा खोल ले

पेरेंट्स बच्चों से बात करें

इन सबसे ज्यादा जरुरी ये भी है कि पेरेंट्स बच्चों से बात करें स्कूल से लौटने पर पूछे कि आज क्या क्या किया … सारी बात किसी पुलिस की तरह नही बल्कि बातों बातों में आराम से

बच्चे की भी सुने

आमतौर पर अपनी व्यस्त्ता की वजह से पेरेंट्स बच्चे को सुनते नही वो सोचते है अच्छे बडे नामई गिरामी स्कूल में हैं अब कोई चिंता नही वो निश्चिंत हैं पर बच्चों से बात करना और बच्चों की सुनना बहुत जरुरी है..

डर न बैठाएं – Incidents eye opener होते हैं

कई बार स्कूल में कोई धटना हुई तो पैरेंटस बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देते हैं … बजाय डरने के डट कर सामना करना सीखना चाहिए … सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग भी जरुर देनी चाहिए .. इससे बच्चों में बहुत आत्मविश्वास आता है … body guard बनिए !!

गुड टच और बेड टच Good touch Bad touch  के बारे में भी बहुत सोच समझ कर समझाएं… बहुत मासूम होते हैं बच्चे इसलिए

छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कैसे रहें अलर्ट

September 16, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें – Qualities in a Good Friend – अच्छे दोस्त के गुण – #TipsForTeens

Monica Gupta

सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें – Qualities in a Good Friend – अच्छे दोस्त के गुण – #TipsForTeens एक अच्छे मित्र या सच्चे मित्र के  गुण क्या होते हैं ? सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें ?? कौन होता है सच्चा दोस्त कैसे पहचाने … कल एक मैसेज आया उसमे लिखा था कि मैं 11 क्लास में हूं और जानना चाहता हूं कि सच्चा दोस्त कौन होता है..

 सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें – Qualities in a Good Friend

कैसे चुने  जो सारा समय हमारी प्रशंसा करता है हमारे साथ रह कर हर बात में हां में हां मिलाए या ..

तो आईए जानते हैं कि हम किसे सच्चा दोस्त मान सकते हैं

सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें

चलिए शुरुआत इसी से करते हैं हां में हां मिलाने वाली बात से

 

सच्चा दोस्त well wisher शुभचिंतक होता है  हमें सही राह दिखाता है हमेशा हमारा अच्छा सोचता है

सच्चे मित्र हमेशा आप को सच्ची बात बताते हैं.  हमें हमेशा सही बात बताते हैं अगर मेरी बात से सहमत नही तो मेरी हां में हां नही मिलाएगें बल्कि मैं कहां गलत हूं वो जरुर बताएगें … और उनका प्रयास रहेगा कि हम सुधार भी कर ले … सही एडवाईज देंगें. मीठी-मीठी बातें ही नही अच्छे दोस्त का फर्ज है कभी-कभी कड़वा सच बोल कर अपनों को सावधान करता रहे..

एक अच्छा दोस्त हमेशा sincere होता है

Sincere होता है अच्छा और सच्चा दोस्त. अगर इससे हमने कोई बात कोई हमारी कमजोरी या कोई हमारी गलती  शेयर की तो वो अपने तक ही रखता है ये नही कि दूसरों को बता कर मजाक उडाता फिरे … इतना ही नही वो हमें भी उसे भूलने और अतीत से सीखने की सलाह देता है… सच्चा दोस्त बहुत sincere होता है भले ही बात बात पर हमसे लडता रहे पर कभी हमारा एक आंसूं भी गिरे तो उसे रोकने के लिए पूरी दुनिया से लड जाता है

दूसरों से नहीं करते बुराई

वो ना तो दिखावा करता है न उसमे कोई बनावटी पन होता है वो पीठ पीछे बुराई नहीं करते अच्छे दोस्त कभी दूसरों के सामने हमारी बुराई नहीं करते। अगर उन्हें किसी बात का बुरा लगता है तो वे सीधे बात करके मसले को सुलझाने की कोशिश करते हैं पर ये नही कि अभी एक दोस्त के साथ तो उसकी बुराई करनी शुरु कर दी और अगर वो सामने आ जाए तो उसकी प्रशंसा शुरु … जैसे मान लीजिए दो दोस्त खडे हैं और मेरी बात कर रहे हैं मेरी बुराई .. और जैसे ही मैं सामने जाऊंगी तो क्या बोलेग़े अरे वाह बहुत लम्बी उम्र है अभी हम तुम्हारी ही बात कर रहे थे … और फिर मुंह पर हाथ रख कर हसेंगें.. मजाक उडाएगें और हाई फाईव करके हंसेंगें.

हमें हमेशा प्रोत्साहित करता है

अच्छे दोस्त की ये पहचान होती है कि हमें हमेशा encourage करता है मान लीजिए क्लास टेस्ट है और मेरे नम्बर कम आए तो मैं उदास हो गई तो मुझे समझाएगा कि उदास होने की जरुरत नही .. नम्बर कहां कम आए पता करके डबल मेहनत से पढाई करों यानि discourage नहीं करते. आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. एक अच्छी किताब 100 दोस्तो के बराबर होती है पर एक अच्छा उत्साहित करने वाला दोस्त तो पूरी की पूरी लाईबरेरी होता है

 साथ नही छोडते …

ये बात तो बहुत बार पढी और सुनी है कि बुरे समय में बहुत लोग साथ छोड जाते हैं पर वो हमेशा साथ खडे नजर आते हैं बुरे समय में जब कोई आपके साथ नहीं देता तब सच्चा मित्र साथ खडा नजर आता है.

सच्चे मित्र हमेशा हमारे लिए समय निकालते हैं

देखिए हर कोई व्यस्त है  हर कोई अपने जीवन में व्यस्त होता है समय किसी के पास नही पर सच्चा दोस्त वही है जब जरुरत हो वो साथ खडा हो चाहे  दुख हो या सुख हो … जैसे मान लीजिए मैं अपनी सहेली को फोन करुं कि आ जाओ मुझे बहुत जरुरी काम है तो वो बोले कि आज तो नही आ सकती .. कल आ जाऊंगी … अब बताईए कि कैसे मैं उसे अपना अच्छा दोस्त कह सकती हूं तो फिर ऐसे मित्र होने का क्या फायदा?

Selfish Motive

अक्सर हमने देखा है कि दोस्त किन लोगो के ज्यादा होते हैं या तो हमारे पास पैसा है कि हम कैंटीन में दोस्तों को खूब खिलाते हैं या मेरा कोई रिश्तेदार टीचर है, या बहुत पद पर है जिससे उसका भी फायदा हो सकता है या फिर उसके पास कोई कम्पनी नही नही अकेला रहता है इसलिए उसने आपको दोस्त बना लिया … जो सच्चा दोस्त होता है उसका कोई selfish motive नही होता वो बस हमें पसंद करता है इसलिए दोस्त बनाता  है … इसके इलावा कोई और उद्देश्य नहीं होता

सच्चा दोस्त हमारी पूरी बात सुनता है …

आपके सच्चे मित्र आपको अच्छी तरह से सुनते और समझते हैं और आपकी बातचीत के बीच बाधा नहीं डालते. एक सच्ची दोस्ती ऐसी स्थिति में कभी संतुलित नहीं रहती जिसमें एक बातचीत कर रहा हो और दूसरा उसकी बातचीत में टोका-टोकी कर रहा हो. तो आपको भी अपने मित्र को सुनना चाहिए, क्योंकि आप भी सच्चे मित्र बनना चाहते हैं न!

विश्वासपात्र होते हैं और हम उन पर पूरा भरोसा कर सकते हैं

कामयाबी से खुश होते हैं अच्छे दोस्त कभी भी हमारी सफलता पर जलते नहीं हैं..  वे आपकी सफलता की खुशी मनाते हैं और जीवन में आपके इसी तरह सफल होने की कामना करते हैं… और अगर हमें किसी दूसरे के साथ देखते हैं तो जलन नही करते …

50 दोस्त की जगह एक सच्चा दोस्त ही बनाना अच्छा हैं.

कल एक सहेली मिली बहुत खुश की पांच हजार दोस्त हो गए.. फेसबुक पर ये बडी उपलब्धि नही है एक महीने में 100 पांच सौ दोस्त बनाना बडी उपलधि नही है बल्कि एक दोस्त को 50 साल तक निभाना लम्बे समय तक साथ निभाना असली उपलधि है…

एक सच्चा दोस्त कभी भी गलत रास्ता नहीं दिखाता

सच्चा दोस्त सही रास्ता ही दिखाता है स्कूल बंक करके मूवी जाना या नशा करना , देर पार्टी में जाना घर पर झूठ बोलना या घर से पैसे चुराने के लिए प्रेरित करना बुरे या गलत रास्ते पर चलना .. एक अच्छे दोस्त नही हो सकता …

नीचा दिखाने की कोशिश नहीं, व्यर्थ की बहस शुरू नहीं करता अगर कभी मुसीबत में हों तो बजाय भाग जाने के हमें सही राह दिखाते हैं और भी बहुत सारी खूबियां होती हैं कुल मिला कर

ये दोस्ती भी एक रिश्ता है जो निभा दे वो फरिश्ता है

वैसे आप क्या  सोचते हैं ??

सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें – Qualities in a Good Friend – अच्छे दोस्त के गुण – #TipsForTeens

September 15, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

आदर्श विद्यार्थी के गुण – The ideal student – Student Life is Golden Life

Monica Gupta

आदर्श विद्यार्थी के गुण – The ideal student –  Adarsh Vidyarthi Ke Gun – एक अच्छा Student बनने के लिए क्या खासियत होनी चाहिए. हर माता पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा एक अच्छा Student बनें और बच्चे भी चाह्ते हैं कि वो अपने टीचर्स की नजरों में आए… तो क्या खास बात होनी चाहिए एक अच्छे Student में

आदर्श विद्यार्थी के गुण – How to Be a Good Student

चलिए अपनी बात बताने से पहले एक छोटी सी कहानी सुनाती हूं एक लडका काम की तलाश में दूसरे गांव में गया.  गांव के बाहर कुछ लोग बैठे थे. लडके ने पूछा मैं इस गांव मे रहना चाह्ता हूं यहा कैसे लोग रहते है इस पर एक गाव वाले ने पूछा कि आप जिस गांव से आए हो वहां कैसे लोग रहते थे इस पर वो लडका बोला कि वो जरा भी अच्छे नही थे बडे ही गंदे लोग थे यह सुन कर एक आदमी बोला कि आपको यहां भी ऐसे ही लोग मिलेगें और  लडका ये बात सुन कर चला गया.

कुछ समय बाद उस गांव में एक दूसरा लडका  आया उसने भी  बाहर बैठे लोगों से यही पूछा कि मैं इस गाव में रहना चाह्ता हूं गांव में कैसे लोग रहते हैं एक गांव वाले ने फिर वही बात पूछी कि आप जहां से आए हो वहां कैसे लोग रहते थे .. लडके ने बताया कि बहुत ही अच्छे और मिलनसार लोग है पर मेरी मजबूरी है कि मुझे गांव छोडना पडा. इस पर गांव वाले ने कहा कि यहां भी ऐसे लोग रहते हैं

आईए आपका स्वागत है ..असल में, हम जैसे होंगे हमे लोग भी वैसे ही दिखाई देंगें अगर हम अच्छे है तो हमे अच्छे लोग ही मिलेंगें

 

 

 

अब प्रश्न यह उठता है कि हम अच्छे कैसे बनें …क्या क्या खास बात Student में होनी चाहिए …

The ideal student – How to Be a Good Student

सबसे पहले बात आती है Respect आदर मान की…

अपने माता-पिता का,  अपने टीचर्स का,  अपने से बड़ों का सम्मान करना आना बहुत जरुरी है..

Discipline अनुशासन के नियमों का पालन करना  आना चाहिए चाहे स्कूल में अनुसाशन हो या घर पर

Value of Time समय की वेल्यू समझनी चाहिए.. जिंदगी मेहनत कर ली उसका फल भविष्य में जरुर मिलेगा …

Love youngers अपने भाई बहन से भी प्यार से बात करे और अपने दोस्तों से आराम से बात करें

अपशब्दों का इस्तेमाल तो बिल्कुल ही नही करना चाहिए और अगर कोई बच्चा या दोस्त गाली देकर बात करता है तो पहले तो उसे समझाए पर अगर फिर भी वो नही मानात तो उसका साथ छोड देने में ही समझदारी है..

Company अपनी संगत अच्छी रखनी चाहिए और अगर कोई नशा करता है तो तुरंत उससे दूरी बना लेनी चाहिए

स्वभाव बहुत अच्छा और विनम्र होना चाहिए

Confidence आत्मविश्वास अंदर होना

Hardworking मेहनती होना चाहिए .. , ये सोचकर चलना चाहिए कि बिना मेहनत कुछ हासिल नही होता. इसलिए जो स्कूल में काम करवाया जाए उसे नियमित याद भी करे और होमवर्क पूरा करे

जरुरत इस बात की है कि पढाई पूरी तरह से dedicated  होकर करनी चाहिए.

पहले समय में तो   25-25 वर्ष में विभाजित इन चार भागों को चार आश्रमों में बांटा गया है, ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास।

आदर्श विद्यार्थी के पाँच लक्षण बताये गये हैं

काकचेष्टा बकध्यानं श्वाननिद्रा तथैव च।  स्वल्पाहारी ब्रह्मचारी विद्यार्थिपंचलक्षणम्।

काक चेष्टा- कौए की तरह प्रयत्नशील रहना क्योंकि उसकी चेष्टा विलक्षण होती है.  जब तक वह लक्ष्य ना पा ले  कोशिश में ही लगा रहता है.

बको ध्यानं  अर्थात् बगुले की तरह पूर्ण मन से अपना ध्यान लगाकर भक्ष्य (लक्ष्य) हासिल करना। मन लगाकर ग्रहण की गयी विद्या ठीक से स्मृति में बैठती है जैसे वो एक पैर पर खडा होकर मच्छ्ली पर पूरा ध्यान लगाए रखता है.

श्वान निद्रा – Dog हमेशा सावधान रहते हुए सोता है. थोङी सी आहट पर सक्रिय हो जाता है। छात्र के लिये सीमित निद्रा लेना पर्याप्त है। आरामप्रिय, विलासी होकर यथेच्छ नहीं सोना चाहिए बल्किि केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से यथोचित सोना चाहिए. आलस्य  को छोङ देना चाहिए.

अल्पाहारी- अधिक भोजन लेने पर निद्रा क प्रभाव जल्द होगा और देर तक नींद आएगी इसलिए  विद्यार्थी को पौष्टिक अल्पाहार जरूरी है.

ग्रह त्याग –  घरेलु सुख और आराम का जीवन विद्यार्थी के लिए उचित नही है.  विद्यार्थी जीवन त्याग और तपस्या का  जीवन है पहले समय में तो बच्चे बाहर रह कर ही पढाई करते थे. होस्टल बने होते थे..

वैसे पहले तो ये कहा जाता था कि (सुख चाहने वाले) को विद्या

और (विद्या चाहने वाले) को सुख छोङ देना चाहिये

सुख और विद्या एक साथ संभव नहीं है…

वैसे आप क्या सोचते हैं इस बारे में…

आदर्श विद्यार्थी के गुण – The ideal student – Student Life is Golden Life

The ideal student – how to be a good student ,

September 14, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Benefits of Being Busy – व्यस्त रहने के फायदे – खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life

Monica Gupta

Benefits of Being Busy – व्यस्त रहने के फायदे  – बिजी रहने के बहुत benefits ,  advantages फायदे हैं…  खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life. इससे पहले video मे मैंनें बताया था कि व्यस्त रहना किसलिए जरुरी है फिर बताया कि किस तरह से बिजी रहा जा सकता है और अब बात हो रही है benefits की

Benefits of Being Busy – व्यस्त रहने के फायदे

जो  मैंनें महसूस किया वो है कि busy रहने के बहुत सारे फायदे हैं… benefits ,  advantages सुनकर तो वैसे भी स्माईल आ ही जाती है तो सबसे बडा benefits यही है कि

 

स्माईल आ जाती है

हमारे माथे पर बल खत्म हो जाते हैं क्योकि जब हम खुद को बिजी नही रखते , बोर होते हैं, टाईम पास करते हैं , इधर उधर बे फालतू की बातें होती हैं नेगेटिव विचार मन में आते हैं हर बात पर तनाव होता है हर बात को टेंशन बना लेतें हैं और जब हमने खुद को व्यस्त रखना शुरु कर दिया तो तनाव चला जाएगा … तनाव गया तो माथे पर पडे बल भी चले जाएगें और उसकी जगह ले लेगी स्माईल …

परिवार खुश रहेगा..

जब हमारे चेहरे पर स्माईल रहेगी तो हम हर काम उत्साह के साथ करें%गें खुश होकर करेंगें तो क्या होगा परिवार खुश होगा या नाराज … जी खुश ही होगा … पहले सुबह उठते साथ से ही किच किच शुरु हो जाती थी … पर जब चेहरे पर स्माईल रहेगी तो कौन किच किच करेगा ..

Self-Accomplishment की भावना – आत्म उपलब्धि

Feeling of Self-Accomplishment… कि हमने भी कुछ पाया है … एक होती है बाहरी खुशी जोकि अक्सर हम दिखावा करते हैं और एक होती है अंदरुनी हंसीं भीतरी खुशी … वो जब आ जाए तो हमारे शरीर में खुद ब खुद चमक आ जाती है हमें पार्लर वार्लर कही जाने की जरुरत नही पडती.. ऐसा महसूस होता है मानों कोई उपलब्धि मिली है

Self-Confidence

और जब ये सब होता है तो अलग सा आत्मविश्वास आ जाता है

और हम दूसरों को भी बताने लगते हैं… जैसे मान लीजिए आपने अपने समय को वेस्ट नही किया और आपने नियमित अखबार पढना शुरु कर दिया और आपकी जनरल नॉलिज बढानी शुरु कर दी फिर एक बार आप दस दोस्तों के बीच में बैठे और क्योकि उस विषय का आपको ज्ञान था आपने बताना शुरु कर दिया … तो दूसरे तो हो ही जाएगें न आपसे प्रभावित कि अरे वाह !! कब सीखा.. हमें भी बताओ… दस जगह हमारा उदाहरण दिया जाएगा.. तो क्या होगा… आएगा न आत्मविश्वास !!

Learning and Development

व्यस्त रहने से हमारी सीखने की भावना बढती हैं… मान लीजिए हमने ब्लॉग बना लिया और उसमें आर्टिकल लिखने शुरु कर दिए और लोगो की प्रतिक्रिया भी आने शुरु हो गई… तो आपका मन करेगा कि और अच्छा कुछ लिखूं इसके लिए हम और सर्च करेंगें और पढेगें…यानि हम नई नई skills सीखगें

 नए नए आईडियाज आएंगें

और हम बेहतर करते जाएगें. हमारा दिमाग चलता ही रहता है The brain is always working. यानि एक्टिव रहता है

समय की वेल्यू करना सीख जाएगें

पहले जो समय हम सारा दिन कभी इधर उधर बैठ कर चुगली चपाटी करते , घंटो फोन पर लगे रहते किसी के घर जाते तो घंटो बैठे रहते पर जब समय का सही इस्तेमाल करना शुरु किया तो समय की वेल्यू पता चल जाती है.. पहले लोग कहते कि कब जाओगें पर अब लोग क्या कहेंगें कब आओगे

Source of Income

कई बार ये कमाई का साधन भी बन जाता है मान लीजिए आपने blog शुरु किया इसलिए कि आप खाली नही बैठना चाह्ते थे और उसमे नियमित आर्टिकल पोस्ट करने लगे और एक दिन हम क्या देखते हैं कि उससे हमें Income शुरु हो गई … तो हुई न ये खुशी वाली बात !!

लाईफ स्टाईल बदल जाएगा 

इससे क्या होगा … हमारी सोच हमारा नजरिया बदल जाएगा और हम और भी ज्यादा क्रिएटिव होते जाएग़ें

समाज में सम्मान मिलेगा

जब हम सोशल वर्क करेंगें तो हमारी पहचान बनेगी और समाज में हमारा नाम होगा.. मान लीजिए आप रक्तदान के क्षेत्र में बहुत काम कर रहें हैं या जब भी उससे जुडी बात होगी आपको याद किया जाएगा या  आपने बहुत अच्छा आईडिया दिया स्वच्छता को लेकर और उसे बहुत लोगो ने बहुत पसंद किया तो आप अपनी पहचान बनाने में सफल हो गए

अब इसके benefits ऑफ benefits भी हैं मान लीजिए आपकी पहचान बनी तो इसका फर्क आपके परिवार पर भी तो होगा … आप गर्व से बताएगें कि हां वो मेरी मम्मी है या मेरे पापा है.. या हां वो मेरे पास के रिश्तेदार हैं … जो कभी बहुत दूर के हुआ करते थे .. अब पास के रिश्तेदार बन जाते हैं..

सुपर मॉम या सुपर मैं बन सकते हैं

और आप प्रेरणा बन जाएगें लोग आपके पास टिप्स लेने आने लगेग़ें कि ये आपने कैसे किया …

अब बस एक चीज के लिए समय नही बचता …

आप भी भूल गए उसको…..और वो है Negativity है कोई समय उसके लिए तो … सबसे अच्छी बात की negativity  भाग जाती है और उसकी जगह पॉजीटिव बातें ले लेती है …

इसलिए कहते हैं कि Doing something is better than doing nothing इसलिए कोशिश यही करनी चाहिए कि खाली नही बैठना कुछ न कुछ क्रिएटिव करते रहना है शोध भी किए गए और यही नतीजा निकला कि जो लोग खाली नही बैठते व्यस्त रहते हैं वो खाली रहने वाले लोगो की अपेक्षा ज्यादा खुश रहते हैं क्योकि व्यस्त रहने के नतीजे अच्छे होते हैं Going Further…

व्यस्त रहने के फायदे – Benefits of Keeping Yourself Busy – खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life –

खुद को व्यस्त कैसे रखें – How to Keep Yourself Busy – खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life

September 13, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

खुद को व्यस्त कैसे रखें – How to Keep Yourself Busy – खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life

Monica Gupta

खुद को व्यस्त कैसे रखें – How to Keep Yourself Busy – खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life – how to make yourself busy and happyव्यस्त रहें – how to make yourself busy and happy इससे पहली वीडियों मे मैंने बताया था कि खुद को व्यस्त रखना कितना जरुरी है खाली बैठना बिल्कुल भी सही नही… आज मैं बता रही हूं कि खुद को बिजी कैसे रख सकते हैं.. व्यस्त रहें मस्त रहें

खुद को व्यस्त कैसे रखें – How to Keep Yourself Busy – खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life

सबसे पहले तो वो कीजिए जो करना आपको बहुत पसंद है FIND YOUR PASSION आप उन activities में खुद को खुद को बिजी कर लीजिए.

 

तो अपने आप को टटोलिए कि आप किस बात को पसंद करते हैं आपका पैशन क्या है. मान लीजिए राईटिंग तो  blog बना सकते हैं पसंद हैं कुकिंग पसंद हैं तो अपने सर्कल में आप tips दे सकते हैं या अखबार की मैगजीन के लिए आर्टिकल दे सकते हैं या रेसीपी से related आप किताब भी लिख सकते हैं इसके लिए पहले आप नेट से नॉलिज इकठ्ठा करके और फिर जैसा चाहें उसे shape दे दीजिए … देखा हो गए न आप busy…

Share your knowledge – TAKE CLASSES

आप क्लास ले सकते हैं .. अपनी नॉलिज के आधार पर या जानकारी के आधार पर आपको जो पसंद हैं वो क्लास लेकर बता सकते हैं मान लीजिए आपको स्कूल टाईम में maths या science बहुत पसंद था आप क्लास लीजिए …

कितने पैरेंटस खोज रहे होते हैं अच्छा कोच … या आपने ब्यूटिशियन का कोर्स किया हुआ है वो कोर्स आप शुरु कर सकते हैं या आपको pets के बारे में बहुत जानकारी है आप इसका कोर्स शुरु कर सकते हैं while keeping yourself busy you can do this.

WORKOUT

व्यायाम कर सकते हैं मान लीजिए कुछ भी समझ नही आ रहा कि कैसे बिजी रखें तो योगा करके या मैडीटेशन करके खुद को बिजी रख सकते हैं इससे आप healthy  भी रहेंगें और आप खाली भी नही रहेंगीं

ये stress reliever का काम करेगा और अगर busy रहेंगें तो confidence भी आएगा And healthy means happy!

HOBBIES

आप खुद को किसी हॉबी में व्यस्त रख सकते हैं मान लीजिए गार्डनिंग है तो आप उसमें खुद को बिजी कर सकते हैं हो सकता है आपको कोई instrument बजाना आता हो तो उसे शुरु कर सकते हैं

पैंटिंग का शौक हो तो वो शुरु कर सकते हैं कोई नॉवल पढने का शौक हो तो वो शुरु कर सकते हैं..

जनरल नॉलिज की किताबें पढ सकते हैं

हर रोज ऑनलाईन अखबार पढ कर अपना ज्ञान बढा सकते हैं अगर शौक है तो .. या फिर जिसमें शौक है …

देखिए कुला मिलाकर बात Entertain करने की है और आप खुद को Entertain करके जिस भी तरीके से करें आप खुद को व्यस्त रख सकते हैं..

Study a new language – दूसरी भाषा को सीख सकते हैं अगर  शौक है तो बहुत लोग होते हैं बहुत ज्यादा शौक होता है जैसे कि मान लीजिए गुजरात गए तो गुजराती भाषा के दो चार बोलचाल के शब्द … जैसे कैम छो मजा में या

साऊथ गए तो वहां की भाषा जैसे मलयालम कि येन्ना विषेशम .. सुखम तन्नै जैसा कि आप कैसे हैं मैं ठीक हूं या

फिर आप मणिपुर गए तो नग करम तौरी ? यामना फरजई बोल सकते हैं .. कहने का मतलब ये हैं कि नई नई बाते सीख कर आप खुद को बहुत क्रिएटिव बना सकते हैं आजकल नेट पर सब है..

Learn To Play an Instrument जरुरी नही कि हर चीज जो आती है उसे ही शेयर करना.. मान लीजिए कुछ आता ही नही पर शौक बहुत था मान लीजिए आपको गिटार का बहुत शौक था … अब आपके पास समय सीख सकते हैं … या कुछ भी जो सीखना चाहें वो सीख सकते हैं…

Contribute स्वयं को सामाजिक कार्यों में व्यस्त कीजिये..

और इसके इलावा आप खुद को सोशल वर्क से भी जोड सकते हैं … कितने ऐसे काम हैं मान लीजिए Blood Donation  है आप खुद करते हैं तो बहुत अच्छी बात है नही करते तो इसके फायदे जानकर दूसरों को मोटिवेट कर सकते हैं या

फिर स्वच्छता के प्रति लोगो को जागरुक कर सकते हैं …

और भी अगर कुछ समझ नही आ रहा तो एक काम और कर सकते हैं मान लीजिए आपके बच्चे अभी छोटे हैं और अक्सर आप उन्हें पढाते हैं तो उनके lessons आप नेट पर वीडियो के माध्यम से सीख सकते हैं और फिर बच्चों को अच्छे से समझा सकते हैं

जरुरत है कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने की .. क्रिएटिव बनने की. इसके फायदे क्या होंगें ये मैं आपको अगली वीडियों में… 

कहने का मतलब बस यही हैं कि हमारे सामने बहुत सारे options  हैं बस हमें ही जागरुक होना है व्यस्त होना है देखिए जो हो गया सो हो गया

जो खो गया सो खो गया .. जो खोट थी वो गल गई .. जो शेष है वो स्वर्ण है और वो स्वर्ण आप हैं

छोटी छोटी बातें आपकी जिंदगी में बहुत बडा असर डाल सकती हैं

खुद को व्यस्त कैसे रखें – How to Keep Yourself Busy – खुश कैसे रहें – How to be Happy in Life

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