Monica Gupta

Writer, Author, Cartoonist, Social Worker, Blogger and a renowned YouTuber

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August 26, 2017 By Monica Gupta 1 Comment

Willpower कैसे strong करें महिलाएं

Life of a Teenager

Willpower कैसे strong करें महिलाएं –  बहुत सारी ladies के मैसेज आते हैं हम करना तो बहुत कुछ चाहते हैं पर Willpower strong  नही है इसकी वजह से कुछ नही कर पाते …

 Willpower कैसे strong करें महिलाएं

चलिए मैं आपसे एक बात पूछ्ती हूं … मान लीजिए आप अकेली एक सडक पर जा रही हैं तो क्या आप डरी डरी सहमी सहमी जाएगी या खुद को strong बनाती हुई … भले ही आप डर रही हो पर दिखाएगी नही ..

जितना मैं आपको सुन और समझ पा रही हूं ज्यादतर का सोचना है कि strong बन कर  … और कुछ का कहना है कि डर कर .. चलिए जिनका कहना है कि डर कर उनसे मैं एक बात पूछती हूं

कि मान लीजिए आपका बच्चा किसी काम से बाहर जा रहा है उसे आप क्या कहेंगी कि डर कर जाना या strong बन कर  … हा  … ये हुई न बात .. strong बन कर  …  यानि आप strong का मतलब तो समझती हैं ..

तो strong बने रहने की importance तो आप जानती है ……पर जब अपने पर बात आती है तो Willpower strong  नही  …

mobile गेम खेलने का मन होता है तो आधा धंटा कह कर दो घंटे भी लग जाते हैं ..

डाईटिंग की बात तो जरुर करती है पर वही कंट्रोल नही …

सुबह उठ कर घूमने की बात तो करती हैं पर वही Willpower strong  नही है … तो उसे कैसे strong  बनाया जाए …

 

 

Apni Willpower Kaise Strong Karey Mahilayen

सबसे पहले तो दृढ निश्चय यानि  determination होना चाहिए.. दिखावा नही खुद से और दिल से …

अपना लक्ष्य एक ही रखें … ये नही कि एक साथ दो दो तीन तीन goal बना लें और किसी को पूरा न कर पाएं … बस एक समय में एक ही goal बना लें और उस पर जुट जाएं ..

कम से शुरुआत करें Start Small एकदम से कहना कि आज तो गेम खेलूगी ही नही …

या आज तो मैं खाना ही नही  खाऊंगी या आज में 2 किलोमीटर सैर करके आऊगी … जी नही … कम से शुरुआत करें और समय हर रोज बढाते रहें जैसाकि आज मोबाईल गेम बस आधा घंटा ही खेलूगी …

या आज एक ही चपाती लूंगी या आज मैं 10 मिनट सैर शुरु करुंगी … तो सही रहेगा … नही तो आप घबरा जाएंगें इतना बढा लक्ष्य होगा तो इसलिए छोटे से शुरुआत करें

टाले नही … सोच लिया तो सोच लिया … आज का कल पर मत  टालें…

टिके रहें … देखिए जब हम कुछ मन में सोचते हैं तो हमें  temptations  होती रहती है जैसाकि आज एक परांठी और ले लेती हूं क्या फर्क पडता है … इसे न होने दें …

Distract Yourself जब भी इस तरह के विचार आएं तो अपना ध्यान किसी और बात में लगा लें … book read or tv , movie

खुद से बात कीजिए .. जो मैं कर रही हूं इसका कितना फायदा होगा और नही किया तो क्या नुकसान हो सकता है … और फिर भी अगर विचार न जाए तो यह सोच लेना चाहिए कि ये

See Your Success

कल्पना कीजिए कि कुछ समय बाद आप जब सफल होंगें तो कितना अच्छा लगेगा आप किसी के लिए प्रेरणा भी बन सकते हैं … Willpower कैसे strong करें

इन सबमें आपकी मदद करेगी योगा, मेडीटेशन …

तो आप करिए और मुझे बताई कि ये टिप्स कितनी हैल्पफुल रहीं या इसके इलावा आपके पास कोई टिप्स हों तो जरुर बताईएगा

Willpower कैसे strong करें महिलाएं

आपके कमेंटस का इंतजार कल फिर मिलूंगी…

August 25, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों को पेरेंट्स न डराएं – Don’t Scare the Little Ones – Parenting Tips In Hindi

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

छोटे बच्चों को पेरेंट्स न डराएं – Don’t Scare the Little Ones –  कहीं आप अपने बच्चे को डराते तो नहीं.. is it ever ok to scare your child… Please don’t scare the little ones  बच्चों को डराना क्या सही है ?? पेरेंट्स कहीं आप अपने बच्चे को डराते तो नहीं..

 छोटे बच्चों को पेरेंट्स न डराएं – Don’t Scare the Little Ones 

हाऊ आ जा … मीकू का खाना खा जा वो खाना नही खा रहा …

या अभी ले कर जाती हूं तुझे डाक्टर अंकल के पास सूई लगाएगें तब पता चलेगा …

कहना नही मान रहा ना तू … चल तुझे स्टोर में बंद करते आती हूं तब पता चलेगा …

पडोस वाले अंकल को बोलती हूं वो अपना डॉगी लेकर आएगें … तब समझ आएगी तुझे …

Stop, Don’t Touch. रुक जाओ,  हाथ नही लगाना … ऐसे शब्द हैं  जिससे बच्चे के मन में एक अजीब सा डर घर कर जाता है …

पेरेंट्स खुश हैं कि बच्चे पर कितना रौब है पर वो भूल गए कि ये रौब नही … आपने बच्चे की ग्रोथ को ही रोक दिया … बात बात पर ये कहने से उसमे भयंकर रुप से कॉम्पलेक्स आ गया..

 

अब प्रश्न ये उठता है कि आखिर डरातें हैं पेरेंट्स  इसमे कोई शक नही कि कुछ बच्चे होते हैं बहुत जिद्दी या शरारती जिन्हें संभालना बहुत मुश्किल होता है, जो कोई भी बात जल्दी नहीं सुनते. लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि आप उनके मन में बेवजह के डर भर दें.

अक्सर समझदार पैरेंट्स की सोच होती है कि अगर बच्चों को डराएंगे नहीं, तो वे उनकी बात नहीं मानेंगे.

और वो अपने डर को दूर भगाने के लिए वे बच्चों के मन में डर डाल देते हैं, जो बिल्कुल ग़लत है.

एक बात बताईए … अच्छे समझदार पेरेंट्स निडर बनाते हैं या डरपोक ??

पर आप तो बच्चे को ख़ुद डरना सिखा रहे हैं इसलिए ऐसे उदाहरण देकर डराना बंद कीजिए

आप समझदार बनें क्योकि इसके रिजल्ट बहुत खराब होंगे

क्या होगा कि ऐसे डर के कारण बच्चों के मन में असुरक्षा की भावना घर कर जाती है, जो उनके व्यक्तिगत विकास में बाधा बन सकती है. ग्रोथ पर असर पडता है
आत्मविश्वास कम होता जाएगा … हर समय डरे सहमें रहेंगें दूसरे बच्चें मजाक बनाएंगें …

हीन भावना आ जाएगी

क्लास में भी चुप चुप रहेंगें डर के कारण स्कूल की एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने से कतराते हैं, जिसका सीधा असर इनके व्यक्तित्व पर पड़ता है

बच्चों के मन में कई ग़लत धारणाएं बैठ जाती हैं, जिसका उनकी सोच पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है

तो क्या करना चाहिए …

पैरेंट्स को यह बात समझनी होगी कि डर दिखाकर क्या बच्चा वो काम कर रहा है अगर नही कर रहा तो डराने का भी कोई फायदा नही … इसलिए संयम से और प्यार से काम लें
प्यार से जो काम आप करवा सकते हैं, वो डर से कभी नहीं हो सकता.
डर एक बाहरी दबाव है और आप बच्चे को चाहे जितना भी डराएं, जब तक उसके मन में उस काम को करने की इच्छा नहीं होगी, वह उसे नहीं करेगा

तो डराने की बजाय प्यार से समझाएं
क्योंंकि बडे  होने पर भी बच्चों के मन से यह डर निकलेगा

प्यार से अपने बच्चे की बात सुनें और समस्या को दूर करने की कोशिश करें.

बच्चे अगर कोई काम नही कर रहा आनाकानी कर रहा है तो उस के व्यवहार को समझने की कोशिश करें गहराई तक जाने की कोशिश कीजिए

बच्चे को समय दीजिए और बच्चे को प्रोत्साहित करें. पर डराना  या दूसरों के सामने  मजाक न बनाएं

तो अब हाऊ कोई नही … सूई का तो डर होता ही नही … कोई अंधेरा कमरा नही … आत्मविश्वास भरिए पर  डराना मना है

छोटे बच्चों की  पढ़ाई  को तनाव न बनाएं मदर्स – Parenting Tips in Hindi

 

August 24, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों के लंच बॉक्स में क्या दें – Kid Lunch Box Ideas For School – बच्चों का टिफिन के हेल्दी आईडियाज –

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

छोटे बच्चों के लंच बॉक्स में क्या दें – Kid Lunch Box Ideas For School – बच्चों का टिफिन के हेल्दी आईडियाज – छोटे बच्चे के टिफिन लंच बॉक्स में क्या दें कि वो healthy  भी हो और वो खा भी ले …यानि टिफिन का खाना खत्म कर दे… बहुत सारी मदर्स ने ये मैसेज करके  पूछा है और यकीन मानिए मुझे बहुत खुशी हुई .. खुशी इस बात की हुई कि कम से कम पढाई से हटा ध्यान और अब सेहत पर तो आया  तो .. इसके लिए आप सभी मदर्स बधाई स्वीकार करें .. तो हम आते हैं लंच बॉक्स पर …

छोटे बच्चों के लंच बॉक्स में क्या दें – Kid Lunch Box Ideas For School

मुझे याद आता है अपना जब मैं छोटी थी यानि 5 क्लास का तो याद है मम्मी टिफिन में सब्जी और  परांठा देते थे . मेरी एक सहेली गांव से आती थी और वो अचार लाती थी हर रोज .. आम का अचार और मैं उसे सब्जी देकर अचार ले लेती थी … वाकई बहुत टेस्टी होता था वो …

चलिए बात हो रही है छोटे बच्चों को क्या दें .. टिफिन देने से पहले ये सोचना ज्यादा जरुरी है कि

हमारा  लंच बॉक्स कैसा हो ? 

इसके लिए टिफिन / लंचबॉक्स बॉक्स साफ़-सुथरा आकर्षक-सा लंच बॉक्स भी अच्छा होना चाहिए ..

रंग बिरंगा स्टीकर वाला हो तो बच्चा और खुश होता है …

कई बार हम सस्ते के चक्कर में ऐसा टिफिन खरीद लेते हैं जिससे प्लास्टिक की smell  आती रहती है तो वो न हो …

और ऐसा भी न हो जिसे बच्चा खोल ही न पाए ..

ख़रीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि टिफिन ऐसा हो, जिसे बच्चे आसानी से खोल व बंद कर सकें.

खाने की अच्छी packing भी भूख बढा देती है इसलिए आकर्षक अंदाज में पैक करे ..  छोटा towel  या पेपर नैपकिन देना न भूले

अब बात आती है कि

खाना कैसा हो

सबसे जरुरी है कि खाना बच्चे की पसंद का हो … अगर उनकी मनपसंद नही होगा तो नही खाएगा ..  या दोस्तों का खाएगा या खरीद कर कैंटीन से लेंगा  .. इसलिए पसंद का हो

ये भी जरुरी है कि हर रोज अलग अलग दें ताकि बच्चे का टेस्ट बना रहे और बोर भी न हो …

खाना टेस्टी, easy to eat  वाला होना चाहिए और हैल्दी, पौष्टिक होना तो बहुत जरुरी है..

बच्‍चों के लंच बॉक्‍स में ज्‍यादातर सूखी चीजें रखनी चाहिए, ताकि उन्‍हें खाने में  आसानी रहे। मिल्क आईटम खराब होने वाली चीज नही दें
आलू का कटलेट या टिक्की बच्चों को बहुत पसंद होती है शलो फ्राई हो.

कई बच्चे पाव भाजी भी बहुत शौक से खाते हैं …bacho ka healthy lunch box

बच्चों को इडली भी दी जा सकती है..

सैंडविच भी अलग अलग दिए जा सकते हैं पनीर का हो या पत्ता गोभी का ..

ओट्स का बेसन का या मूंग की दाल का पूडा या जिसे चिला बोलते हैं वो भी दिया जा सकता है …

भरवां परंठा भी बच्चे बहुत शौक से खाते हैं रोल मोल करके आराम से खा सकते हैं क्योकि खेलना भी होता है इसलिए

पुलाव  भी दे सकते हैं प्याज का मटर का मिक्स … या जो पसंद हो राजमा का भी बहुत शौक होता है तो राजमा वैसे देंगें तो करी बिखरने का डर रहता है तो चावल के साथ मिक्स करके दे सकते हैं …

सलाद भी देना चाहिए .. उसे अलग अलग शेप्स, डिजाईन से बिनारा हुआ हो तो और अच्छा लगता है …

अंकुरित दाल में बहुत पौष्टिक होती है और बच्चों को पसंद भी होती है …

कुछ बातें …

कभी कभी पेपर नैपकिन पर स्माईली फेस बना देना चाहिए और कई बार लव यू लिख देना चाहिए … बच्चे को बहुत अच्छा महसूस होता है … और प्यार जातने के लिए कभी कभी चाकलेट भी रख देना चाहिए और ये बोल देना चाहिए कि खाने के बाद ही लेना प्लीज …

वैसे स्कूल का भी बहुत रोल रहता है कई स्कूल्स में बच्चों के टिफिन पर भी बहुत ध्यान देते हैं और बच्चों को वैराईटी लाने का बोला जाता है … जोकि अच्छी बात है इसी बहाने बच्चे खा भी लेते हैं

तो ये हैं कुछ टिप्स … आप बताईए अगर आपके पास हैं तो … आपके कमेंटस का मुझे इंतजार रहेगा और

छोटे बच्चों के लंच बॉक्स में क्या दें – Kid Lunch Box Ideas For School

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August 23, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Power Of Positive Thinking In Hindi – सकारात्मक सोच की शक्ति

Life of a Teenager

Power Of Positive Thinking In Hindi – सकारात्मक सोच की शक्ति – हमारी जिंदगी, हमारी  personality का अहम हिस्सा है.. हमारी सोच हमारे thoughts …  सोच positive  हो तो हमारा नजरिया बदल सकती है और negative  हो तो भी सारा नजरिया बदल सकती है…

Power Of Positive Thinking In Hindi – सकारात्मक सोच की शक्ति

मैं आपको दो बातें बताना चाहूंगी जो मैंनें देखा और महसूस किया … हुआ ये कि कल दिल्ली गए हुए थे और सडक पर भारी jam … पैदल वाला व्यक्ति भी हमसे आगे बहुत आगे निकल गया …

मैं कहने लगी कि कैसे लोग हैं कैसे रहते हैं क्या लाईफ है … तभी अचानक एक सायरन की आवाज आई .. पीछे मुड कर देखा तो लगा ambulance है … मैं सोच रही थी कि क्या इसे रास्ता मिलेगा … और देखते ही देखते ambulance हमारे आगे निकल गई …

इतनी खुशी हुई देख कर और अचानक मेरी सोच बदल गई कि वाकई बहुत अच्छे लोग है … हालाकि जिन लोगो ने ambulance को रास्ता दिया इन्होनें उसके पीछे अपनी कार लगा ली कि इसी बहाने जल्दी निकल जाएगें पर बडी बात ये थी कि रास्ता दिया …

 

अचानक मेरे negative सोच पॉजिटिव हो गई …

और एक बात हुए कि कल एक हॉस्पेटिल में जाना हुआ .. वहां एक आदमी प्रसाद बांट रहा था.. और बोले जा रहे थे कि सब ठीक होगा … आप चिंता मत करो … उन्होने बताया जब वो दो दिन पहले आए थे तो उनके रिश्तेदार बहुत सीरियस थे … वो उदास बैठे थे तभी किसी ने प्रशाद दिया और बोला सब ठीक हो जाएगा … आप चिंता मत करो … उस दिन के बाद से उनके रिश्तेदार की सेहत में सुधार होना शुरु हो गया..

बस अब यही काम मैं कर रहा हूं … ना जाने किस की दुआ असर कर जाएं.. तो ये बात है सोच की जिसकी मैं बात कर रही हूं उस समय जितने भी लोग बैठे थे अपने अपने मरीज के लिए सबके मन में उसके लिए दुआए ही निकली ..

वैसे जब हम बहुत परेशानी में हो दुख में हो तो किसी का ये कहना कि चिंता मत करो मैं हूं ना … एक mental support मिलती है ना मानसिक समर्थन उसका दर्जा बहुत ज्यादा होता है जोकि हमारी सोच का नजरिया ही बदल देता है …

इसी बारे में एक कहानी भी लिखी थी और मैंने एक वीडियो में सुनाई थी ..

एक कहानी सकारात्मक सोच पर

कहानी कुछ ऐसे थी कि एक आदमी के पास उसके दोस्त की पत्नी का फोन आता है कि भाई साहब … आपके दोस्त को आपकी मदद की बहुत जरुरत है … ये फोन बहुत साल बाद आया होता है और उसके दोस्त की पत्नी की आवाज बहुत उदास लग रही थी … उसके मुंह से अचानक निकलता है कि चिंता मत करो … मैं हूं ना और बायह कह कर उसने फोन तो रख दिया पर सोचने लगा कि हमारी पैसे की तंगी चल रही है… अगर उन्हें पैसे की जरुरत हुई तो कैसे मदद कर पाएगा …क्योकि उसके परिवार का खर्चा भी बहुत था इसलिए फोन पर बात करने के बाद वो ये सोच कर परेशान हो गया कि आर्थिक तंगी के चलते वो उनकी मदद कैसे कर पाएगा.

इस बीच में वो खुद बात नही करते और कुछ समय बाद फिर फोन आता है … दोस्त की पत्नी का और वो बहुत खुश … कि भाई साहब आपका बहुत बहुत धन्यवाद … अब वो हैरान कि मैंने कुछ किया ही नही … तब वो बताती हैं कि हमें उस समय mental support चाहिए था और वो आपने दिया … फिर वो बताती है कि उन्हें नशा छुडवाना था …

हमे बस एक mental support चाहिए कि हमारे साथ हमारे अपने खडे हैं … आपका ये कहना कि चिंता मत करो … हमारे लिए यही बहुत बडी बात थी… अब इन्होनें नशा छोड दिया है और बहुत जल्दी आपसे मिलने आएगें …

एक positive सोच कितना असर डाल सकती है … अगर वो दोस्त मना कर देता … तो क्या हो सकता था … इसलिए अपनी सोच हमेशा पोजीटिव रखनी चाहिए … दूसरो पर तो फर्क पडता ही है पर हम भी अच्छे इंसान बनते हैं . जरुर सोचिएगा और अगर आपके पास भी ऐसे की कुछ positive सोच वाले उदाहरण हो तो जरुर बताईएगा …

Power Of Positive Thinking In Hindi – सकारात्मक सोच की शक्ति

August 21, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

छोटे बच्चों की  पढ़ाई  को तनाव न बनाएं मदर्स – Parenting Tips in Hindi

बच्चों के लिए अच्छी आदतें

छोटे बच्चों की  पढ़ाई  को तनाव न बनाएं मदर्स – Parenting Tips in Hindi – आज मैं सिर्फ मदर्स से बात करुंगी… और मेरी रिक्वेस्ट है कि छोटे छोटे बच्चों की पढ़ाई को तनाव न बनाएं … कितने मैसेज आते हैं कि बच्चा होमवर्क नही करता, बच्चा लिखता नही , बच्चे का पढाई में मन नही लगता …  इसके इलावा कुछ नही … बस पढ़ाई पढ़ाई पढ़ाई … यही चाहिए आपको …

छोटे बच्चों की  पढ़ाई  को तनाव न बनाएं मदर्स

कल वीडियो देखी वो शायद वायरल भी हो गई थी उसमें एक महिला अपनी बच्ची को मार कर गुस्से से पढा रही है और 5 या 6 साल की बच्ची होगी वो बुरी तरह घबराई हुई थी … जोर जोर से रो रही थी और बोल रही थी प्यार से पढाना प्यार से पढाना … उस बच्ची के अंदर इतना गुस्सा भरा हुआ था कि मेरे लिए बताना भी मुश्किल है … अगर वाकई मे ये सच थी तो बहुत गलत बात है और अगर वायरल करने के लिए इस खबर को बनाया गया तो और भी बुरी बात है …

 

मुद्दा सिर्फ पढाई ही है

अगर भगवान से भी मांगना हो तो यही मांगेगी कि पढ़ाई ही करे बस .. और कुछ नही … चलिए मान लीजिए भगवान आपकी इच्छा पूरी कर देते है … उसकी जिंदगी में बस पढ़ाई ही है … न खेल न कोई एक्टिविटी  न कुछ … वो बोल भी नही पाता सही से … किसी से नजर मिला कर बात भी नही कर पाता … पर आपको कुछ नही चाहिए सिर्फ पढ़ाई ही चाहिए… फिर क्या करेगी … न उसे कहीं नौकरी मिलेगी न कोई पसंद करेगा और न कोई शादी के लिए आगे आएगा … अब क्या ??

एक बहुत बडा प्रश्नवाचक होगा आपके सामने … सिर्फ पढ़ाई ही सब कुछ नही है.. अगर पढ़ाई  में चाहते हैं कि बच्चा मन लगाए तो उसे खेलने दें , शरारत करने दें …फिर देखिए उसका पढाई के प्रति उत्साह … फ्लेवर जिंदगी में नही होगा तो बहुत बोर लगती है.. आप बच्चे की जिंदगी को जायकेदार बनाईए … असल में तनाव वाली बात उतनी होती नही जितना हम बना लेते हैं …

मैं आपको एक बात बताती हूं … एक दिन एक टीचर ने बच्चों को कहा कि आज मैं एक टेस्ट ले रहा हूं , surprise test…  students  घबरा गए…  कुछ किताबों के पन्ने पलटने लगे तो कुछ सर के दिए notes जल्दी-जल्दी पढने लगे ।

कोई फायदा नही … “ये सब कुछ काम नहीं आएगा….”, और मुस्कुराते हुए बोले, “मैं Question paper आप सबके सामने रख रहा हूँ, जब सारे पेपर बट जाएं तभी आप उसे पलट कर देखिएगा”  पेपर बाँट दिए गए ।“ठीक है ! अब आप पेपर देख सकते हैं, प्रोफेसर ने निर्देश दिया ।अगले ही पल  सभी Question paper को निहार रहे थे, पर ये क्या ?  इसमें तो कोई प्रश्न ही नहीं था…  था तो सिर्फ वाइट पेपर पर एक ब्लैक स्पॉट!ये क्या सर ?  सफेद कागज पर एक ब्लैक स्पाट था … इसमें तो कोई question ही नहीं है,

एक छात्र खड़ा होकर बोला ।प्रोफ़ेसर बोले, “जो कुछ भी है आपके सामने है ।  आपको बस इसी को एक्सप्लेन करना है… और इस काम के लिए आपके पास सिर्फ 10 मिनट हैं…चलिए शुरू हो जाइए…”स्टूडेंट्स के पास कोई चारा नहीं था…वे अपने-अपने answer लिखने लगे समय ख़त्म हुआ, प्रोफेसर ने answer sheets collect की और बारी-बारी से उन्हें पढने लगे ।लगभग सभी ने ब्लैक स्पॉट को अपनी-अपनी तरह से समझाने की कोशिश की थी, लेकिन किसी ने भी उस स्पॉट के चारों ओर मौजूद white space के बारे में बात नहीं की थी ।प्रोफ़ेसर गंभीर होते हुए बोले, “इस टेस्ट का आपके academics से कोई लेना-देना नहीं है और ना ही मैं इसके कोई मार्क्स देने वाला हूँ….

इस टेस्ट के पीछे मेरा एक ही मकसद है ।  मैं आपको जीवन की एक अद्भुत सच्चाई बताना चाहता हूँ…देखिये… इस पूरे पेपर का 99% हिस्सा सफ़ेद है…लेकिन आप में से किसी ने भी इसके बारे में नहीं लिखा और अपना 100% answer सिर्फ उस एक चीज को explain करने में लगा दिया जो मात्र 1% है… और यही बात हमारे life में भी देखने को मिलती है… समस्याएं हमारे जीवन का एक छोटा सा हिस्सा होती हैं, लेकिन हम अपना पूरा ध्यान इन्ही पर लगा देते हैं…

होमवर्क  बच्चे की पढाई अगर टेंशन हटा कर सोचेगें तो समझ भी आ जाएगी और हल भी निकल जाएगा .. हम बच्चे की पढाई को लेकर रोते हैं ये नही सोचते हमारे पास बच्चा है बहुत लोगो के पास तो वो भी नही … हमें भगवान ने पढा लिखा बनाया है ना जाने कितने अनगिनत लोग अनपढ रह जाते हैं जरा नजर उस सफेद पेपर भी डालेंगें तो बहुत कुछ नजर आएगा … जरुरत है टेंशन से बाहर निकलने की

जरुरत है आराम से पैशेंस रख कर प्यार से पढाईए … बच्चे में इंटर्स्ट बनाईए … किसी भी तरह … आप बच्चे को बेहतर जानती हैं ... पढाना एक पेचीदा काम है। इसमें महारत हासिल करने के लिए काफी वक्‍त और मेहनत लगती है।

पर आप कर सकती हैं … वो इसलिए कि बच्चे को मार कर आप खुश नही होती … इसलिए बातईएगा कि आपने बच्चे के सथ किस तरह हैंडल किया .. असल में कई बार परेशानी या तनाव उतना बढा नही होता जितना हम बना लेते हैं

August 19, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How To Overcome Failure – जीवन में असफलता का कैसे सामना करें

How to Overcome Failure

How To Overcome Failure – जीवन में असफलता का कैसे सामना करें.   How to cope up with failure in life.  देखिए जिंदगी में ऐसा बहुत बार होता है … किसी न किसी रुप में … हम सभी के साथ होता है. जिंदगी में कभी न कभी असफलता से सामना हो जाता है तो क्या करना चाहिए जब ऐसे पल सामने आएं तो क्या करना चाहिए..एक बार सफलता न मिलने पर क्या हमें उदास हो जाना चाहिए अपने आपको कोसना चाहिए .. हार जाना चाहिए … एक कमरें में खुद को बंद कर लेना चाहिए .. खाना पीना छोड देना चाहिए … या क्या करना चाहिए … ये नही तो क्या करना चाहिए.

How To Overcome Failure – जीवन में असफलता का कैसे सामना करें

कल एक जानकार मिली … बहुत उदास थी…  असल में उसने एक जॉब के लिए इंटरव्यू दिया था और उसमें वो रह गई और वो सोचने लगी है कि वो किसी काम की नही … उसमे कोई capability नही .. क्या ये सोच सही है …

तो क्या करना चाहिए .. क्या सोच रखनी चाहिए…

 

 

स्वीकार कर लेना चाहिए 

सबसे पहले तो स्वीकार कर लेना चाहिए कि हां, मैंने मेहनत की और सफल नही हो पाई .. कई बार हम किस्मत को दोष देना शुरु कर देते हैं पर किसी को दोष देना कि किस्मत सही नही थी या कुछ भी … मान लेना चाहिए कि मैं 100% नही दे पाई … पर ये भी नही सोचना की मैं अब काबिल ही नही रही … गलत है

खुद को समय दीजिए … analyze कीजिए

आत्ममंथन होता है ना उसलिए कि ये क्या हुआ कैसे हुआ … क्यो हुआ.. रोना आए तो रो भी देना चाहिए …

अब मान लिया कि नही हुए सफल … !!  शांत रह कर   सामना कीजिए .. !!

सामना कीजिए ..

फिर अपना मनोबल,  अपनी हिम्मत  नही खोना चाहिए … घबराएं नहीं .. बल्कि सामना कीजिए और सहजता से स्वीकार कीजिए कि कोई बात नही शायद इससे अच्छा कुछ मेरा इंतजार कर रहा है

अच्छे पॉजिटिव लोगो के साथ रहना चाहिए

ऐसे में सबसे जरुरी है कि अच्छे पॉजिटिव लोगो के साथ रहना चाहिए … जो नकारात्मक बात मन में भर रहे हो चाहे वो रिश्तेदार ही क्यों न हो … उनसे दूर ही रहना चाहिए ज्यादा बात नही करनी चाहिए कोई न कोई बहाना बना कर उनके सामने से हट जाना चाहिए.

ये वक्त गुजर जाएगा

समय सदा एक सा नही रहता  – ये वक्त गुजर जाएगा… ये सोच रखनी चाहिए कि.. ये समय भी गुजर जाएगा और अच्छा समय भी जल्दी आएगा..

असफलता ही सफलता की सीढ़ी

असफलता ही सफलता की सीढ़ी है  असफलताएँ हो या कोई  गलती अक्सर blessings वरदान ही होती हैं,,  इतिहास भी भरा पडा है कि लोग पहले कैसे असफल हुए और फिर  कैसे शानदार सफलता के साथ लौटे ऐसे लोगो के बारे में पढ कर एक प्रेरणा मिलती है.. ..

अगर हम किसी वजह से असफल हुए हैं तो हमें कारण पता लगाना चाहिए .. अपनी कमी का पता लगा कर उसे सुधारना चाहिए ताकि अगली बार ये कमी न रहे…

किसी क्रिएटिव बात में ध्यान लगाना चाहिए और आगे की सोच रखनी चाहिए..  पुरानी बातों और भविष्य की चिंता में समय व्यर्थ न करें और वर्तमान में ध्यान केंद्रित करें।

प्रयास करना नही छोडना चाहिए

जिंदगी हर कदम एक नई जंग है प्रयास करना नही छोडना चाहिए …

जिंदगी ढेरों अवसर देती है
हर दिन के साथ जिंदगी आपको अनगिनत मौके देती है; आपको बस उन्हें पहचानने और उनका सबसे अच्छा इस्तेमाल करने के लिए प्रयासरत होना पड़ेगा।

हर अगला दिन नई उम्मीद नया विश्वास लेकर आएगा

ये सोच रखनी चाहिए कि  अगला दिन जरुर नयी उम्मीदों के साथ आएगा

जरुरत है खुद से वायदा करने की कि मैंनें हार नही माननी…

याद रखिये कठिन परिस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं और कुछ डट कर मुकाबला करते हैं और टूटते नही हैं बल्कि रिकॉर्ड ही तोड देते हैं

हिम्मत हार के बैठना ये हमें मंजूर नही बेशक मंजिल दूर है हमसे पर हम मंजिल से दूर नही

आप बताईए आप क्या सोचते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए कि मनोबल बना रहे …

 How To Overcome Failure – जीवन में असफलता का कैसे सामना करें

August 18, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

Spend Time With Your Children – Parent Child Relationship – बच्चों के संग समय बिताएं

Monica Gupta

Spend Time With Your Children – Parent Child Relationship – बच्चों के संग समय बिताएं  – Time is the most valuable thing a man can spend. परिवार को समय देना कितना जरुरी है … जब परिवार को समय देने की बात आती है तो हम अक्सर कहते मिल जाते हैं कि परिवार के साथ तो सारा दिन ही रहते हैं  या उन्ही के लिए तो कमा रहे हैं … क्या उतना काफी नही है … वहीं कुछ कहते हैं कि भई तो समय देते हैं बाहर धूमने भी जाते हैं … पर क्या वाकई … हम समय देते हैं ?? spend time with your children

Spend Time With Your Children – Parent Child Relationship – बच्चों के संग समय बिताएं

बात कुछ दिन पहले की है

जब एक जानकर अपने परिवार के साथ हिल स्टेशल पर धूमने गए हुए थे और खूब सारी फोटो अपलोड की हुई थी फेसबुक पर और  साथ ही साथ लाईव भी चल रहा था.. जहां जा रहे थे वहां की फोटो डाल रहे थे … उनके दोस्त भी कमेंटस लिख रहे थे और वो भी जवाब दे रहे थे …तीन दिन बाद जब वो वापिस आए और मेरा उनसे मिलना हुआ  तो उनका बेटा जो दस 11 साल का मैंने पूछा कि कैसा लगा हिल स्टेशन … वो बोला एकदम बोर … अब मैं कभी नही जाऊंगा पापा मम्मी के साथ …

मेरे हैरानी से पूछ्ने पर उसने बताया कि सारा समय फेसबुक पर ही लगे रहे फोटो डालते रहे … लाईव वीडियो बनाते रहे … फिर हर किसी के कमेंट का जवाब भी देते रहे … बहुत बोर हुआ मैं …

 

इससे अच्छा तो जाता ही नही …

हैरानी इस बात की हुई कि पैरेंटस अपनी गलती मानने की बजाय उल्टा बेटे को गुस्सा करने लगे … कि आगे तो हमें भी नही जाना … एक तो इतने पसे खर्च करके घुमाने ले जाओ और ऊपर से सुनो भी … बच्चा गुस्सा होकर अंदर कमरे में चला गया… मैं भी चुपचाप घर लौट आ

और मुझे एक अपने मित्र की याद आई वो शाम को जब भी घर जाते हैं मोबाइल स्विच ऑफ कर देते है … जो बहुत खास है जिन्हें उनके घर का नम्बर पता है वो तो बात कर लेते हैं बाकि दूसरे नही … वो इसलिए कि उनका कहना है कि परिवार की तरफ ध्यान मेरा मेरी प्रमुखता है … उनही के लिए कमा रहे हैं तो उनके लिए समय तो निकालना ही निकालना है और आज जब भी बच्चों के साथ मिलते हैं ऐसा लगता है कि वो चारो दोस्त है … उनके दो बच्चे हैं भाई बहन … तो जरुरत इस बात की है कि हम अपने परिवार के साथ समय बिताए …

जितना मिले उसी में … देखिए हम सभी जानते हैं आज सभी बहुत बिजी हैं इसलिए दिन में बेशक दस या 15 मिनट ही सही जरुर समय बिताना चाहिए.. ब्रेक फास्ट या लंच में तो सम्भव नही पर डिनर पर तो समय निकाल ही सकते है

या फिर डिनर से पहले …

आपके सुविधा अनुसार … वीकेंड पर परिवार के साथ घूमने जा सकते हैं पर  पर मोबाईल का विशेष ख्याल रखें उसे एक हद में रह कर ही इस्तेमाल करें तो अच्छा रहेगा …

अब बात आती है कि फायदा क्या होगा परिवार के साथ समय बिताने से क्या लाभ होगा …

देखिए पैरेंटस  अपने बच्चों को एक अच्छा भविष्य देना चाह्ते हैं अच्छा इंसान बनाना चाह्ते हैं

समय देंगें तो बच्चेंं अपने अनुभव अच्छी बुरी बातें शेयर करेंगें … देखिए अगर हम बच्चों के साथ नियमित समय बिताएगें तो बच्चे भी खुल कर अपनी बात शेयर करेंगें उससे उनके माईनस या प्लस पोईंट सामने आयेगें और उनकी हैजीटेशन खुल जाएगी ..तो पैरेंटस का समय उन्हें एक बहुत अच्छा इंसान बना सकता है … क्योकि जितना अच्छा वो बच्चे के बारें मे सोच सकते हैं उतना कोई नही सोच सकता …

और एक अच्छी बात ये कि स्ट्रेस हॉर्मोन्स का स्तर कम होता है … शोधकर्ताओं से पता चला है कि परिवार के लोगो का एक साथ बैठ कर बात करने से स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर कम हो जाता है और हैप्पीनैस वाले कैमिकल का स्तर बढ जाता है

खाने की आदत में बदलाव होगा एक सर्वे के मुताबिक लोगों का मानना है कि परिवार के साथ समय बिताने वालों की लाइफ़स्टाइल अधिक सेहतमंद होती है। उनमें पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करने की आदत का विकास होता है।

संकोची नहीं बनेंगे

हमारी नेचर में सुधार होता है… मानसिक सेहत अधिक बेहतर होती है.. खुल कर बात करेंगें

बच्चा आपको और आप बच्चे को अच्छा समझ सकेंगें … कुछ मदर्स सोच रही होगी क हम तो देते ही हैं क्ववालिटी टाईम सारा दिन घर पर ही रहते हैं … पर ऐसा टाईम नही बल्कि ऐसा टाईम जब आप और बच्चे ही हों न टी न मोबाईल न कोई और ऐसा करने पर आप बच्चों में छिपी खास बात या टेलेंट को भी परख पाएगें … और उन्हें उत्साहित कर पाएग़ें …

कई बार नेट पर भी बहुत अच्छा कुछ पढने को मिल जाता है..

एक मदर पार्टी  में जाने के लिए तैयार हो रही थी बहुत छोटी सी बच्ची ने अपनी मम्मी से पूछा, “क्या वो कभी अपना रुपयों से भरा पर्स maid के पास छोड सकती हैं”. मम्मी ने लिपस्टिक लगाते हुए बोला पर्स और maid के पास !!! बिल्कुल नही! मतलब ही नही! सवाल ही नही! फिर बच्ची ने बहुत मासूमियत से पूछा, ” फिर “मुझे” maid के पास कैसे छोड सकती हो!!

जरुर सोचिएगा इस बारे में… वैसे आपके क्या विचार हैं इस बारे में जरुर बातईएगा आपके कमेंटस का इंतजार हमेशा ही रहता है…

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बेवक़्त अगर जाऊँगा, सब चौंक पड़ेंगे इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा.

ये पक्तियां बताती हैं हमारी व्यस्तता को कि हम कितने व्यस्त हैं .. पर  निकलिए … अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए …

Spend Time With Your Children

August 17, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

How to Overcome School Phobia – जब बच्चा स्कूल न जाना चाहे तो पैरेंट्स क्या करें

Monica Gupta

How to Overcome School Phobia – जब बच्चा स्कूल न जाना चाहे तो पैरेंट्स क्या करें  – बहुत सारे पैरेंट्स के मैसेज आते हैं कि बच्चा छोटा है स्कूल नही जाना चाहता … क्या करें …  क्या ये वाकई में फोबिया है या हम बना लेते हैं . वैसे देखा जाए जितनी गम्भीर समस्या हम मान लेते हैं उतनी होती नही … हम सभी इस स्टेज से गुजरें हैं .. !!

How to Overcome School Phobia – जब बच्चा स्कूल न जाना चाहे तो पैरेंट्स क्या करें

चलिए एक बात आपसे पूछ्ती हूं मान लीजिए एक मदर यह कहती है … अच्छा है स्कूल जाना शुरु करेगा … आराम मिलेगा मुझे …जब टीचर सम्भालेगी इसे .. तब पता चलेगा..  सारा दिन मेरा दिमाग खराब करके रखता है .. और बच्चा अपनी मम्मी की बात सुन रहा है …

वहीं एक मदर कुछ नही कहती बस उसकी आखें छ्लछ्ला गई कि बच्चा स्कूल जाएगा … उससे दूर हो जाएगा … और अपने बच्चे को जोर से गले लगा लेती है … तो कौन सी मम्मी सही लगी ??

दोनों ही सही नही हैं .. दोनों जाने अंजाने अपने बच्चे के मन में नेगेटिव बात भर रही हैं.. छोटे से बच्चे के मन में पहले से ही डर बैठा रही हैं … इसलिए ना तो ये कहना चाहिए कि बच्चा चला जाएगा तो हम आराम करेगें या मैं तो रोऊंगी …

इसलिए जब बच्चा पहली पहली बार स्कूल जाना शुरु करें तो उसे घर का बहुत अच्छा माहौल दें … बातों बातों में उसे तैयार करें स्कूल के लिए

बहाने बनाना बच्चों की आदत होती है आप अपना सोचिए आप पैरेंट्स क्या करते थे बचपन में … क्या आराम से चले जाते थे …  क्या बहाना बनाते थे … मैं भी बनाती थी पेट दर्द का बहाना … और वजह मेरे पैरेंट्स को पता थी मैं तब बनाती थी जब अखबार वाला मैगजीन डाल जाता था जैसे कि लोटपोट अगर आई है तो पेट दर्द हो जाता था …  और किताब हाथ मे लेते ही दर्द गायब हो जाता ..

वजह जानिए

तो अब जरुरत किस बात ही है ?? जरुरत है कि कारण समझिए कि बच्चा स्कूल किसलिए नही जाना चाहता … किसलिए रोता है ..एक मम्मी से बात हो रही थी उन्होने बताया कि उनका बेटा रात को आराम से सोता पर सुबह जब उठाती तो और तैयार करती तो बहुत रोता बहुत ज्यादा रोता … दो दिन स्कूल नही भेजा और बातों बातों में पता लगा कि एक बच्चा हमेशा उसे च्यूंटी मारता है धक्का देता है इसलिए वो नही जाना चाहता फिर वो स्कूल गई बच्चे से बात की .. बच्चे की मम्मी से बात की उन्हें अपने घर बुलाया दोनो बच्चे अच्छे दोस्त बन गए … और उनका बेटा स्कूल जाने लगा … कहने का मतलब यही है कि हर समस्या का हल है हमारे पास …

क्लास  टीचर से खुल कर बात करें

अकसर पैरेंट्स में भी कॉम्प्लेक्स आ जाता है कि टीचर अंग्रेजी बोलती है हम बात नही कर पाएग़ें … वो भी इस बात को हौव्वा समझ लेते हैं… अपने अंदर से ये भावना हटाईए और बच्चे के भविष्य के लिए टीचर से खुल कर आत्मविश्वास के साथ बात करें …

स्कूल में होने वाली अच्छी अच्छी बातें बताएं … स्कूल के प्रति उत्साह बनाईए कि गेम्स होते हैं खूब सारे दोस्त होते हैं … खूब खेलने को मिलेगा … टीवी भी है मेम कहानियां सुनाती हैं.. पिकनिक पर ले जाते हैं आदि आदि

शुरु शुरु में ही दवाब नही बनाएं प्यार से हैंडल करें … कई माता पिता क्या कहते हैं कि स्कूल नही जाएगा तो कहीं चपरासी  का काम करेगा या ऐसे डराते हैं जोकि बिल्कुल गलत है

बच्चे से बात करें उसके स्कूल के दोस्तों के बारे में बात करें और दोस्तों को घर भी बुलाएं ताकि बच्चे आपस में घुलमिल जाएं

बच्चे की कमजोरी को हावी न होनें दें… कई बार बच्चा मोटा होता है या तोतला बोलता है किसी को चश्मा लग गया, किसी का रंग सांवला है  बच्चे उन्हें छेडते हैं ये भी वजह हो सकती है… इस बात को भी ईशू न बननें दें … टीचर को भी बोले कि स्कूल में उसका खास ख्याल रखें

स्कूल न मतलब सिर्फ पढाई और होमवर्क नही है उसे खेलने भी दें … उसके लिए स्कूल जेल न बनाएं …

वो कुछ भी छोटा से छोटा काम करके आएं तो उसे शाबाशी दीजिए … पीठ थपथाईए

थोडा समय दीजिए बच्चे को नई जगह जाकर कर एडज्स्ट होने में … आपके प्यार और दुलार से बहुत जल्द वो दिन भी आएगा जब वो खुशी खुशी स्कूल जा रहा होगा …पैरेंट्स को  थोडी पैशेंस खुद भी रखनी होगी …

August 16, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

मन को काबू करने के उपाय -How To Control Our Mind in Hindi

Monica Gupta

मन को काबू करने के उपाय- How To Control Our Mind – man ko kabu karne ke upay  – मन को कैसे कंट्रोल करें  … आज मन कर रहा है आफिस न जाए …  आज मन कर रहा है पकौडे  बनाए … आज मन कर रहा है shopping  पर जाएं

मन को काबू करने के उपाय – How To Control Our Mind in Hindi

मन की तो आदत होती है कि वह हमसे अपने अनुसार काम कराना चाहता है पर  सोचने वाली बात ये है कि हम  अपने मन की बात मानते हैं या मन हमारी बात मानता है और हमारे अनुसार काम करता है.. !!

वैसे कोशिश यही करनी चाहिए  कि मन के गुलाम न बनें… जिस दिन हम गुलाम बन गए … बस उस दिन से हमारा ग्राफ नीचे जाता जाएगा …  … तो कैसे करें मन को वश में ……

मन को काबू करने के तरीके How To Control Your Mind

सबसे पहले तो अपने आप से दोस्ती कर लीजिए … पक्की वाली ..

फिर लम्बी सांस लीजिए और आत्मविश्वास भरिए … संकल्प टाईप  कि जो मैंनें सोचा है उसे करना ही करना है …

अब खुद पर विश्वास कीजिए … बार बार ये समझाईए कि तुम कर सकते हो .. तुम स्मार्ट हो …

इन सब बातों के साथ साथ बहुत ज्यादा उत्तेजित नही होना खुद को शांत रखना है … क्योकिं आप जब किसी बात पर कंट्रोल करेंगें तो मन विरोध करेगा … फिर झुंझलाहट होगी …

हम क्या करते हैं कि एक दम से किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं तो जरा आराम से तसल्ली से

पॉजीटिव सोच रखनी है .. मन मे अगर विचार आए कि तुमसे नही होगा तू पकौडे पर कंट्रोल नही कर सकती … खाले खाले … तो अपना ध्यान वहां से हटा ले .. उसे डांट दे …

किसी अच्छी किताब या  टीवी पर यानि कही भी ध्यान लगा लीजिए .. लॉन में चले जाईए …

Yoga और Meditation तो है ही बेस्ट … उसका तो कोई मुकाबला ही नही …

खुद को busy रखें। इससे आप फालतू का नहीं सोचेंगे मन कार्य में लगा रहेगा।

इन सबके लिए प्लानिंग करके चलेंगें तो बहुत अच्छा रहेगा टारगेट एक गोल … …

Optimistic आशावादी बनें.. और आप कर सकेंगें और इस बातों का आपको एक फायदा ये होगा कि आप अच्छे इंसान बनने शुरु हो जाएगें लोग आपकी मिसाल देना शुरु कर देंगें … अब ये मत बोलिएगा कि आज मन नही कर रहा … कल से शुरु करता  हूं …

मन को काबू करने के उपाय – How To Control Our Mind in Hindi

August 15, 2017 By Monica Gupta Leave a Comment

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं – Independence Day Special – 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं – Independence Day Special – 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस – Swatantrata Diwas ki Shubhkamnaye…  बहुत गर्व और खुशी की बात है कि हम आजाद भारत में रह रहे हैं और हमें देश को और आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास करने होंगें …

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं – Independence Day Special – 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस

बहुत लोग तो इस दिशा में प्रयास कर भी रहे हैं पर कुछ लोगो की सोच है कि भारत में क्या रखा है कुछ नही हैं यहां हमारे एक जानकार भी यही सोच रखते हुए विदेश सैटल हो गए

मैंनें अपनी वीडियो में बार बताया भी था जब उनसे बात हुई तो उन्होनें बताया कि उनका दिल नही लग रहा वो वहां सैटल नही हो पा रहे.बेशक, जब वो जा रहे थे तो हमे भी लगा था कि वो कितने लक्की है वो लोग पर उनसे बात होने पर लगा कि असल में, भाग्यशाली तो हम है तो भारत में रहते और आसुंओ के साथ ये कविता बह निकली तो ये तो थी कविता …

पहली पहली बार,  विदेश जाने पर , अपने देश का मर्म जाना ,वो अपनापन , वो अहसास , वहां गुम थे

संस्कार हो चुका था , संवेदनाओ का  ……

बेशक हमें हमें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए, लेकिन अपने कर्तव्यों को भी नहीं भूलना चाहिये। कुछ अच्छा प्रण लेने के लिए आज का दिन बेस्ट है .. जरुर सोचिएगा … पहली पहली बार,  विदेश जाने पर , अपने देश का मर्म जाना ,वो अपनापन , वो अहसास , वहां गुम थे

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं – Independence Day Special – 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस

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